इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स का इस्तीफा, अब सब इस आदमी के हवाले
Pieter Elbers ने सितंबर 2022 में इंडिगो की कमान संभाली थी. पिछले साल दिसंबर में एयरलाइन को अपने इतिहास के सबसे खराब ऑपरेशनल संकट का सामना करना पड़ा था. 3 से 5 दिसंबर के बीच इंडिगो को 2500 से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ीं और करीब 1,900 उड़ानों में देरी हुई. इससे एयरलाइन की साख पर बहुत बुरा असर पड़ा था.

भारत की सबसे बड़ी एयरलाइंस कंपनी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) पीटर एलबर्स ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. कंपनी ने उनके इस्तीफे को स्वीकार करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से सभी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया है. फिलहाल कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल भाटिया अंतरिम तौर पर एयरलाइंस का प्रबंधन संभालेंगे. भाटिया इंडिगो के को-फाउंडर भी हैं.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पीटर एल्बर्स ने राहुल भाटिया के नाम लिखे अपने इस्तीफे में कहा कि वह व्यक्तिगत कारणों से इंडिगो के सीईओ पद से तुरंत प्रभाव से इस्तीफा दे रहे हैं. एल्बर्स ने आगे अपने इस्तीफे में लिखा,
“सितंबर 2022 से इंडिगो के सीईओ के तौर पर काम करना मेरे लिए गर्व और सम्मान की बात रही है. इंडिगो परिवार का हिस्सा बनना और कंपनी की शानदार विकास यात्रा में योगदान देना मेरे लिए एक खास अनुभव रहा है.”
दिसंबर से ही बन रहा था दबाव
पीटर एल्बर्स ने सितंबर 2022 में इंडिगो की कमान संभाली थी. पिछले साल दिसंबर में एयरलाइन को अपने इतिहास के सबसे खराब ऑपरेशनल संकट का सामना करना पड़ा था. 3 से 5 दिसंबर के बीच इंडिगो को 2500 से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ीं और करीब 1,900 उड़ानों में देरी हुई. इससे एयरलाइन की साख पर बहुत बुरा असर पड़ा था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस संकट की वजह से कंपनी को करीब 2 हजार करोड़ का नुकसान भी हुआ था. कहा जा रहा है कि इस संकट के बाद से ही एल्बर्स पर इस्तीफे का दबाव था.
DGCA ने लिया सख्त एक्शन
दिसंबर में इंडिगो के उड़ानों में आई दिक्कत के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने इंडिगो के खिलाफ सख्त रुख अपनाया था. जांच में पाया गया कि एयरलाइन ने यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा मानकों में लापरवाही बरती. विमानन एजेंसी ने इंडिगो पर 22 करोड़ 20 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया.
पीटर के इस्तीफे के बाद इंडिगो के मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल भाटिया ने कंपनी का कामकाज संभालते ही अपने कर्मचारियों के नाम एक भावुक ईमेल किया है. इसमें उन्होंने कंपनी के कर्मचारियों के योगदान की सराहना करते हुए दिसंबर में हुई गलती कभी नहीं दोहराने की बात की है. उन्होंने लिखा,
“मैं इंडिगों से जुड़े मामलों को मैनेज करने की बड़ी भूमिका में पूरी जिम्मेदारी के साथ आ रहा हूं. मैं हमारे वर्क कल्चर और ऑपरेशनल एक्सीलेंस को मजबूत करने और कस्टमर्स को बेहतरीन सर्विस देने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हूं.”
राहुल भाटिया ने बिना किसी लाग लपेट के इस बात को स्वीकार किया है कि पिछले दिसंबर में जो हुआ वह कभी नहीं होना चाहिए था. उन्होंने माना,
“कस्टमर्स ऐसी सर्विस बिल्कुल नहीं डिजर्व करते थे. साथ ही हमारे फ्रंटलाइन कर्मचारियों ने बिना किसी गलती के सबसे ज्यादा नुकसान उठाया. मैं उन सभी साथियों का एहसानमंद हूं जिन्होंने मुश्किल वक्त में कंपनी की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाई.”
राहुल भाटिया ने अपने कर्मचारियों को याद दिलाया कि उन्होंने 22 साल पहले इंडिगो की शुरुआत एक बेहद सामान्य मिशन के साथ की थी. हर भारतीय को सस्ती और आसान हवाई यात्रा उपलब्ध कराने का मिशन.
उन्होंने आखिर में कर्मचारियों से अपील की है कि उन्हें मिलजुल कर काम करना है ताकि वे फिर से कस्टमर्स की पहली पसंद बन सकें. भाटिया ने कहा कि सस्ती टिकट और ग्राहकों को बिना किसी परेशानी के यात्रा का अनुभव देना ही इंडिगो की पहचान है और वे इसे आगे भी बनाए रखना चाहते हैं.
वीडियो: इंडिगो एयरलाइंस पर लगे जुर्माने पर कंपनी ने क्या जवाब दिया?

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