"ना लाते तो मर जाते"- सूडान से एयरलिफ्ट कर लाए भारतीयों ने जो बताया, सुन सिहर जाएंगे
सूडान में जगह-जगह चल रहे हैं बम और गोलियां. लूटपाट और खूनखराबे के बीच लोगों को निकाला जा रहा है.

सूडान से लगभग 1100 भारतीयों को रेस्क्यू कर लिया गया है. 25 अप्रैल से शुरू हुए ‘ऑपरेशन कावेरी’ (Operation Kaveri) के तहत अब तक छह बैच भारत पहुंच चुके हैं ( Indians Rescued from Sudan). मीडिया के साथ बातचीत में इन लोगों ने सूडान की स्थिति के बारे में बताया. उन्होंने वहां अपने आसपास के घरों पर बमबारी होते देखी. लगातार उड़ती मिसाइलों और बंदूक की नोक पर लूटपाट जैसी घटनाओं का भी जिक्र किया.
एक भारतीय ने मीडिया को बताया,
एक शख्स ने अपना एक्सपीरिएंस शेयर करते हुए बताया,
वापस लौटे भारतीयों में ज्योति अग्रवाल नाम की एक महिला भी है. उनके पति खार्तूम में चार्टर्ड एकाउंटेंट के रूप में काम कर चुके हैं. उनकी 10 साल की बेटी और एक बेटी सुरक्षित भारत पहुंचे हैं. NDTV से बातचीत में उन्होंने बताया,
उनकी 10 साल की बेटी एरियाना ने बताया,
सूडान में एक सिरेमिक कारखाने में काम करने वाले 27 साल के पंकज यादव ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया,
INS सुमेधा और एयरफोर्स विमानों के जरिए अब तक 1158 लोगों को भारत लाया गया है. भारत के अलावा ब्रिटेन, अमेरिका, फ्रांस और सऊदी समेत कई देश सूडान से अपने नागरिकों को रस्क्यू कर रहे हैं.
वीडियो: सूडान में चल रहे सिविल वॉर पर क्या बोले एस जयशंकर, सिद्धारमैया ने जवाब दे दिया?

.webp?width=60)

