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'मौत की सजा... ', ईरान ने प्रदर्शनकारियों को ईश्वर का दुश्मन बताया, डराने वाला फरमान निकाला

Iran के अटॉर्नी जनरल मोहम्मद मोवाहेदी आज़ाद ने चेतावनी दी है कि जो लोग सरकार के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों में शामिल होंगे, उन्हें ‘ईश्वर का दुश्मन’ माना जाएगा. ईरान के कानून में इस आरोप की सज़ा मौत तक हो सकती है.

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Iran Warns Of Death Penalty to Protesters
ईरान में लोग बड़ी संख्या में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. (फाइल फोटो: इंडिया टुडे)
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अर्पित कटियार
11 जनवरी 2026 (Updated: 11 जनवरी 2026, 09:54 AM IST)
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ईरान में बीते दो हफ्तों से सरकार के खिलाफ बड़े स्तर पर प्रदर्शन हो रहे हैं (Iran Protest News). अब तक कम से कम 65 लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है. इस बीच, ईरान के अटॉर्नी जनरल मोहम्मद मोवाहेदी आज़ाद ने चेतावनी दी है कि जो लोग सरकार के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों में शामिल होंगे, उन्हें ‘ईश्वर का दुश्मन’ माना जाएगा. ईरान के कानून में इस आरोप की सज़ा मौत तक हो सकती है.

NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के सरकारी टीवी पर यह भी कहा गया कि जो लोग प्रदर्शनकारियों की मदद करेंगे या उनका साथ देंगे, उन पर भी यही गंभीर आरोप लगाया जाएगा. यानी न सिर्फ प्रदर्शन करने वाले, बल्कि उनकी मदद करने वालों पर भी सख्त कार्रवाई हो सकती है.

ईरान के कानून के आर्टिकल 186 में कहा गया है कि अगर कोई समूह सरकार के खिलाफ हथियारबंद विरोध करता है, तो उस समूह के जो लोग जानबूझकर उनका साथ देते हैं, उन्हें भी ‘मोहारेब’ यानी ईश्वर का दुश्मन माना जा सकता है. इसके लिए यह जरूरी नहीं है कि वह खुद भी हथियार उठाएं.

कानून के आर्टिकल 190 के तहत ‘मोहारेब’ की सज़ा बहुत सख्त है. इसमें मौत की सज़ा, फांसी, दाहिना हाथ और बायां पैर काटना या फिर हमेशा के लिए आतंरिक निर्वासन (देश के अंदर ही किसी दूर इलाके में भेज देना) शामिल है.

अमेरिका की चेतावनियों के बावजूद ईरानी अधिकारियों ने कहा है कि अभियोजकों को बिना देर किए केस दर्ज करने चाहिए और उन लोगों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए जो देश से गद्दारी कर रहे हैं और अस्थिरता फैला रहे हैं. बयान में साफ कहा गया है कि इस मामले में कोई नरमी, कोई दया और कोई रियायत नहीं दी जाएगी.

ये भी पढ़ें: ईरान में 62 लोगों की मौत के बाद रजा पहलवी ने ट्रंप से मांगी मदद, पता है क्या जवाब मिला?

अब तक 65 लोगों की मौत

अमेरिका स्थित मानवाधिकारों से जुड़ी एक समाचार एजेंसी के मुताबिक, इन विरोध प्रदर्शनों के दौरान अब तक कम से कम 65 लोगों की मौत हो चुकी है और 2,300 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है. राजधानी तेहरान में हालात ऐसे हैं कि इंटरनेट बंद है और फोन सेवाएं भी ठप हैं.

ईरान के निर्वासन में रह रहे क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने लोगों से प्रदर्शन करने की अपील की है. उन्होंने प्रदर्शनकारियों से कहा है कि वे 10 और 11 जनवरी को सड़कों पर उतरें.

ये विरोध प्रदर्शन शुरुआत में आम लोगों की नाराज़गी से शुरू हुए थे. इसकी बड़ी वजह यह थी कि दिसंबर 2025 के आखिर में ईरानी मुद्रा की कीमत गिरकर एक डॉलर के मुकाबले 14 लाख से भी नीचे पहुंच गई और महंगाई अपने चरम पर . इसके बाद यह गुस्सा धीरे-धीरे पूरी सरकार के खिलाफ बड़े प्रदर्शनों में बदल गया.

वीडियो: ईरान ने ख़ामेनेई के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग, ट्रंप ने क्या धमकी दी?

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