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"ना लाते तो मर जाते"- सूडान से एयरलिफ्ट कर लाए भारतीयों ने जो बताया, सुन सिहर जाएंगे

सूडान में जगह-जगह चल रहे हैं बम और गोलियां. लूटपाट और खूनखराबे के बीच लोगों को निकाला जा रहा है.

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27 अप्रैल 2023 (अपडेटेड: 27 अप्रैल 2023, 01:07 PM IST)
Indians Evacuated From Sudan Operation Kaveri Personal Stories
ऑपरेशन कावेरी के तहत सूडान से लौटे भारतीय. (फोटो-आजतक)
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सूडान से लगभग 1100 भारतीयों को रेस्क्यू कर लिया गया है. 25 अप्रैल से शुरू हुए ‘ऑपरेशन कावेरी’ (Operation Kaveri) के तहत अब तक छह बैच भारत पहुंच चुके हैं ( Indians Rescued from Sudan). मीडिया के साथ बातचीत में इन लोगों ने सूडान की स्थिति के बारे में बताया. उन्होंने वहां अपने आसपास के घरों पर बमबारी होते देखी. लगातार उड़ती मिसाइलों और बंदूक की नोक पर लूटपाट जैसी घटनाओं का भी जिक्र किया.

एक भारतीय ने मीडिया को बताया,

रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) का टेंट हमारी कंपनी के पास लगा था. सुबह करीब 9 बजे सुरक्षाबल हमारी कंपनी में घुस गए और हमारे साथ लूटपाट की. उन्होंने हमें आठ घंटे तक बंधक बनाकर रखा. हमारे सीने पर राइफल रखकर लूट लिया. हमारे मोबाइल-पैसे छीन लिए.

एक शख्स ने अपना एक्सपीरिएंस शेयर करते हुए बताया,

हमें खाने का इंतजाम करने में बहुत मुश्किल हो रही थी. ऐसा दो-तीन दिनों तक जारी रहा.

वापस लौटे भारतीयों में ज्योति अग्रवाल नाम की एक महिला भी है. उनके पति खार्तूम में चार्टर्ड एकाउंटेंट के रूप में काम कर चुके हैं. उनकी 10 साल की बेटी और एक बेटी सुरक्षित भारत पहुंचे हैं. NDTV से बातचीत में उन्होंने बताया,  

मैंने दो गली छोड़कर एक घर को बम से बर्बाद होते देखा है. मैंने अपने ऑफिस के कर्मचारियों को बंदूक की नोक पर देखा है. कहा नहीं जा सकता कब क्या हो जाए. कभी भी जान जा सकती थी. हमें नहीं पता था कि हम सब मारे जाएंगे या बचेंगे. हम अपने साथ कोई पैसे भी नहीं लाए. वो हमें लूट सकते थे या मार भी सकते थे.

उनकी 10 साल की बेटी एरियाना ने बताया,

हम स्कूल में एक एग्जाम दे रहे थे तभी जोर से आवाजें आईं. हमें नहीं पता था कि क्या हो रहा है. वो गोलियों और बमबारी की आवाज थी. हमें कैंटीन में ले जाया गया और टेबल के नीचे छिपने के लिए कहा गया.

सूडान में एक सिरेमिक कारखाने में काम करने वाले 27 साल के पंकज यादव ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया,

अपने देश में वापस आना बहुत राहत की बात है. मैं किसी तरह वहां अपना गुजारा कर रहा था. कई दिन पहले बिजली काट दी गई थी. बुनियादी सुविधाओं तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया. मेरा परिवार यूपी के बलिया में रहता है. उनसे भी कोई संपर्क नहीं हो पाया. 

INS सुमेधा और एयरफोर्स विमानों के जरिए अब तक 1158 लोगों को भारत लाया गया है. भारत के अलावा ब्रिटेन, अमेरिका, फ्रांस और सऊदी समेत कई देश सूडान से अपने नागरिकों को रस्क्यू कर रहे हैं.

वीडियो: सूडान में चल रहे सिविल वॉर पर क्या बोले एस जयशंकर, सिद्धारमैया ने जवाब दे दिया?

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