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सैकड़ों मिसाइलें दागने, हजारों की जान लेने के बाद बोले ट्रंप- 'मैंने लेबनान में युद्ध रुकवा दिया'

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ हुई बातचीत के बाद इसका ऐलान किया. इजरायल ने सीजफायर पर तो सहमति जताई है, लेकिन एक शर्त भी रखी है.

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17 अप्रैल 2026 (अपडेटेड: 17 अप्रैल 2026, 09:43 AM IST)
Israel Lebanon ceasefire
ट्रंप ने जोसेफ आउन (बीच में) और नेतन्याहू (बाएं) से बातचीत के बाद सीजफायर का ऐलान किया. (फोटो: रॉयटर्स)
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अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि इजरायल और लेबनान 10 दिन के सीजफायर पर सहमत हो गए हैं (Israel Lebanon Ceasefire). उन्होंने लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ हुई बातचीत के बाद इसका ऐलान किया. इस दौरान ‘क्रेडिटजीवी’ ट्रंप ने कहा कि उन्होंने दुनिया भर में 9 युद्ध सुलझाए हैं और यह उनका 10वां युद्ध होगा.

डॉनल्ड ट्रंप ने गुरुवार, 16 अप्रैल को ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में यह बात कही. उन्होंने कहा कि सीजफायर शाम 5 बजे EST (सुबह 3:30 बजे IST) से शुरू होगा. ट्रंप ने इसे दोनों पक्षों के बीच शांति प्रक्रिया की दिशा में पहला कदम बताया. उन्होंने बताया कि इस हफ्ते की शुरुआत में इजरायल और लेबनान के प्रतिनिधियों ने वॉशिंगटन में मुलाकात की. 34 सालों में यह उनकी इस तरह की पहली मुलाकात थी. यह बातचीत अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो की मौजूदगी में हुई.

Israel Lebanon ceasefire
(फोटो: ट्रुथ सोशल)

अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि उन्होंने वाइस प्रेसिडेंट जेडी वेंस, सेक्रेटरी रुबियो और जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन डैन केन को दोनों देशों के साथ मिलकर एक ज्यादा टिकाऊ समझौता करने का काम सौंपा है.

'दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत'

एक अलग पोस्ट में, डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि उनकी योजना नेतन्याहू और आउन को वाइट हाउस में बुलाने की है, ताकि 1983 के बाद से इजरायल और लेबनान के बीच पहली बार कोई सार्थक बातचीत हो सके. उन्होंने आगे कहा, “दोनों पक्ष शांति चाहते हैं और मुझे विश्वास है कि ऐसा होगा, और वह भी बहुत जल्द!” लेबनान में सीजफायर कराने और इस क्षेत्र में स्थायी शांति व स्थिरता लाने की कोशिशों के लिए राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने ट्रंप का धन्यवाद किया.

इजरायल ने रखी यह शर्त

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि वह लेबनान के साथ 10 दिन के अस्थायी युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं, ताकि कूटनीति को मौका मिल सके और अमेरिकी राष्ट्रपति की शांति की पहल को आगे बढ़ाया जा सके. 

एक वीडियो मैसेज में, नेतन्याहू ने कहा कि किसी भी स्थायी समझौते में ईरान-समर्थित हिजबुल्लाह समूह को खत्म करना शामिल होना चाहिए. उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि लड़ाई में रुकावट के बावजूद, इजरायली सैनिक दक्षिणी लेबनान में ही रहेंगे.

नेतन्याहू ने आगे कहा कि ट्रंप ने उन्हें ईरान पर वॉशिंगटन के सख्त रुख का भरोसा दिया है, जिसमें ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ की नाकाबंदी बनाए रखना और ईरान की न्यूक्लियर क्षमताओं को खत्म करने की दिशा में काम करना शामिल है.

ये भी पढ़ें: ईरान की लाल सागर वाली धमकी के बाद 'लाइन' पर आए ट्रंप, अब बोले- ‘खोलता हूं होर्मुज’

हिजबुल्लाह ने भी खींची ‘रेड लाइन’

हिजबुल्लाह ने कहा कि लेबनान की धरती पर इजरायली सैनिकों की मौजूदगी लेबनान और उसके लोगों को विरोध करने का अधिकार देती है. साथ ही इस बात पर जोर दिया कि किसी भी सीजफायर के तहत इजरायल को लेबनान के अंदर कहीं भी आने-जाने की आजादी नहीं मिलनी चाहिए. 

इस बीच, अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि अगर दोनों पक्ष सहमत होते हैं और बात आगे बढ़ती है, तो सीजफायर को बढ़ाया जा सकता है. इस सीजफायर के तहत, लेबनान की सरकार से यह उम्मीद की जाती है कि वह हिजबुल्लाह और अन्य गैर-सरकारी सशस्त्र समूहों को इजरायल के खिलाफ हमले करने से रोकने के लिए कदम उठाएगी. बयान में इस बात पर भी जोर दिया गया कि देश की संप्रभुता और राष्ट्रीय रक्षा की सुरक्षा के लिए केवल लेबनान के सुरक्षा बल ही जिम्मेदार होंगे.

वीडियो: एक तरफ इस्लामाबाद में शांति वार्ता, दूसरी तरफ इजरायल का लेबनान पर ताबड़तोड़ हमला

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