'दुश्मन को मेरी बात से गलतफहमी हो गई... ', ईरान के राष्ट्रपति बात से पलटे, सऊदी-UAE को धमकाया
Iran के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने अमेरिका और इजरायल को अपने सख्त दिल के दर्शन कराए हैं. क्योंकि 'माफी' से यू-टर्न लेते हुए पेजेश्कियान 'धमकी' मोड में आए गए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि 'दुश्मन ने उनके माफी वाले बयान को गलत तरीके से पेश' किया है.

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने बड़ा दिल दिखाते हुए अरब देशों पर हमले के लिए माफी मांगी थी. अब अमेरिका और इजरायल को उन्होंने अपने सख्त दिल के दर्शन कराए हैं. क्योंकि 'माफी' से यू-टर्न लेते हुए पेजेश्कियान 'धमकी' मोड में आए गए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि 'दुश्मन ने उनके माफी वाले बयान को गलत तरीके से पेश' किया है. राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान पर हमले के लिए अरब देशों की जमीन का इस्तेमाल हुआ, तो उन पर भी हमला होगा.
खाड़ी देशों पर राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान का बदला रुख उस दबाव का नतीजा माना जा रहा है, जो ईरानी शासन और सैन्य तबकों से डाला जा रहा था. सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोग राष्ट्रपति की माफी और अरब देशों पर हमला ना करने के बयान से नाराज दिखे.
रविवार, 8 मार्च को मसूद पेजेश्कियान एक अस्पताल का दौरा करने गए. भारत स्थित ईरानी दूतावास ने उसका वीडियो शेयर किया, जिसमें राष्ट्रपति कहते हैं,
"बार-बार कहा गया है कि अरब देश और हम भाई हैं और पड़ोसियों के साथ हमारे अच्छे रिश्ते होने चाहिए. हालांकि, हम हमलों का जवाब देने के लिए मजबूर हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हमारा किसी पड़ोसी देश के साथ झगड़ा है या हम उनके लोगों को परेशान करना चाहते हैं."
उन्होंने आगे कहा,
"दुश्मन को मेरी बातों से गलतफहमी हो गई है... जब हम पर हमला होता है, तो हमारे पास जवाब देने के अलावा कोई चारा नहीं होता. वे हम पर जितना ज्यादा दबाव डालेंगे, हमारा जवाब स्वाभाविक रूप से उतना ही मजबूत होगा. हमारा ईरान, हमारा देश, बदमाशी, जुल्म या हमले के सामने आसानी से नहीं झुकेगा और ऐसा कभी नहीं हुआ है."
उन्होंने यह भी कहा कि हमारे भाई (अरब देशों) की जमीन का इस्तेमाल हम पर हमला करने के लिए होता है, तो हमें भी पलटवार करना पड़ता है. उनका बयान ऐसे समय पर आया, जब बहरीन, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में भीषण हमले हुए. UAE के दुबई में एक ड्रोन हमले में पाकिस्तानी मूल के एक शख्स की मौत हो गई. दुबई मरीना में एक टावर के सामने एक सफल इंटरसेप्शन के बाद मलबा गिरा, जहां से धुआं उठता नजर आया.
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पेजेश्कियान ने मांगी थी माफी
शनिवार, 7 मार्च को राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने ऐलान किया था कि उनका देश पड़ोसी देशों पर हमला नहीं करेगा. 6 मार्च को टेंपररी लीडरशिप काउंसिल में इस पर फैसला किया गया था. टीवी पर ईरानियों को संबोधित करते हुए पेजेश्कियान ने पड़ोसी देशों से माफी भी मांगी. उन्होंने कहा था,
"टेंपररी लीडरशिप काउंसिल ने कल घोषणा की कि पड़ोसी देशों पर और हमले नहीं होंगे और कोई मिसाइल लॉन्च नहीं की जाएगी, जब तक कि उन देशों से ईरान के खिलाफ हमला ना हो."
ईरानी राष्ट्रपति ने यह भी बताया था कि ईरान पड़ोसी देशों पर कौन सी सूरत में हमला नहीं करेगा. कहा था कि अगर ईरान पर अरब देशों की जमीन से हमला नहीं हुआ, तो वो भी इन देशों पर अटैक नहीं करेगा. राष्ट्रपति पेजेश्कियान की माफी आई तो, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) और धार्मिक तबके के शीर्ष लोगों ने तुरंत विरोध किया, जिसकी वजह से उन्हें पीछे हटना पड़ा.
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