'ईरान से जंग खत्म करने की सोच रहे', नरम पड़ने लगे डॉनल्ड ट्रंप के तेवर, और क्या बोले?
डॉनल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि ईरान से जंग जल्द खत्म हो सकती है. उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना अपने लक्ष्यों के करीब है, जिसके बाद ईरान के खिलाफ ऑपरेशन में कमी लाई जा सकती है.

अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग में तनाव कम होने के संकेत मिल रहे हैं. अगर ऐसा होता है तो दुनिया के लिए ये बहुत राहत की खबर हो सकती है. अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने इशारा किया है कि अमेरिकी सेना अपने लक्ष्यों को करीब पहुंच गई है. ऐेसे में जल्द ही वो ईरान के खिलाफ सैन्य संघर्ष की इंटेंसिटी कम कर सकते हैं. ट्रंप ने ये भी कहा कि होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा की जिम्मेदारी उन देशों की होनी चाहिए जो इस रास्ते पर निर्भर हैं और अमेरिका उनमें शामिल नहीं है. यानी जंग भड़काने के बाद ट्रंप अब होर्मुज के संकट से पल्ला झाड़ते दिख रहे हैं.
28 फरवरी को इस जंग के शुरू होने के बाद से दुनिया भर में एनर्जी का बाजार अस्थिर बना हुआ है. हालांकि ये पहली बार नहीं है कि ट्रंप ने जंग खत्म होने की बात कही हो. इससे पहले 9 मार्च को भी उन्होंने दावा किया था कि युद्ध लगभग खत्म हो गया है. हालांकि, 22 दिन खत्म होने के बाद भी युद्ध का कोई किनारा दिखाई नहीं देता.
इसी बीच ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान में अमेरिका अपने लक्ष्यों को हासिल करने के ‘बहुत करीब’ है. उन्होंने कहा कि अब मिडिल ईस्ट में ऑपरेशन कम करने पर भी विचार किया जा रहा है. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, इस हफ्ते व्हाइट हाउस ने सैन्य अभियान जारी रखने के लिए अतिरिक्त 200 अरब डॉलर मांगे हैं. वहीं ईरान की ओर पहले से ज्यादा अमेरिकी सैनिक और नौसैनिक रिसोर्सेज भेजे जा रहे हैं.
फ्लोरिडा रवाना होने से पहले व्हाइट हाउस के बाहर पत्रकारों को से बात करते हुए ट्रंप ने सीजफायर की संभावना को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि जब आप दूसरे पक्ष को पूरी तरह से नष्ट कर रहे हों, तब युद्धविराम नहीं किया जा सकता.
ट्रंप ने अमेरिकी सेना के 5 लक्ष्य बताए, जिसे लेकर उनका दावा है कि वो उसे पाने के करीब हैं. इनमें शामिल है-
- ईरान के मिसाइल सिस्टम, लॉन्च प्लेटफॉर्म और उनसे जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को पूरी तरह से कमजोर बनाना.
- ईरान के मिलिट्री नेटवर्क को तबाह करना.
- ईरान की नौसेना और वायुसेना को खत्म करना, जिसमें एयर डिफेंस सिस्टम भी शामिल है.
- ईरान को परमाणु हथियार बनाने की क्षमता हासिल करने से रोकना और यह सुनिश्चित करना कि जरूरत पड़ने पर US तेजी से जवाब दे सके.
- वेस्ट एशिया में US के पार्टनर्स को ज्यादा से ज्यादा सुरक्षा देना, जिनमें इजरायल, सऊदी अरब, कतर, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और कुवैत शामिल है.

इस समय पूरी दुनिया का ध्यान जिस पर है, वो जगह है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज. होर्मुज के बारे में ट्रंप ने कहा कि इस रास्ते की सुरक्षा और निगरानी उन दूसरे देशों को करनी होगी जो इसका इस्तेमाल करते हैं. इससे पहले, उन्होंने NATO के सदस्यों की आलोचना की थी. क्योंकि उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने की कोशिशों में मदद करने से मना कर दिया था.
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