आईपीएल 2019. मैच नंबर 39. रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच.पॉइंट्स टेबल में सबसे ऊपर की टीम भिड़ रही थी टेबल में सबसे नीचे मौजूद टीम से. औरइस मैच के बारे में जब भी बात होगी तो बात होगी सिर्फ़ एक शख्स के बारे में. एमएसधोनी. धोनी ने मैच में 84 रन मारे. 48 गेंदों में. 7 छक्के और 5 चौके. उनकी इनिंग्समें एकमात्र चूक हुई आख़िरी गेंद पर. वो गेंद जिसपर चेन्नई को जीतने के लिए 2 रनचाहिए थे और धोनी मिस कर गए. असल में चेन्नई सुपर किंग्स 12 सेंटीमीटर से मैच हारगई. उमेश यादव की फ़ेंकी आख़िरी गेंद धोनी कनेक्ट नहीं कर पाए और वो बाई का रन लेनेके लिए दौड़े. लेकिन दूसरे एंड पर खड़े शारदुल ठाकुर क्रीज़ से 12 सेंटीमीटर पीछे रहगए और विकेट्स के पीछे से पार्थिव पटेल का थ्रो एकदम सटीक निशाने पर जा लगा. इन्हीं12 सेंटीमीटर की वजह से चेन्नई सुपर किंग्स मैच हार गया. पहले आखिरी ओवर का रोमांचदेखिए-Mahi magic https://t.co/etmiRIxGKd via @ipl— The Lallantop (@TheLallantop) April 22, 2019 धोनी का दिमाग किस तरह से काम कररहा था, ये समझने के लिए हमें चेन्नई की इनिंग्स के आख़िरी दो ओवर्स देखने चाहिए.चेन्नई को 12 गेंदों में 36 रन चाहिए थे. दूसरे छोर पर ब्रावो खड़े थे. ब्रावो भीटी-20 क्रिकेट में अच्छे शॉट्स लगाने के लिए जाने जाते हैं. लेकिन धोनी ने पहली 2गेंदों पर सिंगल लेने से मना कर दिया. अपने दिमाग में वो ये रणनीति बना चुके थे किउस मौके पर गेम की समझ उन्हें ब्रावो से ज़्यादा थी और शॉट्स मारने के मामले में वोज़्यादा माहिर हैं. इसलिए उन्होंने खुद ही क्रीज़ संभाली. अगली गेंद पर उन्होंनेछक्का जड़ा और ये नो बॉल थी. इसके बाद 2 रन लेने के बाद फिर से धोनी ने मौका मिलनेपर सिंगल नहीं लिया. 5वीं गेंद पर लिया भी तो छठी पर ब्रावो आउट हो चुके थे. असलमें ब्रावो के पास सिर्फ़ बड़े शॉट लगाने का ही आप्शन था. क्यूंकि धोनी ये साफ़ करचुके थे कि आख़िरी ओवर में उन्हें ही स्ट्राइक चाहिए थी. आख़िरी ओवर शुरू हुआ तोचेन्नई सुपर किंग्स के सामने 26 रनों का टार्गेट था. ये टार्गेट नहीं एवरेस्ट कापहाड़ था जिसे नंगे पांव चढ़ना था. आलम ये था कि अगर हर गेंद पर चौका भी लगता, तो भीचेन्नई ये मैच न जीत पाती. लेकिन धोनी ने इस पहाड़ की चढ़ाई शुरू की. पहली ही गेंद परचौका जड़ा. 5 गेंदों में 22 रन. अगली गेंद पर 111 मीटर का छक्का. दो पंथ एक काज.पहला - चेन्नई को अब 4 गेंदों में 16 रन चाहिए थे. और दूसरा - स्टेडियम के बाहर जाचुकी गेंद इस बात का सुबूत थी कि धोनी की उम्र बढ़ी है, वो बूढ़े नहीं हुए हैं. अगली3 गेंदों में 2 छक्के लगे और एक डबल आया. यानी कुल मिलाकर सब कुछ आख़िरी गेंद पर आगया. 1 गेंद और 2 रन. धोनी ने शायद यहीं गलती कर दी. वो टैप कर के रन भागना चाहतेथे. या शायद उन्हें बॉल ही ऐसी मिली. धोनी का फ़ैसला ऐसा क्यूं था, ये तो सिर्फ़ वोही जानते हैं और हमें शायद ही कभी मालूम चलेगा. लेकिन उस मिस हुए शॉट का नतीज़ा येनिकला कि चेन्नई सुपर किंग्स एक भयानक एक्साइटिंग मैच बेहद कम अंतर से हार गई. अगरये मैच चेन्नई की झोली में आता तो यकीनन धोनी की ये इनिंग्स आईपीएल इतिहास में खलीगई बेस्ट इनिंग्स में से एक होती. खैर, धोनी ने अपनी इस इनिंग्स में कुछ रेकॉर्ड्सभी बनाए. आईपीएल में 200 छक्के मारने वाले वो एकमात्र भारतीय बल्लेबाज़ बन गए हैं.इसके साथ ही उन्होंने आईपीएल में बतौर कप्तान 4000 रनों के आंकड़े को भी पार करलिया. इसके साथ ही आज बनाए 84 रन धोनी का आईपीएल में हाइएस्ट स्कोर बन गया है. इससेपहले रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने पहले बैटिंग की थी और पार्थिव पटेल ने एक छोर पकड़कर 37 गेंदों में 53 रन बनाए. इसके साथ ही डिविलियर्स के 25 और मोइन अली के 26 रनोंकी बदौलत बैंगलोर ने होम ग्राउंड पर 161 रनों का स्कोर बनाया. 162 का टार्गेट, चेज़करने के लिहाज़ से कम्फ़र्टेबल टार्गेट होता है. लेकिन डेल स्टेन ने चेन्नई को शुरुआतसे ही झटके देने शुरू कर दिए. चेन्नई की हालत ये थी कि पॉवरप्ले ख़त्म होने परचेन्नई ने मात्र 32 रन बनाए थे और उनके 4 विकेट्स गिर चुके थे. लेकिन इसके बाद धोनीने एक छोर छोड़ा ही नहीं और मैच को आख़िरी बॉल तक खींच कर लाये. ये थी धोनी कीइनिंग्स जिसने नामुमकिन को लगभग मुमकिन कर ही दिया था. अब राजस्थान अगर अच्छेमार्जिन से मैच जीतती है तो उसके पास मौका होगा कि पॉइंट्स टेबल में वो 7वें से छठेनंबर पर पहुंचने का. वहीं अगर दिल्ली जीतती है तो मुंबई और चेन्नई, दोनों को घसीटकर वो पॉइंट्स टेबल में टॉप पर पहुंच जायेगी. एक मैच की हार आपके साथ क्या कुछ करसकती है. कल जो टीम टॉप पर थी और सबसे नीचे की टीम से खेलने जा रही थी, उस टीम सेहार जाने के बाद अपने टॉप स्पॉट को खतरे में पा रही है.--------------------------------------------------------------------------------लल्लनटॉप वीडियो भी देखिए-