ईरान ने IRIS Dena हमले का बदला लिया? अमेरिकी टैंकर पर हमले का दावा
अमेरिका ने श्रीलंका के दक्षिणी तट पर एक अमेरिकी पनडुब्बी से हमला करके एक ईरानी युद्ध पोत को डुबो दिया था. इस हमले के 24 घंटे के भीतर ही ईरान ने अमेरिकी तेल टैंकर पर हमला करने का दावा किया है.
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हिंद महासागर में एक ईरानी युद्धपोत पर अमेरिकी हमले के कुछ घंटे बाद ही ईरान ने उत्तरी फारस की खाड़ी (Northern Persian Gulf) में खड़े एक अमेरिकी टैंकर पर हमले का दावा किया है. ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) के हमले में अमेरिकी जहाज में आग लग गई.
Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले से पहले IRGC ने एक बयान जारी करके कहा था कि Strait of Hormuz से जहाजों का आना-जाना अब उनके नियंत्रण में होगा. इस घटनाक्रम के बाद से संघर्ष में और तेजी आई है, जिसमें ईरान के एक हजार से ज्यादा लोग मारे गए हैं. वहीं छह अमेरिकी सैनिकों की भी जान गई है.
अमेरिका ने श्रीलंका के दक्षिणी तट पर एक अमेरिकी पनडुब्बी से हमला करके एक ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया था. इसी हमले के 24 घंटे के भीतर ईरान ने अमेरिकी तेल टैंकर पर हमला करने का दावा किया है. यानी ईरान और अमेरिका-इजरायल का टकराव अब मिडिल ईस्ट से बढ़कर हिंद महासागर तक पहुंच गया है.
अमेरिका ने ईरानी युद्धपोत को डुबोया
अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने 4 मार्च को दावा किया कि उन्होंने टॉरपीडो से हमला करके हिंद महासागर में ईरान का एक युद्धपोत डुबो दिया है. समुद्री जहाज को तबाह करने के लिए पनडुब्बी से टॉरपीडो दागा जाता है. श्रीलंकाई नौसेना ने अमेरिकी रक्षा मंत्री के दावे की पुष्टि करते हुए बताया कि 'आईआरआईएस डेना' हिंद महासागर में डूब गया है. अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में हुए इस हमले में 87 ईरानी नैसेनिक मारे गए, जबकि 60 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं.
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने ईरानी युद्धपोत पर हमले का एक वीडियो जारी किया है. वीडियो में टॉरपीडो हमले के बाद हुए भीषण विस्फोट के विजुअल्स दिख रहे हैं. इस हमले में पोत का पिछला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया और इसके तुरंत बाद जहाज डूब गया. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने ईरान के समुद्री तट से 2 हजार मील दूर ईरानी युद्धपोत पर अमेरिकी हमले का बदला लेने की बात कही है.
उन्होंने कहा, “भारतीय नौसेना के अतिथि 'फ्रिगेट डेना' पर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में बिना किसी चेतावनी के हमला कियागया. मेरी बात याद रखना, अमेरिका ने जो मिसाल कायम की है उस पर उन्हें बड़ा पछतावा होगा.”
पिछले कुछ दिनों में अमेरिका ने ईरानी नौसेना पर हमला तेज कर दिया है. इसमें ड्रोन के लिए विमानवाहक पोत का काम कर रहे एक कंटेनर जहाज पर हमला और फारस की खाड़ी के पास स्थित नौसेनिक अड्डों पर हमला शामिल है.
वीडियो: ईरान-अमेरिका युद्ध का पांचवा दिन, क्या-क्या हुआ?

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