'अमेरिकियों से हमारी कोई दुश्मनी नहीं... ', ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान का लेटर आया
Iran President Open Letter: मसूद पेजेश्कियान ने ईरान की तरफ से सफाई पेश करते हुए लिखा कि ईरान कभी 'अग्रेशन मोड' में नहीं रहा. उन्होंने ईरान और अमेरिका के पुराने रिश्ते पर भी बात की. बताया कि ईरान-अमेरिका रिश्ते के बीच खटास 1953 में आई जब ईरान में तख्तापलट हुआ था.

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अमेरिका को एक खुली चिट्ठी लिखी है (Masoud Pezeshkian open letter). चिट्ठी 4 पन्ने की है. उन्होंने लिखा कि ईरानियों को अमेरिकियों से कोई दुश्मनी नहीं है. पश्चिम एशिया की ये जंग ईरान ने शुरू नहीं की है. ईरानी राष्ट्रपति का ये संदेश अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की स्पीच से ठीक पहले आया है. इसमें उन्होंने अमेरिकियों से एक अपील भी की है.
गुरुवार, 2 अप्रैल को मसूद पेजेश्कियान ने अपने X हैंडल पर ये चिट्ठी पोस्ट की. कैप्शन में लिखा 'टू द पीपल ऑफ़ यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ़ अमेरिका'. पत्र के पहले पन्ने में उन्होंने ईरानी सभ्यता और इतिहास के बारे में बात की. लिखा,
‘ईरान का इतिहास और वर्तमान दोनों ऐसा नहीं रहा है कि उसे एक खतरे की तरह देखा जाए. ईरान को अमेरिका, यूरोप या अन्य पड़ोसी देशों से कोई द्वेष नहीं है. ईरान को एक खतरा बताना महज़ एक पॉलिटिकल और इकोनॉमिकल मूव है. इसका रियलिटी से कोई लेना देना नहीं है.’
मसूद पेजेश्कियान ने ईरान की तरफ से सफाई पेश की. लिखा कि ईरान कभी 'अग्रेशन मोड' में नहीं रहा. उन्होंने ईरान और अमेरिका के पुराने रिश्ते की भी बात की. बताया कि ईरान-अमेरिका रिश्ते के बीच खटास तब आई जब 1953 में ईरान में तख्तापलट हुआ था. इसके बाद के प्रतिबंध और ईरान पर सैन्य कार्रवाई ने इस खाई को और गहरा करने का काम किया.
चिट्ठी के तीसरे पन्ने पर उन्होंने लिखा,
‘ईरान पर जो सैन्य कार्रवाई हुई उसकी वजह से कई मासूमों की जानें गई हैं. लेकिन सवाल ये है कि इस जंग से कौन से अमेरिकियों को लाभ मिला है? क्या वाक़ई अमेरिका को ईरान से खतरा है?’
ईरानी राष्ट्रपति ने ये कहते हुए एक दूसरी बात की तरफ इशारा किया. उनके मुताबिक इस जंग में अमेरिका का कोई हित नहीं था. वो केवल इजरायल का प्रॉक्सी बनकर जंग लड़ रहा है. अपने पत्र में उन्होंने जंग के इम्पैक्ट पर भी बात की. बताया कि इस जंग की वजह से दुनिया ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहां से अगर आगे बढ़े तो और तबाही होगी.
आख़िर में राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अमेरिकियों से एक अपील भी कर दी. अपील ये कि वो एक बार उस सच्चाई से हटकर देखें जो उन्हें बताई जा रही है. एक बार ईरान के लोगों से मिलें जो किसी न किसी फील्ड में नाम कमा रहे हैं. तब शायद समझ पाएंगे कि ईरान के बारे में जो बताया गया है और जो असल में है, उसमें कितना फर्क है.
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