देश में हुई इन्टॉलरेंस यानी असहिष्णुता की बहस में अब तक आमिर खान, शाहरुख खान,करन जौहर और रघुराम राजन जैसी हस्तियां 'अंधे राष्ट्रवादी देशभक्तों' की गालियां खाचुके हैं. जिन काबिल लोगों को बिना सोचे-समझे प्यार दिया गया, वो जब असल बात जुबांपर लाए, तो उन्हें तौल-तौलकर गालियां दी गईं. अब इस लिस्ट में रतन टाटा का नामजुड़ने वाला है. वैसे तो उनकी बड़ी इज्जत है, लेकिन अब उन्होंने इन्टॉलरेंस पर बयानदे दिया है. 'देशभक्तों' से गुजारिश है कि अपनी जुबान की धार तेज कर लें.रतन टाटा सिंधिया स्कूल ऑफ ग्वालियर के 119वें स्थापना दिवस पर हुए कार्यक्रम मेंगए थे. कार्यक्रम में टाटा से पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भाषण दिया था, जिसमेंउन्होंने इन्टॉलरेंस पर भी बात की. उनके बाद बोलने आए टाटा ने सिंधिया की बात कासमर्थन किया. टाटा ने कहा,--------------------------------------------------------------------------------'असहिष्णुता एक अभिशाप है, जो हम पिछले कुछ दिनों से देख रहे हैं. मुझे लगता है किहम सब जानते हैं कि ये असहिष्णुता कहां से आ रही है और ये क्या है. हजारों, लाखोंभारतीयों की तरह हर इंसान देश को असहिष्णुता के बिना देखना चाहता है. सिंधिया नेअसहिष्णुता के बारे में अपनी बात रखी. ये एक अभिशाप है, जो हम आजकल देख रहे हैं. हमएक ऐसे माहौल में रहना चाहते हैं, जहां हम अपने साथियों से प्रेम करें. जहां हमउन्हें गोली न मारें, उनकी जान न ले लें. हम उन्हें बंधक बनाकर न रखें, बल्कि हमउनकी मदद करें और उनसे मदद ले सकें.'--------------------------------------------------------------------------------इस कार्यक्रम में टाटा ने बच्चों के एक बेहद खूबसूरत मेसेज दिया. उन्होंने कहा, 'हमचाहते हैं कि आप विजेता बनें. हम ये भी चाहते हैं कि आप विचारक बनें, क्योंकि बहस,चर्चा और असहमति ही एक सभ्य समाज की पहचान हैं.'टाटा से पहले सिंधिया ने कहा था, 'इस समय देश में असहिष्णुता का माहौल है. हर इंसानको बताया जा रहा है कि उसे क्या पहनना है, क्या बोलना है, क्या सुनना है और क्याखाना है. किसी की असहमति पर इस तरह हमला करना एक समाज के आगे बढ़ने के खिलाफ है.'--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें: इंडिया में इनटॉलरेंस सच्ची में बढ़ गई है! करन जौहर ने कहा'डेमोक्रेसी सबसे बड़ा मजाक' इनटॉलरेंस की पाकिस्तानी कहानी: हिंदू का मर्डर, FIRतक नहीं हुई