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'पूरे मिडिल ईस्ट के तेल और गैस को आग लगा देंगे अगर... ', ईरान की ये धमकी अमेरिका को डरा देगी

Iran threatens to destroy oil reserve: ईरान की ये चेतावानी ऐसे समय में आई है जब दोनों तरफ से हमले तेज़ हो रहे हैं. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक़, अमेरिकी सेना ने अब तक ईरान के अंदर 5,500 ठिकानों को निशाना बनाया है. इनमें 60 ऑयल वेसल पर हमले भी शामिल हैं.

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iran military and government statement against america
ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा ख़ामेनेई ने ईरानियों से एकता की अपील की है. (फोटो- ITG)
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शुभम कुमार
13 मार्च 2026 (पब्लिश्ड: 09:41 AM IST)
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ईरान की सबसे ताकतवर फ़ोर्स इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने एक बार फिर अमेरिका और इजरायल को चेताया है. इस बार कहा है कि अगर ईरान के किसी भी तेल और गैस भंडार पर हमला हुआ तो पूरे मिडिल ईस्ट को इसका खामियाज़ा भुगतना पड़ेगा. ईरान ने मिडिल ईस्ट के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को तबाह करने की धमकी दी है.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक़, ईरान के ज्वाइंट सैन्य कमान खातम अल-अंबिया हेडक्वार्टर के एक प्रवक्ता ने बयान दिया है. उन्होंने कहा,

‘हमलावर देश (अमेरिका) या उसके साथी (इजरायल) देश ने अगर ईरान के किसी बंदरगाह या एनर्जी साइट पर सीमित हमला भी किया तो अंजाम बहुत बुरा होगा. मिडिल ईस्ट के सभी ऑयल और गैस फैसिलिटी जिनमें अमेरिका और उसके साथी देश का स्वार्थ छिपा है, उसे आग लगा दी जाएगी.’ 

ये चेतावानी ऐसे समय में आई है जब दोनों तरफ से हमले तेज़ हो रहे हैं. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक़, अमेरिकी सेना ने अब तक ईरान के अंदर 5,500 ठिकानों को निशाना बनाया है. इनमें 60 ऑयल वेसल पर हमले भी शामिल हैं.  

'ट्वीट से जंग नहीं जीती जाती'

ईरान के सिक्योरिटी चीफ अली लारीजानी ने भी अमेरिका को चेताया है. उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका ईरान के बिजली स्ट्रक्चर को मिटाने की कोशिश करेगा तो पूरे मिडिल ईस्ट में अंधेरा कर दिया जाएगा. दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि अगर वो चाहें तो एक घंटे के अंदर ईरान में अंधेरा कर दें, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया. अली लारीजानी ने इसी दावे का जवाब देते हुए गुरुवार को पोस्ट किया. लिखा, 

‘अगर वे ऐसा करते हैं तो पूरा क्षेत्र (मिडिल ईस्ट) आधे घंटे से भी कम समय में अंधेरे में डूब जाएगा. और अंधेरे में जब अमेरिकी सैनिक सुरक्षा के लिए भागेंगे तो उन्हें पकड़ना और आसान हो जाएगा.’

ट्रंप ने जंग शुरू होने के बाद से ही जंग जीतने का दावा ठोकना शुरू कर दिया था. जबकि जंग अभी तक जारी है और दोनों में से किसी पक्ष ने सरेंडर नहीं किया है. एक दूसरे पोस्ट में ट्रंप के इन खोखले दावों पर उन्होंने लिखा, 

‘जंग शुरू करना आसान है लेकिन जंग केवल ट्वीट करने से नहीं जीती जाती है. हम तब तक पीछे नहीं हटेंगे, जब तक अमेरिका को अपने किए पर पछतावे के लिए मजबूर न कर दें.’

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ये पोस्ट ट्रंप के दावे के बाद आया है. ट्रंप ने एक रैली को संबोधित करते हुए दावा किया था कि ईरान के खिलाफ जंग वो पहले ही घंटे में जीत चुके थे. हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि अभी काम पूरा नहीं हुआ है. ट्रंप ने कहा कि ईरान के पास न तो नेवी है, न एयर फ़ोर्स. उन्होंने ईरान के 58 नौसेना जहाज़ों को ध्वस्त करने का दावा भी कर दिया था. 

जंग में ईरान का मकसद 

ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा ख़ामेनेई ने अपने पहले भाषण में ईरानियों से घरेलू एकता बनाए रखने की अपील की. इसी के बाद लारीजानी का ट्वीट आया है. रिपोर्ट के मुताबिक़, ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री माजिद तख़्त-रवांची ने भी तेहरान के मकसद को साफ़ किया है. उन्होंने AFP को दिए एक इंटरव्यू में कहा,

‘हम ये सुनिश्चित करेंगे कि ईरान पर दोबारा कभी कोई हमला न करे. जून 2025 में जब ये जंग शुरू हुई थी तब 12 दिन के बाद शांति बहाल हुई. लेकिन कुछ ही महीनों बाद फिर से हमला हुआ. हम नहीं चाहते कि भविष्य में ईरान को फिर से ये सब कुछ देखना पड़े.’ 

उन्होंने ये भी बताया कि पड़ोसी देश में अमेरिकी बेस या अमेरिकी संपत्ति ईरान के निशाने पर हैं. बता दें, 28 फरवरी को ये जंग शुरू हुई थी. इस जंग में ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली ख़ामेनेई की मौत हो गई, जिसके बाद ईरान में आक्रोश और बुलंद हो गया.

वीडियो: ईरान ने अमेरिका के तेल टैंकर को निशाना बनाया

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