ईरान ने नेतन्याहू के ऑफिस पर ताबड़तोड़ मिसाइल दागे? IRGC का बड़ा दावा
Iran ने सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद से मिसाइल और ड्रोन अटैक के 10 फेज लॉन्च किए हैं. ईरानी अधिकारियों ने इस अभियान को सेल्फ डिफेंस करार देते हुए बताया कि इजरायल और अमेरिकी ठिकानों पर सिलसिलेवार ढंग से हमले किए जा रहे हैं.

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के ऑफिस और इजरायली एयर फोर्स कमांडर के ठिकानों पर मिसाइलों से हमला किया है. वहीं इजरायल की ओर से अभी तक इन हमलों की पुष्टि नहीं की गई है.
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, IRGC ने एक बयान जारी कर बताया, “हमने जायोनिस्ट शासन के अपराधी प्रधानमंत्री के ऑफिस और एयरफोर्स कमांडर के हेडक्वार्टर को निशाना बनाया है.”
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने बताया कि जवाबी कार्रवाई के दसवें चरण में टारगेटेड ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचाया गया है. ईरानी मीडिया ने दावा किया कि बेंजामिन नेतन्याहू की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है.
तेहरान ने सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद से मिसाइल और ड्रोन अटैक के 10 फेज लॉन्च किए हैं. ईरानी अधिकारियों ने इस अभियान को सेल्फ डिफेंस करार देते हुए बताया कि इजरायल और अमेरिकी ठिकानों पर सिलसिलेवार ढंग से हमले किए जा रहे हैं.
इजरायल ने 2 मार्च को ईरान की ओर से मिसाइल हमले की जानकारी दी है. लेकिन प्रधानमंत्री कार्यालय पर हमले की पुष्टि नहीं की है. इजरायली सेना की ओर से जारी एक बयान में बताया गया, “इजरायल ने ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों की पहचान की है. खतरे को रोकने के लिए डिफेंस सिस्टम सक्रिय हैं.”
अमेरिका और इजरायल के खिलाफ संघर्ष में ईरान को लेबनान के मिलिशिया संगठन हिजबुल्लाह की भी एंट्री हो गई है. इजरायल ने 2 मार्च को हिजबुल्लाह के ठिकानों पर ड्रोन से हमले किए हैं. इजरायल का दावा है कि हिजबुल्लाह ने इजरायली इलाकों की तरफ मिसाइल दागे, जिसके जवाब में उसने जवाबी कार्रवाई किया.
बेरूत में इजरायल के जवाबी कार्रवाई में कम से कम 31 लोगों के मारे जाने और 149 लोगों के घायल होने की खबर है. दूसरी तरफ अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर संयुक्त हमला जारी रखा है. जवाब में ईरान ने भी इजरायल, खाड़ी देशों और साइप्रस में एक ब्रिटिश अड्डे पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए.
कुछ ईरानियों ने चार दशक तक ईरान की सत्ता पर काबिज सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या का स्वागत किया है. खामेनेई पर सुरक्षा बलों की मदद से हजारों सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों की हत्या का आरोप था. हालांकि ईरान के रूढ़िवादी धार्मिक नेतृत्व ने सत्ता छोड़ने का कोई संकेत नहीं दिया है.
वीडियो: ईरान-इजरायल जंग के बीच PM मोदी की नेतन्याहू से फोन पर क्या बात हुई?

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