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पाकिस्तान के तीर्थयात्रियों को इराक ले जा रही बस का ईरान में एक्सीडेंट, 28 लोगों की मौत हो गई

Pakistan के ये तीर्थयात्री अरबाईन तीर्थयात्रा में शामिल होने Iraq जा रहे थे.

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21 अगस्त 2024 (अपडेटेड: 21 अगस्त 2024, 03:54 PM IST)
bus carrying Shiite pilgrims from Pakistan to Iraq crashed in central Iran
बस में सवार लोग पाकिस्तान के लरकाना शहर के थे (फ़ोटो - सोशल मीडिया)
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पाकिस्तान से इराक़ जा रहे शिया तीर्थयात्रियों की एक बस के साथ ईरान में बड़ा हादसा हो गया (Bus carrying pilgrims from Pakistan to Iraq crashed in Iran). अधिकारियों के मुताबिक ये बस अचानक हाईवे पर पलट गई. हादसे में कम से कम 28 लोगों की मौत हो गई. मरने वालों में 11 महिलाएं शामिल हैं. दुर्घटना में 23 लोग घायल भी हुए हैं. स्थानीय अस्पताल में इनका इलाज चल रहा है. एक अधिकारी ने बताया कि बस में सवार सभी यात्री पाकिस्तान के थे.

न्यूज़ एजेंसी AP की रिपोर्ट के मुताबिक़, स्थानीय इमरजेंसी सर्विस के अधिकारी मोहम्मद अली मालेकज़ादेह ने बताया कि ये दुर्घटना 20 अगस्त को देर रात मध्य ईरानी प्रांत यज़्द में हुई. बस में 51 लोग सवार थे. ये लोग अरबाईन तीर्थयात्रा पर इराक़ जा रहे थे. तभी ईरान की राजधानी तेहरान से लगभग 500 किलोमीटर दूर दक्षिण-पूर्व शहर ताफ़्ट में ये हादसा हो गया.

कैसे हुआ हादसा?

अलजज़ीरा की ख़बर में दुर्घटना की वजह भी बताई गई है. लिखा है कि बस के ब्रेक फेल होने की वजह से ये हादसा हुआ. कुछ पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स में स्थानीय शिया नेता कमर अब्बास के हवाले से दावा किया गया है कि दुर्घटना में 35 लोगों की मौत हुई है. उन्होंने ये भी बताया कि बस में सवार लोग पाकिस्तान के लरकाना शहर के थे. मारे गए लोगों को लेकर पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी ने अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं. 

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अरबाईन क्या है?

ये एक तीर्थयात्रा है. इसे अरबाईन तीर्थयात्रा या कर्बला वॉक या कर्बला तीर्थयात्रा भी कहते हैं. हर साल इसमें करोड़ों लोग पहुंचते हैं. इसमें शिया मुसलमान इमाम हुसैन की कब्र पर ज़ियारत करने इराक़ जाते हैं. ये यात्रा आशूरा के 40 दिन बाद की जाती है. आशूरा मुहर्रम की 10 तारीख होती है. इस दिन इमाम हुसैन को यज़ीद की सेना ने क़त्ल कर दिया था. इमाम हुसैन, पैगंबर मोहम्मद के नवासे थे. जब उन्होंने यज़ीद की ख़िलाफ़त को मानने से मना कर दिया था तब दोनों के बीच जंग हुई थी. जिसे कर्बला की जंग के नाम से जाना जाता है.

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