ईरान ने अल्लाह, यीशु मसीह और पोप लियो का जिक्र कर ट्रंप को लपेट दिया
ट्रंप और पोप की इस ‘लड़ाई’ में ईरान ने भी एंट्री मारकर अमेरिकी राष्ट्रपति को चिढ़ा दिया है. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने सोमवार, 13 अप्रैल को सोशल मीडिया पर दो पोस्ट किए.

कभी-कभी लगता है एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डॉनल्ड ट्रंप की अधूरी इच्छाओं को पूरा करने के लिए बना है. हाल ही में AI की मदद से उन्होंने अपनी एक फोटो बनाकर शेयर की है. इसमें वो जीसस क्राइस्ट बने हैं. ट्रुथ सोशल पर ये फोटो उन्होंने शेयर किया, जिस पर उनकी आलोचना भी हुई. ये सब तो था ही. इसके साथ ही वो ईसाइयों के सबसे बड़े धार्मिक नेता पोप लियो से भिड़ गए. उन्हें ‘अपराध के मामले में कमजोर’ और ‘विदेश नीति के लिए खराब’ बता दिया. सिर्फ इसलिए क्योंकि पोप लियो ने ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध की आलोचना की थी और इसे ‘बेतुकी और अमानवीय हिंसा’ बता दिया था.
डॉनल्ड ट्रंप और पोप की इस ‘लड़ाई’ में ईरान ने भी एंट्री मारकर अमेरिकी राष्ट्रपति को चिढ़ा दिया है. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने सोमवार, 13 अप्रैल को सोशल मीडिया पर दो पोस्ट किए. पहला पोस्ट फारसी भाषा में था, जिसे शेयर करने के कुछ देर बाद डिलीट कर दिया गया. शायद पोस्ट के लिए जो टारगेट ऑडियंस थी, उसके लिए यह सही भाषा नहीं रही होगी. इसलिए फारसी में लिखे पोस्ट को हटाकर उसी कॉन्टेंट को अंग्रेजी में पोस्ट किया गया. इसमें पेजेश्कियान ने ईरान की ओर से ट्रंप द्वारा की गई पोप की बेइज्जती की निंदा की और कहा कि किसी भी आजाद इंसान को ये मंजूर नहीं है.

पेजेश्कियान ने अपनी पोस्ट में लिखा,
पोप लियो XIV, मैं ईरान की ओर से आपकी बेइज्जती की निंदा करता हूं और ये कहता हूं कि यीशु मसीह, जो शांति और भाईचारे के पैगंबर हैं, उनका अपमान किसी भी आजाद इंसान को मंजूर नहीं है. मैं अल्लाह से आपके लिए सम्मान और तरक्की की दुआ करता हूं.
ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने इस एक पोस्ट से ट्रंप के दोनों विवादों पर उन्हें घेर लिया. एक तो पोप की आलोचना करने पर उनकी मजम्मत कर दी. फिर ट्रंप को खुद को यीशु मसीह दिखाने पर इसे ‘पैंगबर का अपमान’ बता दिया.

असल में, पोप लियो ने ट्रंप सरकार के कई फैसलों की आलोचना की है. ईरान और अमेरिका के बीच चल रही जंग को भी उन्होंने ठीक नहीं बताया था. खासतौर पर ‘ट्रंप के एक पूरी सभ्यता को खत्म कर देने वाली धमकी’ पर कहा पोप ने था कि किसी भी देश या पूरी जनता को खत्म करने की धमकी देना गलत है. समस्याओं का हल बातचीत से निकाला जाना चाहिए. भगवान के नाम पर युद्ध को सही ठहराना भी पूरी तरह गलत है.
ट्रंप पोप लियो की इस बात से नाराज हो गए और अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि वो कट्टर वामपंथ को खुश करने की कोशिश करते हैं जबकि उन्हें राजनेता बनने की बजाय एक महान पोप बनने की कोशिश करनी चाहिए. ट्रंप ने कहा कि उन्हें पोप के भाई लुई ज्यादा पसंद हैं क्योंकि वो ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ का समर्थन करते हैं. ट्रंप की इन टिप्पणियों के जवाब में पोप ने भी 13 अप्रैल को कहा कि उन्हें ट्रंप प्रशासन से कोई डर नहीं है. वो खुले तौर पर गॉस्पेल का संदेश देते रहेंगे, क्योंकि यही उनका काम है.
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