The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • iran us tension deputy foreign minister majid takht ravanchi said ready to discuss compromises to reach nuclear deal

अमेरिका से न्यूक्लियर डील बात करने के लिए तैयार है ईरान, लेकिन एक शर्त लगाई है

एक US और Iran, दोनों देशों से ऐसे बयान आ रहे हैं कि वो बातचीत के लिए तैयार हैं. लेकिन दूसरी ओर दोनों देश अपनी सैन्य तैयारी भी कर रहे हैं. President Trump ने तो ईरान को धमकी दे दी है कि अगर ईरान के Nuclear Programme पर रोक लगाने के लिए कोई डील नहीं हो पाई, तो वे ईरान पर हमला करेंगे.

Advertisement
pic
15 फ़रवरी 2026 (पब्लिश्ड: 10:23 PM IST)
iran us tension deputy foreign minister majid takht ravanchi said ready to discuss compromises to reach nuclear deal
ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री ने कहा कि वो न्यूक्लियर डील पर बातचीत के लिए तैयार हैं (PHOTO-IRNA)
Quick AI Highlights
Click here to view more

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. अमेरिका लगातार मिडिल-ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है. लेकिन अभी भी कुछ संकेत ऐसे मिल रहे हैं, जिससे ये लगता है कि बातचीत का रास्ता अभी बंद नहीं हुआ है. पहले अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि प्रेसिडेंट डॉनल्ड ट्रम्प ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई से बातचीत के लिए तैयार हैं. अब ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री ने भी कहा है कि बातचीत के लिए ईरान हमेशा रेडी है.

ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री माजिद तख्त रवांची ने कहा कि ईरान न्यूक्लियर डील पर बातचीत के लिए तैयार है लेकिन ये बातचीत तभी हो सकती है जब अमेरिका उन पर लगे प्रतिबंधों को हटाने की दिशा में कदम बढ़ाए. वहीं US अधिकारियों ने बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि इस लंबी बातचीत की प्रक्रिया में US नहीं, बल्कि ईरान रुकावट डाल रहा है. बीबीसी से बातचीत के दौरान ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री माजिद तख्त रवांची कहते है,

गेंद अब अमेरिका के पाले में है. अब अमेरिका को तय करना है कि डील होगी या नहीं. अगर वो वाकई ईमानदारी से काम करें तो मुझे पूरा यकीन है कि हम किसी न किसी समझौते पर जरूर पहुंचेंगे.

प्रेसिडेेंट ट्रंप ने दी है धमकी

एक तरफ लगातार दोनों देशों से ऐसे बयान आ रहे हैं कि वो बातचीत के लिए तैयार हैं. लेकिन दूसरी ओर दोनों देश अपनी सैन्य तैयारी भी कर रहे हैं. प्रेसिडेंट ट्रंप ने तो ईरान को धमकी दे दी है कि अगर ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर रोक लगाने के लिए कोई डील नहीं हो पाई तो वो ईरान पर हमला करेंगे. यही वजह है कि अमेरिका इस इलाके में अपनी मिलिट्री मौजूदगी बढ़ा रहा है. फरवरी 2026 की शुरुआत में अमेरिका और ईरान ने ओमान में एक इनडायरेक्ट बातचीत की थी और डिप्टी मिनिस्टर और तख्त रवांची ने कन्फर्म किया कि जिनेवा में दूसरे राउंड की बातचीत होने वाली है. उन्होंने कहा कि ये बातचीत कमोबेश सकारात्मक थी लेकिन अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी. वहीं प्रेसिडेंट ट्रंप ने भी बातचीत को पॉजिटिव बताया था.

यूरेनियम पर ईरान का ऑफर

ईरान के डिप्टी मिनिस्टर ने इस बीच एनरिच्ड यूरेनियम को लेकर एक ऑफर भी दिया है. एनरिच्ड यूरेनियम वो यूरेनियम होता है जिसका इस्तेमाल न्यूक्लियर बम बनाने में किया जाता है. उन्होंने कहा कि ईरान 60% एनरिच्ड यूरेनियम को डाइल्यूट करने के लिए तैयार है. ये इस बात का सबूत है कि वो समझौते के लिए तैयार है. हालांकि 60% एनरिच्ड यूरेनियम, वो स्तर है जिससे ये लगता है कि ईरान हथियार तैयार करने के काफी करीब है. इससे यह शक और गहरा हो गया है कि वो न्यूक्लियर हथियार बनाने की ओर बढ़ रहा है. हालांकि ईरान ने हमेशा इस बात से इंकार किया है. डिप्टी मिनिस्टर तख्त रवांची BBC से कहते हैं, 

अगर वे प्रतिबंधों के बारे में बात करने को तैयार हैं तो हम इस (न्यूक्लियर) और हमारे प्रोग्राम से जुड़े दूसरे मुद्दों पर बात करने के लिए तैयार हैं.

हालांकि उन्होंने यह कन्फर्म नहीं किया कि इसका मतलब सभी या कुछ प्रतिबंधों हटाना है. डिप्टी मिनिस्टर से पूछा गया कि क्या ईरान 2015 की न्यूक्लियर डील की तरह ईरान से 400 किलोग्राम से अधिक एनरिच्ड यूरेनियम के अपने स्टॉक को बाहर भेजने के लिए राजी होगा? इस पर मिनिस्टर तख्त रवांची ने कहा कि यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि बातचीत के दौरान क्या होगा? 2015 की डील को देखें तो तो उस समय एक बहुपक्षीय माने मल्टीलेटरल समझौता हुआ था. इसके तहत कम लेवल तक एनरिच किया हुआ 11 हजार किलोग्राम यूरेनियम रूस ने लिया था. 

वहीं सत्ता में आने के बाद प्रेसिडेंट ट्रंप ने इस डील से हाथ खींच लिए थे. एक और मुद्दा जिस पर गरारी अटकी हुई है, वो मुद्दा बैलिस्टिक मिसाइल का है. लंबी दूरी की मिसाइलें जिन्हें इजरायल अपने लिए सबसे बड़ा खतरा मानता है. लेकिन ईरान अपने बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम पर अमेरिकी नेगोशिएटर्स से बात करने से मना कर रहा है.

वीडियो: दुनियादारी: क्या अमेरिका और ईरान ने ग्लोबल पीस का तमाशा बनाकर रख दिया?

Advertisement

Advertisement

()