नतांज का बदला! इजरायल के न्यूक्लियर ठिकाने पर ईरान ने दागी मिसाइल
इजरायल की एंबुलेंस सर्विस ने बीबीसी को बताया कि वो इस हमले में घायल 40 लोगों का इलाज कर रहे हैं. इसमें से 37 लोगों को ज्यादा चोट नहीं हैं. लेकिन एक 10 साल के बच्चे की हालत गंभीर है.

ईरान ने इजरायल के दक्षिणी शहर डिमोना में उसके न्यूक्लियर पावर प्लांट पर हमला किया है. इंटरनेशनल अटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) ने बताया कि उसे फिलहाल डिमोना से किसी भी तरह के रेडिएशन के लीक होने की कोई जानकारी नहीं मिली है. इस हमले के बाद IAEA के डायरेक्टर जनरल राफेल ग्रॉसी ने कहा कि जंग में परमाणु प्रतिष्ठानों के आसपास अधिक से अधिक सैन्य संयम बरता जाना चाहिए.
बता दें कि इससे पहले अमेरिका-इजरायल ने शनिवार 21 मार्च को ईरान के सबसे बड़े परमाणु केंद्र नतांज पर एयरस्ट्राइक की थी. नतांज वही जगह है जहां 60 फीसदी शुद्धता वाले यूरेनियम एनरिचमेंट का दावा किया जाता है. पिछले साल भी अमेरिका-इजरायल ने नतांज समेत ईरान के बाकी 2 परमाणु केंद्रों पर भी भीषण हमले किए थे.
ऐसे में इजरायल के परमाणु ठिकाने पर ईरान के इस हमले को नतांज पर एयरस्ट्राइक का जवाब माना जा रहा है. इजरायल की एंबुलेंस सर्विस ने बीबीसी को बताया कि वो हमले में घायल 40 लोगों का इलाज कर रहे हैं. इसमें से 37 लोगों को ज्यादा चोट नहीं हैं लेकिन एक 10 साल के बच्चे की हालत गंभीर है. एम्बुलेंस सर्विस ने कहा डिमोना के पास के शहर अराद में भी हमला हुआ है. इस हमले में घायल 68 अन्य लोगों का भी जारी है. इन लोगों में 47 लोगों को हल्की चोटें आई हैं जबकि 10 की हालत गंभीर है. एम्बुलेंस सर्विस ने कहा,
“यह एक बहुत ही गंभीर स्थिति है. कई लोग घायल हुए थे जिनमें अलग-अलग तरह की चोट थी.”

बता दें कि ईरान की इन मिसाइलों को इजरायल का एयर डिफेंस रोक नहीं पाया. दुनिया भर में मशहूर एयर डिफेंस 'आयरन डोम' धरा का धरा रह गया. उसके इंटरसेप्टर लॉन्च तो हुए लेकिन मिसाइलों ने उन्हें बायपास कर दिया. इजरायली अधिकारी अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि मिसाइलों ने एयर डिफेंस सिस्टम को कैसे छका दिया. वहीं हमले के बाद आग बुझाने के काम में लगे इजरायली फायरफाइटर्स ने कहा,
“डिमोना और अराद दोनों में इंटरसेप्टर्स लॉन्च किए गए जो ईरानी मिसाइलों को मारने में नाकाम रहे. नतीजा ये हुआ कि सैकड़ों किलोग्राम वजन वाले वारहेड्स के साथ दो बैलिस्टिक मिसाइलों के हमले हुए.”

इजरायल के दक्षिणी हिस्से में डिमोना नाम का एक टाउन है. इसी के बगल में शिमोन पेरेस नेगेव न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर है. ये इलाका नेगेव के रेगिस्तान में स्थित है इसीलिए इस न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर को आम बोलचाल में अक्सर ‘डिमोना रिएक्टर’ कहा जाता है. लंबे समय से यह माना जाता रहा है कि यहां इजरायल के अघोषित न्यूक्लियर हथियारों का जखीरा मौजूद है. आधिकारिक तौर इजरायल कहता है कि यह जगह पूरी तरह से रिसर्च पर केंद्रित है लेकिन लगभग छह दशकों से यह एक खुला रहस्य रहा है कि इजरायल ने यहीं पर परमाणु बम विकसित किया था.
इजरायल में चाहे जो भी सरकार रही हो, किसी ने इस दावे को कभी नहीं माना. इजरायल पूरे वेस्ट एशिया में एकमात्र परमाणु शक्ति संपन्न देश है. ऐसे में अगर उसके न्यूक्लियर सेंटर को निशाना बनाया जा रहा है तो इजरायल इसे बेहद गंभीरता से लेगा.
वीडियो: ईरान ने अमेरिका के डिएगो गार्सिया बेस पर मिसाइल दाग दी, अमेरिका ने सोचा भी नहीं होगा

.webp?width=60)
