Burning Bush: इजरायल में दिखने वाली खगोलीय घटना, जिसका जिक्र बाइबल में भी है
हर साल सैकड़ों लोग इस घटना को देखने आते हैं.
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दक्षिणी इज़राइल में नेगेव रेगिस्तान में स्थित कारकोम पर्वत पर विन्टर सॉल्स्टिस के कारण होने वाली 'बर्निंग बुश' घटना (साभार: न्यूयॉर्क टाइम्स)
इजरायल (Israel) का कारकोम पहाड़ (Mount Karkom) सदियों से अपने भीतर कई रहस्य छुपाए हुए है. ऊपर से नेगेव रेगिस्तान (Negev Desert) में इसकी लोकेशन और आसपास का सन्नाटे से भरा बियाबान इसे और भी रहस्यमय बना देता है. मिस्र और इजरायल की सीमा के पास स्थित ये पहाड़ यहूदी, ईसाई, इस्लाम और बहाई समेत कई धर्मों को मानने वाले लोगों के लिए बेहद खास है. पिछले कुछ हफ्तों से ये कारकोम काफी चर्चा में है.
दरअसल यहां हर साल 21 दिसंबर को विन्टर सॉल्स्टिस (Winter Solstice) के दिन लोग बड़ी संख्या में एक खगोलीय घटना को देखने आते हैं. इस घटना को बर्निंग बुश (Burning Bush) का नाम दिया गया है. खास बात ये कि इजरायल में इस खगोलीय घटना को बाइबल के पवित्र पहाड़ सिनाई (Mount Sinai) से जोड़ दिया गया, जिसके चलते कई इतिहासकार, आर्कियोलॉजिस्ट और वैज्ञानिक इजरायल के इस दावे पर अपने-अपने विचार पेश करते रहे हैं.
बर्निंग बुश को देखने के लिए जमा लोगों की भीड़. (साभार: न्यूयॉर्क टाइम्स)
'बर्निंग बुश' एक अद्भुत घटना! न्यूयॉर्क टाइम्स से जुड़ीं इसाबेल कार्शनर बताती हैं,
गुफा के मुहाने पर पड़ती सूरज की किरणे, इस घटना को ही 'बर्निंग बुश' कहा जाता है. (साभार: न्यूयॉर्क टाइम्स)
जिन्हें नहीं पता उन्हें बात दें कि बुक ऑफ एक्सोडस के मुताबिक मोसेस (जिन्हें मूसा भी कहते हैं) ने पवित्र पहाड़ पर पहली बार ईश्वर से बात की थी, इसके बाद उन्हें ईश्वर से कुछ आदेश मिले थे. उनकी मदद से मोसेस ने इजरायलियों को मिस्र से बचा कर बाहर निकाला था. इसी किताब के मुताबिक ईश्वर ने पहली बार एक जलती हुई झाड़ी यानी बर्निंग बुश के जरिए मोसेस से बात की थी.
ध्यान रहे बर्निंग बुश यहूदी, ईसाई, इस्लाम और बहाई सहित अन्य धर्मों में एक धार्मिक प्रतीक है, इसने असल में कभी आग नहीं पकड़ी थी. कारकोम और माउंट सिनाई का कनेक्शन करीब 50 साल पहले एक युवा इटालियन प्रोफेसर इमैनुअल अनाती (Emmanuel Anati) ने कारकोम पहाड़ पर कई खोज कीं. आज वे 90 साल के हैं. प्रोफेसर के मुताबिक समुद्र तल से ढाई सौ फुट ऊपर यहां उन्होंने हजारों केव पेंटिंग्स (Cave Paintings ) और कई कब्रों की खोज की. इन पेंटिंग्स में बाइबल की कहानियों और मोसेस को ईश्वर से मिली दस आज्ञाओं को दर्शाया गया है. इसके साथ ही उन्होंने 12 खंभों के एक ढांचे की भी खोज की. प्रोफेसर के मुताबिक ये 12 खंभे असल मे एक बलि की वेदी हैं जो असल में इजरायल की 12 मूल जनजातियों का प्रतिनिधित्व करते हैं.
Egypt की सीमा के पास स्थित कारकोम पहाड़ (साभार: न्यूयॉर्क टाइम्स)
लंबे समय तक प्रोफेसर इमैनुअल ने यहां रिसर्च कर किताबें लिखीं. प्रोफेसर अनाती यहां की जमीन की संरचना और आर्कियोलॉजिकल सबूतों के आधार पर दावा करते हैं कि बाइबल का माउंट सिनाई और इजरायल का कारकोम पहाड़ एक ही है.
