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ट्रंप ने हमले के लिए 2 हफ्ते मांगे थे, पर अटैक 2 दिन बाद ही कर दिया, ईरान की ये तस्वीरें हैं इसकी वजह!

US के हवाई हमले से कुछ घंटे पहले ही Iran के फोर्डो परमाणु ठिकाने (Fordow Nuclear Site) से कुछ तस्वीरें सामने आईं. माना जा रहा है कि इन तस्वीरों को देखकर ही Donald Trump ने अपने बयान के दो दिन बाद ही अटैक का आदेश दे दिया.

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Iran Fordow Nuclear Site
ईरान के फोर्डो साइट की तस्वीरें सामने आई हैं. (फोटो: इंडिया टुडे)
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सुभम तिवारी
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22 जून 2025 (पब्लिश्ड: 02:25 PM IST)
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अमेरिका की ओर से ईरान पर हमला किया जाएगा या नहीं? ये तय करने के लिए 20 जून को, अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने दो हफ्ते का समय मांगा. लेकिन इस बयान के दो दिन बाद ही उन्होंने ईरान के तीन न्यूक्लियर साइटों पर हमला (US Attacks Iran Nuclear Sites) कर दिया. ट्रंप ने आखिर ये जल्दबाजी क्यों की? इस सवाल के जवाब के संकेत कुछ हालिया सैटेलाइट तस्वीरों से मिलते हैं.

दरअसल, अमेरिकी हमले से कुछ घंटे पहले ही फोर्डो साइट पर कुछ असामान्य गतिविधियां देखी गईं. इस बात के प्रमाण के तौर पर कुछ तस्वीरें सामने आई हैं. ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि ईरान यहां से अपने एसेस्ट्स निकालकर कहीं और शिफ्ट कर रहा था. इन्हीं गतिविधियों के कारण ट्रंप ने साइटों को निशाना बनाने में जल्दबाजी की. ट्रंप ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को पूरी तरह खत्म कर देना चाहते हैं.

अमेरिका ने ईरान के फोर्डो, नतांज और इस्फहान न्यूक्लियर साइटों पर हमला किया है. इन तीनों में सबसे ज्यादा अहमियत फोर्डो न्यूक्लियर साइट की है. इसके खास होने का कारण है, इसका लोकेशन. इसे ईरान की राजधानी तेहरान से लगभग 120 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में, एक पहाड़ से 80 से 90 मीटर नीचे बनाया गया है.

अमेरिकी कंपनी मैक्सार टेक्नोलॉजीज ने इंडिया टुडे ग्रुप को कुछ तस्वीरें उपलब्ध कराई हैं. इंडिया टुडे की ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) टीम ने इन तस्वीरों का अध्ययन किया है. ये सैटेलाइट तस्वीरें 19 और 20 जून की हैं. 

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19 जून की तस्वीर. (फोटो: मैक्सार/इंडिया टुडे)

फोर्डो साइट की 19 जून की एक तस्वीर में साइट के बाहर 16 मालवाहक ट्रकों को देखा गया. ये सब ट्रक उस रोड पर खड़े थे, जो साइट के भीतर जाने वाली सुरंग के एंट्री प्वाइंट तक जाने के लिए बनी है. 

इसके अगले दिन यानी 20 जून की तस्वीर में देखा गया कि इनमें अधिकांश ट्रक इस रोड से लगभग एक किलोमीटर उत्तर-पश्चिम की ओर खड़े हैं. 

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20 जून की तस्वीर. (फोटो: मैक्सार/इंडिया टुडे)

हालांकि, मेन फैसिलिटी के प्रवेश द्वार के पास कुछ ट्रक और बुलडोजर दिखाई दिए. इनमें एक ट्रक मुख्य सुरंग के एंट्री प्वाइंट के ठीक बगल में खड़ा था.

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20 जून की तस्वीर. (फोटो: मैक्सार/इंडिया टुडे)

ये भी पढ़ें: सबसे महंगा, ईरानी रडार को दी मात... यूएस के बी2 बॉम्बर जेट में ऐसा क्या है कि इसे चीन-रूस भी न बना सके

इजरायल हमले के समय क्या हुआ था?

13 जून को जब से इजरायल ने ईरान पर हवाई हमले शुरू किए हैं, तब से फोर्डो साइट की कई सैटेलाइट तस्वीरें ली गई हैं. लेकिन ऊपर दिखाई गई तस्वीरों को छोड़कर किसी में भी इस तरह की असामान्य गतिविधियां नहीं दिखी हैं.

अमेरिका के हमले के बाद ईरान ने कहा कि अमेरिका ने उनकी न्यूक्लियर साइटों पर हमला किया है. लेकिन इन सुविधाओं को उतना नुकसान नहीं पहुंचा है जितना की ट्रंप दावा कर रहे हैं. ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान के तीनों न्यूक्लियर साइटों को पूरी तरह धवस्त कर दिया है. 

ईरान ने कहा कि इलाके में किसी तरह का रेडिएशन नहीं हुआ है और लोग अपना जीवन सामान्य तरीके से जी सकते हैं. अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने भी इस बात की पुष्टि की. उन्होंने कहा कि हमले वाले इलाकों के रेडिएशन लेवल में कोई अंतर नहीं दिखा है. वहीं, ईरान की परमाणु ऊर्जा संस्था (AEOI) ने कहा कि इन हमलों के बावजूद उनका न्यूक्लियर प्रोग्राम नहीं रुकेगा.

वीडियो: ईरान पर हमला करने वाले B2 बॉम्बर में ऐसा क्या है? जिसे अमेरिका के सिवा कोई न बना सका

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