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ईरान-अमेरिका की जंग रुकवाने के लिए पाकिस्तान क्या प्लान लेकर आया?

ईरान और अमेरिका के बीच 6 मार्च को सीजफायर पर बात बन सकती है. पाकिस्तान की ओर से दोनों देशों को सीजफायर का एक प्रस्ताव भेजा गया है. इस प्रस्ताव के मुताबिक, दोनों देश दो फेज में युद्ध को खत्म करने के विकल्पों पर बातचीत करेंगे. इसमें आखिरी बातचीत इस्लामाबाद में होनी है.

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6 अप्रैल 2026 (पब्लिश्ड: 06:36 PM IST)
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पाकिस्तान ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर कराने के लिए मध्यस्थता कर रहा है. (Reuters)
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ईरान और अमेरिका के बीच जंग रोकने का नया प्रस्ताव सामने आया है. ये प्रस्ताव पाकिस्तान की ओर से है. दोनों मुल्कों को एक दिन पहले ही ये प्रस्ताव भेजा गया है. इसमें स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को खोलने और न्यूक्लियर डील करने की बात शामिल है. अगर ईरान और अमेरिका के बीच सहमति बनी तो स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को फिर से खोला जा सकता है लेकिन इस समझौते के लिए 6 अप्रैल की ही डेडलाइन रखी गई है. 

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, दोनों मुल्कों के बीच शुरुआती सहमति को एक समझौता ज्ञापन (MOU) की शक्ल दी जाएगी, जिसे पाकिस्तान की ओर से फाइनल टच दिया जाएगा. पाकिस्तान दोनों देशों के बीच बैकडोर बातचीत में एकमात्र चैनल के तौर पर काम कर रहा है. रॉयटर्स से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, इस डील को अस्थायी तौर पर 'इस्लामाबाद अकॉर्ड' नाम दिया गया है. इसे दो फेज में बांटा गया है. पहले फेज में तुरंत सीजफायर लागू होगा जबकि दूसरे फेज के तहत 15 से 20 दिनों के भीतर समझौते को अंतिम रूप दिया जाएगा. अंतिम बातचीत इस्लामाबाद में होनी है.

सीजफायर लागू होते ही ईरान को ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ को खोलना होगा. सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची 5 अप्रैल को पूरी रात एक दूसरे के संपर्क में थे. अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों की ओर से अभी इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. वहीं पाकिस्तान के फॉरेन ऑफिस के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने इस पर कोई भी कमेंट करने से इनकार कर दिया.

इससे पहले ईरानी अधिकारियों ने बताया था कि तेहरान एक परमानेंट सीजफायर चाहता है. यानी अमेरिका और इजरायल से दोबारा हमला नहीं करने की गारंटी. उन्होंने बताया कि ईरान को पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र जैसे मध्यस्थों की ओर से समझौते का संदेश आया है. सूत्रों के मुताबिक, अंतिम समझौते में अमेरिका ईरान से न्यूक्लियर वेपन नहीं बनाने की कमिटमेंट चाहेगा. वहीं बदले में प्रतिबंधों से राहत और ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों को वापस करने का विकल्प देगा. लेकिन पाकिस्तानी सूत्रों की माने तो ईरान ने अभी तक ऐसी कोई कमिटमेंट नहीं दी है. ईरान ने पाकिस्तान, चीन और अमेरिका से मिले सीजफायर के प्रस्तावों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. 

वीडियो: स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज खोलने के लिए ट्रंप ने गाली दी, ईरान ने क्या जवाब दिया?

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