The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Infant survived after being buried by teenage mother in barwani district of Madhya Pradesh

रेप से पैदा हुए बच्चे के साथ इस लड़की ने जो किया उसके लिए जिम्मेदार हम हैं

कब तक 'लोग क्या कहेंगे' से भागते रहेंगे?

Advertisement
pic
29 जुलाई 2017 (अपडेटेड: 29 जुलाई 2017, 10:07 AM IST)
Img The Lallantop
फोटो - thelallantop
Quick AI Highlights
Click here to view more
इस विचित्र संसार में जो न हो जाए थोड़ा है. ऐसी-ऐसी घटनाएं सामने आती हैं, जिनसे मानवता पर से विश्वास हिलने लगता है. कई बार तो ऐसा भी होता है कि किसी गुनाह के लिए किसे दोषी माना जाए ये समझ ही नहीं आता है. मध्य प्रदेश से एक ऐसी ही विचलित करने वाली ख़बर आई है.
एमपी के बरवानी जिले के एक गांव में कुछ बच्चे खेल रहे थे. करीब ही एक कब्रिस्तान था. उनको किसी बच्चे के रोने की दबी-दबी आवाज सुनाई दी. बच्चों ने फ़ौरन गांव के बड़ों को सूचित किया. पता चला कि एक गड्ढे से ये आवाज़ आ रही है. आनन-फानन में गड्ढे को खोदा गया. अंदर से बुरी हालत में एक छोटा सा बच्चा बरामद हुआ. उम्र मुश्किल से एक हफ्ता होगी. बच्चे के शरीर को कीड़े नोच चुके थे और उसके शरीर में ठंड बैठ चुकी थी. लोग उसे तुरंत अस्पताल ले गए. अभी फिलहाल उसकी स्थिति स्थिर है.
तहकीकात करने पर पता चला कि बच्चे को एक नाबालिग लड़की और उसके परिवार वालों ने दफनाया था. बच्चे की मां की उम्र सिर्फ 16 साल है. लड़की ने ऐसा इसलिए किया, क्योंकि वो बच्चे से ‘छुटकारा’ पाना चाहती थी. बरवानी के पुलिस चीफ प्रशांत खरे ने AFP को बताया कि मां ने बच्चे से पीछा छुड़ाने के लिए उसे ज़िंदा ही गाड़ दिया. उसके बाद वो अपने ससुराल चली गई. उस पर हत्या का चार्ज लगेगा.
मामले तब और गंभीर हो गया जब लड़की ने दावा किया कि ये बच्चा एक रेप से हुई प्रेग्नेंसी का नतीजा है. गांव के ही एक किशोर ने इस लड़की का रेप किया था. 17 साल के उस लड़के को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.
रेप के बाद जब प्रेग्नेंसी का पता चला, तो लड़की के घरवालों ने ज़बरदस्ती उसकी एक जगह शादी करवा दी. उन लोगों ने बच्चे को अपनाने से साफ़ इनकार कर दिया. खास तौर से उसके पति ने. मजबूरन लड़की को डिलीवरी के लिए अपनी मां के घर लौटना पड़ा. आगे होने वाली दिक्कतें टालने के लिए उन्होंने बच्चे से पीछा छुड़ाने की बात सोची. इसी वजह से उसे एक गड्ढा खोद कर दफ़न कर दिया गया.
प्रतीकात्मक इमेज.
प्रतीकात्मक इमेज.

बच्चा अब स्वस्थ हो रहा है. उसकी कातिल उसकी मां ही साबित हो रही है. वो मां, जिसे मजबूर किया इस सिस्टम ने ऐसा घृणित कदम उठाने पर. हम लोग मां को क्रूर, राक्षसी, हत्यारन कह के निकल जाएंगे. लेकिन इसे भी ध्यान में रखना होगा कि इसमें समाज की भी अपनी भूमिका है. वो समाज जो रेप विक्टिम को अपनाने से कतराता है. उससे जानवरों सा व्यवहार करता है. जिसकी निगाह में बदनाम न होने का प्रेशर इतना ज़्यादा होता है कि लोग अमानवीय हरकत तक कर बैठते हैं.
अभी पिछले दिनों ही दिल्ली के एक स्कूल में एक 10वीं क्लास की बच्ची की स्कूल में डिलीवरी होने का मामला सामने आया था. पूरी ख़बर यहां: 10वीं की स्टूडेंट की स्कूल में डिलीवरी हुई, प्रेग्नेंसी की कहानी सुनकर उल्टी आती है

उस बच्चे पर जो गुज़री उसकी ज़िम्मेदारी हमारे सिस्टम की ज़्यादा है.


ये भी पढ़ें:

मां बच्चे को मारना चाहती थी, बचाने वाली नर्स जेल चली गई

डॉक्टर महिला की डिलीवरी कराती रही, और खुद मौत से लड़ गई

जब आठ महीने की प्रेग्नेंट औरत ने लगाई रेस

Advertisement

Advertisement

()