अगले साल 2017 के अक्टूबर में अंडर-17 का फुटबॉल वर्ल्ड कप इंडिया में ही होने वालाहै. पहली बार फुटबॉल का इतना बड़ा इवेंट इंडिया में हो रहा है और जाहिर है कि इंडियनजूनियर टीम भी इसमें शामिल होने वाली है. इस वर्ल्ड कप के लिए इंडिया की अंडर-17टीम भी जोर-शोर से तैयारी में जुट गई है. फुटबॉल का इंडिया में वही हाल हैजो क्रिकेट का ब्राजील में. मतलब की इंडिया वर्ल्ड फुटबॉल के मैप में कहीं नहींस्टैंड करता है. इस पॉपुलर स्पोर्ट में इंडियन टीम की रैंकिंग 133 है. पर भारत केसबसे चौचक फुटबॉलर बाईचुंग भूटिया ने भारत की अंडर-17 फुटबॉल टीम की जमकर तारीफ की.उन्होंने कहा कि देश के इन जूनियर खिलाड़ियों की परफॉर्मेंस ब्राजील की जूनियरखिलाड़ियों की टक्कर का है. अभी बाईचुंग भूटिया ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) कीटेक्निकल कमिटी के अध्यक्ष हैं. भूटिया का कहना है कि ‘‘हमने इंडिया की अंडर-17टीम को ब्राजील के खिलाफ खेलते हुए देखा और इंडियन प्लेयर्स की परफॉर्मेंस ब्राजीलके प्लेयर्स की टक्कर की थी. हमारी टीम इस समय वर्ल्ड क्लास टीमों के साथ खेल रहीहै. जाहिर सी बात है कि अगर आप मैच नहीं खेलोगे तो बेहतर प्लेयर्स नहीं पैदा करसकते. हमारा फोकस अंडर-17 वर्ल्ड कप की टीम को वर्ल्ड क्लास टीम बनाना है. हमलोगग्रासरूट लेवल पर काम कर रहे हैं. हम युवा प्लेयर्स को इसके लिए हर तरह की सुविधाएंदे रहे हैं."बाईचुंग भूटिया की बातों को कोट करते हुए AIFF के अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने कहा,“इस समय जो इंडियन अंडर-17 टीम की परफॉर्मेंस है, वो इंडियन फुटबॉल में एक बहुत बड़ीक्रांति है. इस समय हमारी भारतीय टीम बेहतरीन कोचों के अंदर खेल रही है. और उनलोगों को वर्ल्ड क्लास सुविधाएं मिल रही है. और हमारी युवा टीम वर्ल्ड की बेस्ट टीमके साथ प्रैक्टिस कर रही है. अगले वर्ल्ड कप के लिए हमारी टीम बिलकुल रेडी है”.इंडियन अंडर-17 टीम के हेड कोच निकोलाई एडम हैं. जो कि खुद भी जर्मनी के लिए खेलचुके हैं. वो पहले ही कह चुके हैं, “मेरी टीम में वो ताकत है कि हम जर्मनी की भीयुवा टीम से मुकाबला कर सकते हैं. इंडियन अंडर-17 टीम अगले वर्ल्ड कप में सबसे बड़ाअंडरडॉग साबित होगी. वर्ल्ड कप में हमारी टीम पूरी शिद्दत से खेलेगी”. अगले सालइंडिया में होने वाले अंडर-17 वर्ल्ड कप में जिन खिलाड़ियों पर सारा दारोमदार है,जानिए उन युवा तुर्कों के बारे में:1. कोमल थाटलकोमल थाटल, 15 साल का एक ऐसा लड़का जिसके मैजिक से इंडियन फुटबॉल लवर्स का दिलबाग-बाग हो जाता है. लोगों का कहना है कि आने वाले समय में कोमल इंडियन फुटबॉल कोवर्ल्ड मैप पर ला सकते हैं. कोमल बेसिकली वेस्ट सिक्किम के रहने वाले हैं. औरफॉरवर्ड से खेलते हैं.