खतरे में ट्रंप की डील! इजरायल ने हमास पर सीजफायर तोड़ने का आरोप लगा गाजा पर एयरस्ट्राइक की
Israel और Hamas एक-दूसरे पर सीजफायर तोड़ने का आरोप लगा रहे हैं. इजरायल ने कहा है कि गाजा और मिस्र के बीच राफा बॉर्डर को अगले आदेश तक बंद रखा जाएगा. दोनों के बीच मृतक बंधकों के शवों की वापसी को लेकर भी तनातनी है.

इजरायल ने रविवार, 19 अक्टूबर को गाजा के राफा इलाके में एयरस्ट्राइक कर दी है. इससे अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की मध्यस्थता से इजरायल और फिलिस्तीनी संगठन हमास के बीच गाजा को लेकर हुई पीस डील खतरे में नजर आ रही है. अमेरिका और कुछ अन्य देशों की मध्यस्थता से इजरायल और हमास के बीच सीजफायर हुआ था.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल के सरकारी ब्रॉडकास्टर 'कान' ने बताया कि एयरफोर्स ने गाजा के दक्षिणी हिस्से राफा में हमला किया. हालांकि इजरायली सेना की ओर से इस हमले को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.
इससे पहले शुक्रवार, 17 अक्टूबर को इजरायली सेना ने कहा था कि राफा इलाके में कुछ हमलावरो ने सैनिकों पर फायरिंग की थी, हालांकि इसमें कोई सैनिक घायल नहीं हुआ था. इसके बाद सेना ने उसी दिन खान यूनिस इलाके में सैनिकों के पास आ रहे एक और 'हमलावर ग्रुप' पर अटैक किया.
इजरायली सेना ने कहा कि वो खतरा बनने वाले किसी भी लक्ष्य को खत्म करने की कार्रवाई करती रहेगी. इजरायल और हमास एक-दूसरे पर सीजफायर तोड़ने का आरोप लगा रहे हैं. इजरायल ने कहा है कि गाजा और मिस्र के बीच राफा बॉर्डर को अगले आदेश तक बंद रखा जाएगा.
इस बीच इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से कहा गया,
इसके साथ ही दोनों पक्षों में मृतक बंधकों के शवों की वापसी को लेकर भी तनातनी जारी है. इजरायल ने कहा है कि हमास को बाकी बचे 28 बंधकों के शव सौंपने चाहिए. हमास अब तक 20 जिंदा बंधकों और 12 मृतकों के शव लौटा चुका है.
हमास का कहना है कि बाकी शव मलबे के नीचे दबे हैं और उन्हें निकालने के लिए खास उपकरण और समय चाहिए. रविवार को हमास ने अमेरिकी विदेश विभाग के उस बयान को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि हमास जल्द ही सीजफायर का उल्लंघन करने वाला है. हमास ने जवाब में कहा कि ऐसे आरोप झूठे हैं.
यह सीजफायर डील अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की मध्यस्थता से 10 अक्टूबर 2025 को लागू हुई थी. इसका मकसद 7 अक्टूबर 2023 को हमास के इजरायल पर हमले से शुरू हुई गाजा युद्ध को खत्म करना था. इस युद्ध को दो साल से भी ज्यादा हो गए हैं.
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