ईरान ने US के 228 ठिकाने तबाह किए, सबसे छिपाई असलियत खुली, एक-एक फोटो आ गया
जंग की शुरुआत से अब तक कम से कम 228 अमेरिकन मिलिट्री इंस्टॉलेशंस और उपकरण या तो तबाह हो गए हैं, या उन्हें बहुत भारी नुकसान हुआ है. यह संख्या उससे कहीं ज्यादा है जो अमेरिका दुनिया को बता रहा है. वास्तव में तो Iran ने US Navy की Bahrain स्थित 5th फ्लीट के हेडक्वार्टर तक पर हमला किया. अमेरिकन Air Defence Systems हेडक्वार्टर तक को नहीं बचा पाए. सब सामने आया.

ईरान-अमेरिका के बीच चली जंग में अमेरिका को भारी नुकसान पहुंचा है. लेकिन क्या ये नुकसान उतना ही है, जितना दिखाया या रिपोर्ट किया जा रहा है? हाल ही में कुछ ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं, जिससे कुछ नए खुलासे हुए हैं. सैटेलाइट इमेजरी को देखें तो पता चलता है कि ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर बहुत ही घातक हमले किए थे.
अमेरिकी अखबार वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक जंग की शुरुआत से अब तक कम से कम 228 अमेरिकन मिलिट्री इंस्टॉलेशंस और उपकरण, या तो तबाह हो गए हैं, या उन्हें बहुत भारी नुकसान हुआ है. यह संख्या उससे कहीं ज्यादा है जो अमेरिका दुनिया को बता रहा है. रिपोर्ट की मानें तो अमेरिका अपने नुकसान को कम करके पेश कर रहा है. ऐसा इसलिए किया जाता है, ताकि उसकी सेना और पब्लिक का मनोबल बना रहे.
Iran ने US के हर बेस को हिट कियाईरान के हमलों में जो नुकसान हुआ, वो सिर्फ आर्थिक नहीं बल्कि कहीं न कहीं मनोवैज्ञानिक भी था. ईरान ने न सिर्फ बेस बल्कि महंगे उपकरण जैसे रडार और विमानों को भी नहीं छोड़ा. सैटेलाइट तस्वीरों के एनालिसिस से पता चलता है कि ईरान ने अमेरिका के 228 साइट्स को मारा है. इन साइट्स और उपकरणों में-
- विमान: ईरान ने फ्यूल भरने वाले Stratotanker जहाज, E-3 सेंट्री अवाक्स विमान को जमीन पर ही तबाह कर दिया.
- मिसाइल डिफेंस सिस्टम: कुवैत और बहरीन में लगे अमेरिका के महंगे और उन्नत 'पैट्रियट' मिसाइल डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया. इसके अलावा जॉर्डन और यूएई में भी अमेरिकी रडार और एयर डिफेंस वाली बैट्री तबाह हुई.
- फ्यूल और बैरक: अमेरिकी सेना जहां-जहां भी रहती है, वहां उनके फ्यूल स्टोरेज और रहने की जगहें भी थीं. लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक कई ठिकानों पर फ्यूल डिपो, सैनिकों के रहने के बैरक, जिम और डाइनिंग हॉल आदि मलबे में तब्दील हो गए हैं.
- कम्युनिकेशन सेंटर: कतर के अल-उदैद एयरबेस पर बने रडार सेंटर्स और डोम को भारी नुकसान हुआ है.

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अमेरिका का ट्रंप प्रशासन इस नुकसान को काफी कम करके बता रहा है. जहां जीत के दावे किए गए, वहां स्थिति बिल्कुल उलट है. वास्तव में तो ईरान ने अमेरिकी नौसेना की बहरीन स्थित 5th फ्लीट के हेडक्वार्टर तक पर हमला किया. अमेरिकन एयर डिफेंस हेडक्वार्टर तक को नहीं बचा पाए. इसके बाद कवैत के ठिकानों को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा. यहां तक कि कई अमेरिकी सैनिक मारे गए और सैंकड़ों घायल हुए. ईरान ने जानबूझकर उन ठिकानों को चुना जो अमेरिका के लिए महंगे औऱ दुर्लभ हैं. उन्होंने इन ठिकानों को चलाने में इस्तेमाल होने वाले डेटा सेंटर्स, कूलिंग सिस्टम्स और बिजलीघरों को निशाना बनाया. यानी रडार बच भी गया तो उसे चलाने वाले सिस्टम्स तबाह हो गए.
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