'दोस्त' ईरान ने दिया भारत को भरोसा, 'होर्मुज की टेंशन नहीं लेने का'
Iran Hormuz Indian Friends ships: ईरान ने कहा है कि उसके ‘भारतीय दोस्तों’ को होर्मुज को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है. वे सुरक्षित हाथों में हैं. 28 फरवरी से शुरू हुई इजरायल, अमेरिका और ईरान जंग के बाद से ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बाधित है.

भारत के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर राहत की खबर आई है. ईरान ने कहा है कि उसके ‘भारतीय दोस्तों’ को चिंता करने की जरूरत नहीं है, वे सुरक्षित हाथों में हैं. ये बयान ऐसे समय पर आया है, जब कुछ दिन पहले ही ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भारत, चीन और रूस सहित अपने मित्र देशों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से अपने जहाज ले जाने की अनुमति दी है.
1 अप्रैल को साउथ अफ्रीका से ईरान के दूतावास ने एक पोस्ट में कहा था, “स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का भविष्य सिर्फ ईरान और ओमान ही तय करेंगे. आप सुरक्षित हाथों में हैं, कोई चिंता की बात नहीं.”
2 अप्रैल को दिल्ली स्थित ईरान की एंबेसी ने इसी पोस्ट को शेयर करते हुए कॉमेंट किया,
“हमारे भारतीय दोस्त सुरक्षित हाथों में हैं. उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है.”

ईरानी दूतावास के इस पोस्ट का इशारा उन भारतीयों और तेल टैंकरों की तरफ है जो जंग के चलते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे हुए हैं. ईरान यहां से केवल मित्र देशों के टैंकरों को निकलने दे रहा है. इनमें भारत भी शामिल है.
होर्मुज ऑयल-रिच फारस की खाड़ी को बाकी दुनिया से जोड़ता है. दुनिया की 20 प्रतिशत एनर्जी का ट्रांसपोर्टेशन इसी रास्ते से होता है. मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, युद्ध से पहले इस मार्ग से रोजाना 130 से ज्यादा जहाज गुजरते थे. अब सिर्फ 3-4 शिप ही यहां से निकल पा रहे हैं. इसने कई देशों में तेल और गैस संकट जैसे हालात पैदा कर दिए हैं.
ईरान की नाकाबंदी के बाद से भारत में भी लोग बैचेन होने लगे थे. ब्लैक में सिलेंडर खरीद रहे थे. पेट्रोल-डीजल को इकट्ठा कर रहे थे. मगर तेहरान के 'मित्र देशों' को छूट देने के बाद से लोगों को थोड़ी राहत मिली.
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1 महीने पहले शुरू हुई जंग के बाद से लगभग 8 जहाज होर्मुज को पार कर भारत आ गए हैं. इनमें दो LPG कैरियर शामिल हैं, जिनमें लगभग 94 हजार टन LPG है. हालांकि कई शिप अब भी होर्मुज में फंसे हुए हैं. सरकार नेवी के साथ मिलकर इन जहाजों को सुरक्षित लाने का काम कर रही है.
बीती 30 मार्च को पोर्ट, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि भारत के लिए ईंधन ला रहे 10 विदेशी जहाज होर्मुज में फंसे हुए हैं. इनमें 3 LPG के शिप, चार कच्चे तेल के टैंकर और तीन लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) कैरियर शामिल हैं.
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