"वो अब जिंदा लाश है"- ईरान की संस्था ने की रुश्दी पर हमला करने वाले की तारीफ, इनाम भी दिया
संस्था ने कहा कि हमलावर ने मुसलमानों को खुश कर दिया है.

एक ईरानी संस्था ने सलमान रुश्दी (Salman Rushdie) पर हमला करने वाले शख्स का समर्थन किया है. उन्होंने शख्स को इनाम देने की भी घोषणा की है. बता दें कि पिछले साल अगस्त महीने में न्यूयॉर्क के एक इवेंट के दौरान सलमान रुश्दी पर हमला हुआ था. संस्था ने ये भी कहा है कि रुश्दी अब एक जिंदा लाश से ज्यादा कुछ नहीं हैं.
हमलावर की तारीफमीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक टेलीग्राम चैनल के जरिए हमलावर की तारीफ की गई. खुमैनी के फतवों को जारी और लागू करने वाली संस्था के सचिव मोहम्मद इस्माइल ज़रेई ने कहा,
‘हम सलमान रुश्दी को एक आंख से अंधा और एक हाथ से विकलांग बनाने वाले नौजवान अमेरिकी युवक की सराहना करते हैं. उसने ये करके हम मुसलमानों को खुश कर दिया है.’
उन्होंने आगे कहा,
'रुश्दी अब जिंदा लाश से ज्यादा कुछ नहीं है. इस काम को करने के सम्मान में हम शख्स को 1000 वर्ग मीटर जमीन दान देंगे.'
सलमान रुश्दी पर ये हमला ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह रुहोल्ला खुमैनी के फतवा देने के 33 साल बाद हुआ है. सलमान रुश्दी की किताब ‘द सैटेनिक वर्सेज’ प्रकाशित होने के कुछ महीने बाद अयातुल्लाह रुहोल्ला खुमैनी ने फतवा जारी किया था. जिसमें रुश्दी की हत्या करने का फरमान था.
रुश्दी का इंटरव्यूइधर, इस महीने की शुरुआत में रुश्दी का एक इंटरव्यू आया था. इंटरव्यू में सलमान रुश्दी ने हमले और उसके बाद के अनुभवों पर बात की है. बताया कि उस एक हमले से उनकी मेंटल हेल्थ, फिजिकल हेल्थ और उनकी राइटिंग पर कितना घातक असर हुआ. वो कहते हैं, “मैं लिखने बैठता हूं लेकिन कुछ नहीं होता.”
रुश्दी ने बताया था कि मंच पर छुरा घोंपने की उस घटना ने उन्हें इमोशनल ट्रॉमा भी दिया. उन्होंने ये भी बताया कि PTSD या पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसॉर्डर जैसी कोई चीज होती है.
इससे पहले 12 अगस्त, 2022 को सलमान न्यूयॉर्क में एरी झील के पास चौटाक्वा इंस्टीट्यूट में एक सम्मेलन में स्पीच देने वाले थे. स्टेज पर उनका परिचय दिया जा रहा था कि हादी मतार नाम के युवक ने सलमान रुश्दी की गर्दन पर चाकू से वार किया था.
वीडियो: हमले के बाद सलमान रुश्दी की आंख की रोशनी गई, हाथ ने भी काम करना बंद किया

