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नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती पर BJP सांसद क्या बोल गए कि कांग्रेस ने घेर लिया

कहना तो वही चाहते थे, लेकिन नेता जी कह नहीं पाए

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24 जनवरी 2021 (अपडेटेड: 24 जनवरी 2021, 09:22 AM IST)
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इंदौर के बीजेपी सांसद शंकर लालवान की जुबान लड़खड़ा गई. कांग्रेस ने इसे लेकर उन पर निशाना साधा है.
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शनिवार 23 जनवरी 2021 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती मनाई गई. इस मौके पर देशभर में कई कार्यक्रम हुए.नेताजी की जयंती को मोदी सरकार ने पराक्रम दिवस के तौर पर मनाया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलकाता के विक्टोरिया मेमोरियल में नेताजी की स्मृति में सिक्का और डाक टिकट जारी किया. देश के अन्य हिस्सों में भी कार्यक्रम हुए. मध्यप्रदेश के इंदौर में भी नेताजी की जयंती के मौके पर समारोह आयोजित किए गए. कार्यक्रम में इंदौर के बीजेपी सांसद शंकर लालवानी ने भी हिस्सा लिया. कार्यक्रम में वे नेताजी जैसी ही टोपी पहने हुए. भाषण के दौरान उन्होंने पहले नेताजी को ''चंद्रशेखर आजाद'' कहा, फिर बात संभाली, लेकिन नेताजी को ''चंद्रशेखर बोस'' कह दिया. सांसद ने कहा,
नौकरी छोड़कर देश की सेवा के लिए काम किया. देश की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी. और जब अंग्रेज उनके पीछे पड़े तो उन्होंने अपना भेष बदलकर, यहां से, भारत से बाहर गए और विदेश में आजाद हिंद फौज की रचना की. उन्होंने सैनिकों को इकट्ठा किया, जो भारत में अंग्रेजों के छक्के छुड़ा दिए. ऐसे नेताजी चंद्रशेखर आजाद...चंद्रशेखर बोस की हम जयंती मना रहे हैं. और इस अवसर पर मैं यही कहूंगा कि उन्होंने जिस तरह अपने देश के लिए प्राण न्यौछावर किए हम सब भी अपने शहर समाज के उत्थान के लिए, देश को परम वैभव तक पहुंचाने के लिए पसीना बहाएं.
इसे लेकर कांग्रेस ने उनपर निशाना साधा है. मध्य प्रदेश कांग्रेस ने अपने ट्वीटर अकाउंट पर सांसद लालवानी का एक वीडियो साझा करते हुए लिखा, 'ये हैं इंदौर के बीजेपी सांसद, इन्हें नेता जी सुभाष चंद्र बोस का नाम तक नहीं मालूम. सांसद ने मालवा संस्कृति मंच से रक्तदान की भी अपील की. उन्होंने कहा कि युवाओं को रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए. देश में कई बार ऐसी विषम परिस्थितियां बन जाती हैं कि रक्त की जरूरत पड़ती है. रक्त दान से समाज को समस्या का समाधान मिल सकता है. उन्होंने खुद भी रक्तदान किया.

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