'ईरान ने कई अमेरिकी सैनिकों को बंदी बनाया,' ईरानी सिक्योरिटी चीफ के दावे पर क्या बोला अमेरिका?
Ali Larijanni ने दावा किया कि ट्रंप प्रशासन अपने सैनिकों पर झूठ बोल रहा है. उन्होंने अमेरिका सैनिकों पर बड़ा दावा तब किया जब Iran के साथ जंग में मारे गए 6 अमेरिकी सैनिकों के शव America लाए गए.
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ईरान के साथ जंग में मारे गए 6 अमेरिकी सैनिकों के शव अमेरिका पहुंच गए हैं. राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने अमेरिकी झंडे में लिपटे इन 6 सैनिकों को श्रद्धांजलि दी. अब अमेरिकी सैनिकों पर ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी अली लारीजानी ने बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि जंग के बीच ईरान ने कई अमेरिकी सैनिकों को पकड़ लिया है. अमेरिका ने भी इस पर सफाई दी है.
8 मार्च को अली लारीजानी ने दावा किया कि ट्रंप प्रशासन सिर्फ छह सैनिकों की मौत के बारे में बता रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका झूठ बोल रहा है और यह कबूल नहीं कर रहा है कि उसके सैनिक ईरान के कब्जे में हैं. उन्होंने कहा कि बाद में अमेरिका अपने सैनिकों की संख्या पर बहाने बनाएगा. उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब जंग शुरू हुए 9 दिन बीत चुके हैं.
अली लारीजानी ने क्या लिखा?X पर किए गए एक पोस्ट में अली लारीजानी ने अमेरिकी सैनिकों के बारे में लिखा,
मुझे बताया गया है कि कई अमेरिकी सैनिकों को कैदी बना लिया गया है. लेकिन अमेरिकियों का दावा है कि वे लड़ाई में मारे गए हैं. उनकी नाकाम कोशिशों के बावजूद सच ऐसी चीज नहीं है जिसे वे ज्यादा देर तक छिपा सकें.
एक और पोस्ट में उन्होंने लिखा,
कई अमेरिकी सैनिकों को कैदी बना लिया गया है. लेकिन वे एक गुमराह करने वाली कहानी फैला रहे हैं जिसमें दावा किया जा रहा है कि 5 या 6 अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं. फिर जल्द ही समय बीतने के साथ वे धीरे-धीरे अलग-अलग बहानों, जैसे कि अचानक हुए एक्सीडेंट या मनगढ़ंत घटनाओं के नाम पर मरने वालों की संख्या बढ़ाते जाते हैं.
सिक्योरिटी काउंसिल की चीफ अली लारीजानी ने प्रेसिडेंट ट्रंप को भी चेतावनी दी है. इंडिया टुडे से जुड़े प्रणय उपाध्याय की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी मीडिया से बात करते हुए लारीजानी ने कहा कि ट्रंप को ईरान पर हमले और सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या की कीमत चुकानी होगी. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने हमारे लीडर और हमारे लोगों को शहीद किया है. यह आसान बात नहीं है. हम उन्हें तब तक नहीं जाने देंगे जब तक हम बदला नहीं लेते.
युद्ध के बारे में बताते हुए वो कहते हैं कि जब दुश्मन हम पर हमला करेगा, तो हम जवाब देंगे और देंगे, यह हमारा हक है और एक टिकाऊ पॉलिसी है. लारीजानी ने साफ शब्दों में कहा कि इस इलाके के देशों को या तो अमेरिका को ईरान के खिलाफ अपनी जमीन का इस्तेमाल करने से रोकना होगा या हम रोकेंगे. लारीजानी कहते हैं कि इस युद्ध के पीछे अमेरिका और इजरायल का मकसद ईरान को तोड़ना था.
अमेरिका ने लारजानी के दावों पर क्या कहा?अमेरिका ने अली लारजानी के दावों को गलत बताया है. यूएस नेवी के कैप्टन टिम हॉकिन्स ने लारीजानी के पोस्ट के जवाब में कहा,
ईरानी सरकार झूठ फैलाने और धोखा देने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रही है. यह (सैनिकों के बारे में बात) इसी का एक और उदाहरण है.
वहीं अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के एक प्रवक्ता ने अल जजीरा को दिए एक बयान में हॉकिन्स के दावे को दोहराते हुए कहा कि अमेरिकी सैनिकों को पकड़ने के ईरानी सरकार के दावे उसके झूठ और धोखे का एक और उदाहरण हैं.
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