वहीं इजरायल की तेल अवीव यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर इज़राइल फ़िंकेलस्टीन, प्रोफेसर अनाती के दावे से पूरी तरह सहमत नहीं हैं. वो कहते हैं, वहीं शहर शिलो नाम के एक शोधकर्ता कहते हैं कि ये तो देखने वाले पर निर्भर करता है कि वो कारकोम पहाड़ और विन्टर सॉल्स्टिस को माउंट सिनाई और बर्निंग बुश मानता है या नहीं. उनका कहना है कि हालांकि बर्निंग बुश सैकड़ों साल पुराना एक मिथक है जिसमें कोई दो राय नहीं है.
दरअसल यहां हर साल 21 दिसंबर को विन्टर सॉल्स्टिस (Winter Solstice) के दिन लोग बड़ी संख्या में एक खगोलीय घटना को देखने आते हैं. इस घटना को बर्निंग बुश (Burning Bush) का नाम दिया गया है. खास बात ये कि इजरायल में इस खगोलीय घटना को बाइबल के पवित्र पहाड़ सिनाई (Mount Sinai) से जोड़ दिया गया, जिसके चलते कई इतिहासकार, आर्कियोलॉजिस्ट और वैज्ञानिक इजरायल के इस दावे पर अपने-अपने विचार पेश करते रहे हैं.
बर्निंग बुश को देखने के लिए जमा लोगों की भीड़. (साभार: न्यूयॉर्क टाइम्स)
'बर्निंग बुश' एक अद्भुत घटना! न्यूयॉर्क टाइम्स से जुड़ीं इसाबेल कार्शनर बताती हैं,
गुफा के मुहाने पर पड़ती सूरज की किरणे, इस घटना को ही 'बर्निंग बुश' कहा जाता है. (साभार: न्यूयॉर्क टाइम्स)
जिन्हें नहीं पता उन्हें बात दें कि बुक ऑफ एक्सोडस के मुताबिक मोसेस (जिन्हें मूसा भी कहते हैं) ने पवित्र पहाड़ पर पहली बार ईश्वर से बात की थी, इसके बाद उन्हें ईश्वर से कुछ आदेश मिले थे. उनकी मदद से मोसेस ने इजरायलियों को मिस्र से बचा कर बाहर निकाला था. इसी किताब के मुताबिक ईश्वर ने पहली बार एक जलती हुई झाड़ी यानी बर्निंग बुश के जरिए मोसेस से बात की थी.
ध्यान रहे बर्निंग बुश यहूदी, ईसाई, इस्लाम और बहाई सहित अन्य धर्मों में एक धार्मिक प्रतीक है, इसने असल में कभी आग नहीं पकड़ी थी. कारकोम और माउंट सिनाई का कनेक्शन करीब 50 साल पहले एक युवा इटालियन प्रोफेसर इमैनुअल अनाती (Emmanuel Anati) ने कारकोम पहाड़ पर कई खोज कीं. आज वे 90 साल के हैं. प्रोफेसर के मुताबिक समुद्र तल से ढाई सौ फुट ऊपर यहां उन्होंने हजारों केव पेंटिंग्स (Cave Paintings ) और कई कब्रों की खोज की. इन पेंटिंग्स में बाइबल की कहानियों और मोसेस को ईश्वर से मिली दस आज्ञाओं को दर्शाया गया है. इसके साथ ही उन्होंने 12 खंभों के एक ढांचे की भी खोज की. प्रोफेसर के मुताबिक ये 12 खंभे असल मे एक बलि की वेदी हैं जो असल में इजरायल की 12 मूल जनजातियों का प्रतिनिधित्व करते हैं.
Egypt की सीमा के पास स्थित कारकोम पहाड़ (साभार: न्यूयॉर्क टाइम्स)
लंबे समय तक प्रोफेसर इमैनुअल ने यहां रिसर्च कर किताबें लिखीं. प्रोफेसर अनाती यहां की जमीन की संरचना और आर्कियोलॉजिकल सबूतों के आधार पर दावा करते हैं कि बाइबल का माउंट सिनाई और इजरायल का कारकोम पहाड़ एक ही है.
वहीं इजरायल की तेल अवीव यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर इज़राइल फ़िंकेलस्टीन, प्रोफेसर अनाती के दावे से पूरी तरह सहमत नहीं हैं. वो कहते हैं, वहीं शहर शिलो नाम के एक शोधकर्ता कहते हैं कि ये तो देखने वाले पर निर्भर करता है कि वो कारकोम पहाड़ और विन्टर सॉल्स्टिस को माउंट सिनाई और बर्निंग बुश मानता है या नहीं. उनका कहना है कि हालांकि बर्निंग बुश सैकड़ों साल पुराना एक मिथक है जिसमें कोई दो राय नहीं है.

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