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ईरान का डेलिगेशन फिर बस से तेहरान गया... पाकिस्तान बातचीत करने गए लोगों पर बड़ा अटैक होने को था?

US से बातचीत करने गए Iran के डेलिगेशन में शामिल मोहम्मद मरांडी ने बताया कि जब वो इस्लामाबाद से लौट रहे थे, तभी उन्हें खतरे की जानकारी मिल गई थी. उनके प्लेन पर हमला होने का खतरा था. इस प्लेन में ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद अब्बास अराघची और संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ भी सवार थे.

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15 अप्रैल 2026 (पब्लिश्ड: 01:25 PM IST)
irnian delegation fears death threat amid islamabad talks took bus train instead of flight to reach tehran
पाकिस्तान में चल रही शांति वार्ता को Ismalabad Talks नाम दिया गया है (PHOTO-AFP)
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पाकिस्तान के इस्लामाबाद में शांतिवार्ता करने आए ईरानी डेलिगेशन को असुरक्षा का डर था. सीजफायर के बाद पहले राउंड की बातचीत पूरी तरह से बेनतीजा रही थी. इसके बाद ईरानी डेलिगेशन वापस लौट गया. लेकिन इस डेलिगेशन में शामिल मोहम्मद मरांडी ने बताया कि जब वो इस्लामाबाद से लौट रहे थे, तभी उन्हें खतरे की जानकारी मिल गई थी. उनके प्लेन पर हमला होने का खतरा था. इस प्लेन में ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद अब्बास अराघची और संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ भी सवार थे.

ये जानकारी देने वाले मोहम्मद मरांडी तेहरान यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं. वो ईरानी डेलिगेशन का हिस्सा थे. मरांडी ने ईरान के डेलिगेशन के साथ इस्लामाबाद से लौटने की घटना का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि वापसी के समय टेंशन और बढ़ गई थी. किसी भी वक्त प्लेन पर हमला होने का खतरा था. लेबनान के मीडिया संस्थान अल-मयादीन से बात करते हुए मरांडी ने कहा,

'ईरानी डेलिगेशन को इस्लामाबाद से वापस लौटते समय धमकी मिली कि प्लेन पर हमला हो सकता है. इसलिए तेहरान लौटते समय, डेलिगेशन ने गुप्त तरीके से अपना प्लेन बदल लिया. उनका प्लेन अचानक अपना रास्ता बदलकर मशहद में लैंड कर गया. वहां से डेलिगेशन के सदस्य ट्रेन, कार और बस से तेहरान के लिए रवाना हुए. 

संभावित खतरे के बावजूद, पूरे डेलिगेशन ने पूरे जोश के साथ एक साथ विमान में सवार होकर पाकिस्तान में रुकने से इनकार कर दिया. ये वैसा ही साहस है जैसा बीते कुछ समय में ईरान के लोगों ने दिखाया है. हमें अमेरिका पर बिल्कुल भरोसा नहीं है. हम अपनी मिलिट्री क्षमताओं को और बढ़ा रहे हैं.'

मोहम्मद मरांडी ने आगे कहा कि ईरान हमेशा से जानता था कि अमेरिका धोखेबाज है. उन्होंने यह भी कहा कि अभी जब हम बातचीत की मेज पर हैं, तब भी हम अपनी सैन्य क्षमताओं को मजबूत कर रहे हैं. वहीं रॉयटर्स ने पाकिस्तानी और ईरानी अधिकारियों के हवाले से बताया कि अमेरिका और ईरान की बातचीत करने वाली टीमें इस हफ्ते के आखिर में पाकिस्तान लौट सकती हैं, ताकि जंग को खत्म करने के लिए बातचीत फिर से शुरू की जा सके. डॉनल्ड ट्रंप की तरफ से भी कहा गया है कि जल्द ही ईरान और अमेरिका में फिर बातचीत होगी. शांति के लिए इस्लामाबाद में हुई पहली बातचीत बिना किसी ठोस नतीजे के खत्म हो गई थी.

वीडियो: प्रेसिडेंट ट्रंप ने दिए संकेत, जल्द शुरू हो सकती है ईरान-अमेरिका की बातचीत

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