कोमल थाटलकोमल थाटल ने अभी हाल ही में ब्राजील की अंडर-17 टीम के खिलाफ गोल दागकर इतिहास रचाथा. ये ब्राजील के खिलाफ गोल करने वाले पहले इंडियन बने. ये रिकॉर्ड उन्होंने गोवामें चल रहे ब्रिक्स अंडर-17 टूर्नामेंट में बनाया था. जिसमें उन्होंने दो डिफेंडर्सको छकाते हुए बॉल को नेट तक पहुंचाया था. कोमल इस समय जबरदस्त परफॉर्मेंस में हैं.कुछ दिनों पहले तक वो नंबर 10 मिडफील्ड प्लेयर थे. कोमल ‘नामची फुटबॉल एकेडमी’ केप्रोडक्ट हैं. ‘नामची फुटबॉल एकेडमी’ सिक्किम की एक फुटबॉल एकेडमी है. देखिए इसवीडियो में कोमल ने कैसे ब्राजील के खिलाफ गोल किया-https://youtu.be/rOFRVElZFOA2. अनिकेत अनिल जाधवअनिकेत जाधव महाराष्ट्र के कोल्हापुर के रहने वाले हैं. अनिकेत इंडिया के लिए कईबेहतरीन गोल कर चुके हैं. अनिकेत ऐसे प्लेयर हैं जो दोनों पैरों से खेलते हैं. यूथफुटबॉल में अगर किसी के सबसे ज्यादा फॉलोवर है तो वो अनिकेत के ही हैं. महाराष्ट्रके 16 साल के इस खिलाड़ी में कमाल का स्टेमिना है. उनकी फिटनेस भी लाजवाब है.अनिकेत जाधव अनिकेत ने 8 साल की उम्र में फुटबॉल खेलना शुरू किया था. अब पुणे एफसी अंडर-19 टीमके लिए खेलते हैं. राईट विंग, लेफ्ट विंग और स्ट्राइकर के तौर पर खेलते हैं. तीनोंही पोजीशन इनके पसंदीदा हैं. इनके फेवरिट फुटबॉलर नेमार हैं. फेवरिट क्लब FCBarcelona है. जब भी खाली टाइम मिलता है तो वो फुटबॉल के अलावा टेबल टेनिस खेलतेहैं.देखिए एफसी टूर्नामेंट में सऊदी अरब के खिलाफ अनिकेत का गोल-https://youtu.be/Wp-L0E3O0CM3. सुरेश सिंह वांगजम सुरेश इंडियन अंडर-17 टीम के कप्तान हैं. और अगले साल इंडिया में होने वालेअंडर-17 वर्ल्ड कप में इंडियन टीम को यही लीड करने वाले हैं. सुरेश सिंह वांगजममणिपुर के रहने वाले हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत इम्फाल के एक छोटी सीएकेडमी से किया. एएफसी अंडर -16 चैम्पियनशिप में अपनी लाजवाब परफॉर्मेंस से लोगोंका दिल जीता था. एएफसी अंडर -16 चैंपियनशिप में सुरेश बाकी युवा खिलाड़ियों के लिएरोल मॉडल थे. उस चैंपियनशिप में सुरेश ने चार गोल दागे थे.सुरेश सिंह वांगजमसेंट्रल मिडफील्डर सुरेश गेम के दौरान बहुत ही शांत दिखाई देते हैं. बाकी खिलाड़ियोंके साथ पास का सुन्दर तालमेल बिठाते हुए आगे बढ़ते हैं. सुरेश के ऐसे गोल बहुत फेमसहै, जिसमें वो चार से पांच प्लेयर को छकाते हुए गोल करते हैं. इस समय भी वो अपनीटीम में सबसे परिपक्व खिलाड़ी हैं. यही वजह है कि टीम के कोच निकोलाई एडम ने टीम कीजिम्मेदारी सुरेश को दी है.एएफसी अंडर -16 चैंपियनशिप में इंडियन टीम टूर्नामेंट से लगभग बाहर हो चुकी थी.इंडिया का मैच सऊदी अरब के साथ चल रहा था. मैच लगभग आखिरी पड़ाव पर पहुंच गई थी.