न विंडो, न विंडोज, अब एक घंटी पर कैंसिल होगा ट्रेन टिकट
हेल्लो, 139 वाली दीदी. हमारा ट्रेन का टिकस केन्सल कर दीजिए न.
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फोटो - thelallantop
भगवान भला करें. सुरेश प्रभु जी का. वो फूले फलें. उनके घर में लक्ष्मी गोड़ तोड़ के बैठें. उनकी दीवार से जो दीवार जुड़े. वहां भी भकभका के उजियारा रहे. उनके ट्विटर के फॉलोअर बढ़ें. सही में आज मल्ल्ब ई वाला खबर सुनाएंगे न. तब आप भी अईसे ही कहिएगा.
139 रेलवे हेल्पलाइन नंबर है. आज तक खाली कहने का हेल्पलाइन था. अब जाय के सही में बना है हेल्पलाइन नंबर. नया नियम आया है अब. अब से फोन करके टिकेट कैंसिल कर सकते हैं. हां, बिलकुल सही सुने हैं. अब ऊ पुराना जमाना का लाइन में लगे वाला झंझट खत्म. इंटरनेट पर भी चूहा-किलिक का खेला न करना होगा. और यही काम एसएमएस से भी हो जाएगा.
कहीं जाने का प्लान था. टिकटवा बुक कर लिए थे. लेकिन, होय गया कुछ मर्जेंनसी. अब करना पड़ रहा है. प्लान में आमूलचूल परिवर्तन. फिर भागो-भागो. काउंटर पर जाओ. बहुते टेंसन. अब ऊ सब परेशानी खतम. अब सीधे 139 पर फोन करना है. अपना टिकट का डीटेल बताना है. फिर जब कैंसिल करने पूछे. उसको हां, कर देना है. वहां से एक पासवर्ड मिलेगा. उसको बाद में जाय के काउंटर पर दिखाय देना है. और अपना पैसा घुमवाय लेना है. मने वहां से पैसा मिल जायेगा. है न, मजेदार खबर.
सबसे खुश तो हमहीं हुए हैं. जब-जब घर जाते हर बार प्लान एक बार कैंसिल तो करबे करते थे. औउ घर से टीसन बहुते दूर है. बहुते परेशानी होय जाता था. लेकिन, अब टेंशन फ्री होय के कैंसिल करेंगे.
ये स्टोरी शिवेंदु शेखर ने की है, शिवेंदु दी लल्लनटॉप के साथ इंटर्नशिप कर रहे हैं.

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