शनिवार को संतोष उपाध्याय उज्जैन से इंदौर-पटना एक्सप्रेस में सवार हुए. अपने घरइलाहाबाद जाने के लिए. संतोष पेशे से पत्रकार हैं. उनका टिकट वेटिंग में था. बादमें कंफर्म हो गया था. टीटी ने उनको S2 बोगी में सीट अलॉट की थी. बर्थ नंबर 7.संतोष आराम से अपनी बर्थ पर टिके थे. रात में एक लेडी संतोष के पास आई. उसकी सीट S5बोगी में थी. S2 में उसकी दोस्त थी. और दोनों साथ बैठना चाहती थीं. इसलिए उसनेसंतोष से रिक्वेस्ट किया कि वो उससे सीट बदल लें. संतोष सीट चेंज करने के लिए रेडीहो गए. और अपना सामान उठाया और जा टिके S5 कोच में. जब ट्रेन पटरी से उतरी, संतोषबाथरूम से लौट रहे थे. फोन में मैसेज चेक कर रहे थे कि अचानक ट्रेन को झटका लगा औरडिब्बे पलट गए. इस हादसे से सबसे ज्यादा नुकसान S1 और S2 बोगी को हुआ है. संतोषकिसी तरह इमरजेंसी विंडो से सेफली बाहर निकल गए. उनकी पीठ और गर्दन पर चोटें आईहैं. वो कहते हैं, 'अगर सीट न बदली होती तो मैं भी आज जिंदा न होता.' संतोष बतातेहैं कि खिड़की से जब वो निकले, बाहर का मंजर बहुत दर्दनाक और खौफनाक था. पलटी हुईट्रेन की बोगियां. खून से लथपथ लाशें. लोगों की चीखों से पूरा माहौल गूंज रहा था. दटाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, उसी हालत में उन्होंने बिहार रेलवे के CPRO विनयकुमार को फोन किया. और हादसे के बारे में बताया. उसके बाद उन्होंने कानपुर रेलवेकंट्रेल रूम में कॉल किया. मौके पर कोई सेक्योरिटी वाले नहीं पहुंचे थे. लोगएक-दूसरे की मदद कर रहे थे. बच्चे अपने पेरेंट्स को औऱ पेरेंट्स अपने बच्चों कोतलाशने में लगे थे. संडे की शाम में संतोष अपने घर इलाहाबाद पहुंच चुके हैं. अपनीफैमिली के साथ हैं. पर वो हादसे को भूला नहीं पा रहे हैं. उनके मुताबिक, शरीर परलगे घाव तो भर जाएंगे पर मैं उस दर्दनाक मंजर को भूलने के लिए क्या करूं? जिस औरतने सीट बदली थी, वो कहां है. किस हाल में अभी इसकी जानकारी नहीं है.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़िये.. कानपुर ट्रेन हादसे के शिकार इन तीन बच्चों की तस्वीरें वायरल होरही हैं इस आदमी की सुन ली जाती तो टल सकता था कानपुर ट्रेन हादसाट्रेन हादसा: 10 दिन बाद शादी है, हाथ टूट चुका है, पापा नहीं मिल रहे हैंखौफनाक रेल हादसा : न जाने कितने मरे और एक बच्ची के तो दो टुकड़े हो गएमहज 10 मिनट में दो ट्रेनों का हो गया था ये हालट्रेन हादसा: गहरी नींद में थे सब, एक झटका लगा और इधर-उधर गिर पड़े और…ट्रेन हादसा: वो बच्ची मेरे सामने खेल रही थी, फिर उसके दो टुकड़े हो गए