इंडियन टीम आखिरी समय तक 3-2 से पीछे चल रही थी. तभी इंडिया को आखिरी लाइफ लाइन केरूप में सऊदी अरब के खिलाफ इंडियन टीम को एक पेनल्टी मिली. प्रेशर के बावजूद सुरेशबहुत ही कॉन्फिडेंस के साथ आगे आए. और एक शानदार सा गोल इंडिया के झोली में डालदिया. और इंडिया को उस टूर्नामेंट में जो एक पॉइंट मिले थे वो उसी मैच से मिले थे.इंडिया-सऊदी अरब के बीच हुए इस मैच के हाईलाइट्स में देखिए कि कैसे सुरेश ने आखिरीसमय में जबर गोल करके इंडिया को हार से बचाया-https://youtu.be/lxfIKvTUP-Q4. अमन छेत्रीअमन छेत्री. नाम को ध्यान से देखिए. जैसे इंडिया के लीजेंडरी फुटबॉलर और इंडियन टीमके के कैप्टेन रहे सुनील छेत्री. अमन को भी जब आप खेलते हुए देखेंगे तो आपको ऐसालगेगा कि आप सुनील छेत्री को खेलते हुए देख रहे हैं. हर इंडियन फुटबॉल लवर को ऐसालगता है कि अमन आगे जाकर इंडियन फुटबॉल के सुपर स्टार होंगे.अमन छेत्रीअमन फॉरवर्ड से खेलते हैं. लोग कहते हैं कि अमन के खेलने का स्टाइल बिलकुलबार्सिलोना के लुईस सुआरेज की तरह है. खास बात ये है कि अमन स्ट्राइकर के तौर पर भीखेलते हैं. एफसी टूर्नामेंट में अमन ने मैच के स्टार्ट होते ही सातवें मिनट में गोलदाग दिया था. 15 साल के अमन छेत्री का जन्म गुवाहाटी के मालीगांव में हुआ था. बचपन में ही उनकेपिता मुन्ना छेत्री और मां सीमा छेत्री ने डिसाइड किया कि अमन को एक फुटबॉलरबनाएंगे. फुटबॉल, दोनों का ही फेवरेट गेम है.5. धीरज सिंह मोइरंगटेनफॉरवर्ड, सेंट्रल, मिड फील्डर, गोलकीपर हर एक मोर्चे पर इंडियन टीम कमजोर रही है.कुछ चुनिंदे खिलाड़ी ही रहे हैं, जिनकी परफॉर्मेंस अच्छी रही है. पर इस समय इंडियनअंडर-17 टीम बहुत ही लकी है, क्योंकि उसको धीरज सिंह के जैसा बेहतरीन गोलकीपर मिलाहै.धीरज सिंहधीरज सिंह इस समय महज 15 साल के हैं. अभी इंडियन अंडर-17 टीम ने जो लास्ट गेम ईरानके खिलाफ खेला था, उसमें धीरज ने अपनी बेहतरीन गोलकीपिंग से टीम को दो जबरदस्तगोलों से बचाया था. खासकर पेनल्टी कॉर्नर को जिस बहादुरी से रोका, वो काबिले तारीफथा.धीरज मणिपुर के रहने वाले हैं. 5 फीट 5 इंच की लंबाई और 54 किलो के वजन वाले धीरजमणिपुर के मोइरन्ग्थेम के रहने वाले हैं. अंडर-16 टीम के कप्तान भी रह चुके हैं. औरफिलहाल इंडियन अंडर-17 टीम के उपकप्तान हैं.--------------------------------------------------------------------------------ये स्टोरी आदित्य प्रकाश ने की है --------------------------------------------------------------------------------इंडियन सुपर लीग: फुटबॉल या फुटबॉल का जियो सिमये छोरी विदेश में धमाल कर रही है, अदिति चौहान को जानते हैं क्या?मेसी ने संन्यास लिया, लेकिन ट्विटर पर ट्रेंड किए आफरीदीहो सके तो लौट आओ ‘रिटायर’ लियोनल मेसी...19 साल की लड़की कश्मीर को फुटबॉल खेलना सिखाएगी