पाकिस्तानी जेल में सरबजीत सिंह को मार दिया गया था. साल था 2013. तीन साल बादलाहौर की कोटलखपत जेल में कैद एक इंडियन कैदी किरपाल सिंह की मौत हुई. मौत के 7 दिनबाद किरपाल सिंह का शव मंगलवार को वाघा बार्डर के रास्ते इंडिया लाया गया. बुधवारको गुरदासपुर में किरपाल सिंह का अंतिम संस्कार कर दिया गया है. किरपाल सिंह केपरिजनों का आरोप है कि उनके शव पर चोट के निशान हैं. लेकिन अमृतसर में जब किरपालसिंह का पोस्टमॉर्टम हुआ, तब डॉक्टरों ने कहा, उनके शव पर अंदरुनी या बाहरी चोट केनिशान नहीं हैं. पाकिस्तान से पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ साफ कहा जासकता है. https://twitter.com/ANI_news/status/722376834122432512https://twitter.com/ANI_news/status/722377814369038338https://twitter.com/ANI_news/status/722364730812276736 इससे पहले लाहौर मेंमंगलवार सुबह किरपाल सिंह का पोस्टमार्टम किया गया. जेल प्रशासन का कहना है किकिरपाल की मौत मौत हार्ट अटैक से हुई. लेकिन इंडिया में सरबजीत की बहन ने आरोपलगाया कि किरपाल सिंह को सरबजीत की तरह की मारा गया है. किरपाल सिंह 24 साल सेपाकिस्तानी जेल में बंद थे. इंडिया ने पाकिस्तानी हाई कमीशन से मामले में जानकारीमांगी. किरपाल की मौत पर पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय में इंडियन अंबेसडर ने डीजीसाउथ एशिया से भी मुलाकात की थी. इंडियन अंबेसडर को बताया गया कि किरपाल सिंह कीमौत हार्टअटैक की वजह से हुई. इससे पहले मंगलवार को किरपाल सिंह की बहन ने अटारीबॉर्डर पर प्रोटेस्ट किया था.https://twitter.com/PTI_News/status/720140587400347648https://twitter.com/ANI_news/status/719845219252969472 साल 1992 में कथित तौर परवाघा बॉर्डर क्रॉस करने पर किरपाल को पाकिस्तानी पुलिस ने अरेस्ट कर लिया था. बादमें पाकिस्तानी कोर्ट ने किरपाल को लाहौर में हुए बम धमाकों का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई. कोट लखपत जेल के अधिकारी के मुताबिक, किरपाल सिंह की मौत के बादतुरंत ज्यूडिशिल ऑफिसर को बुलाया गया, जिसने कैदियों के बयान दर्ज किए. अधिकारी नेबताया कि कैदियों ने कहा कि किरपाल के सीने में अचानक तेज दर्द उठा और उनकी मौत होगई. किरपाल सिंह की बहन जागीर कौर ने कहा, '24 साल के इंतजार के बाद अब हमें मालूमचला कि उनकी मौत हो गई. हमें नहीं मालूम कि किरपाल सिंह की मौत कैसे हुई.'https://twitter.com/ANI_news/status/719720947662594053 सरबजीत सिंह की बहन दलबीरकौर ने कहा, 'किरपाल सिंह के साथ वही हुआ है, जो सरबजीत सिंह के साथ हुआ था. इसकीजांच होनी चाहिए. इंडिया से एक टीम वहां भेजी जानी चाहिए. किरपाल सिंह का मर्डर हुआहै, मौत नहीं.' गुरदासपुर के रहने वाले थे किरपाल किरपाल सिंह गुरदासपुर के रहनेवाले हैं. लाहौर हाईकोर्ट ने किरपाल को बम धमाकों के आरोप से रिहा कर दिया था,लेकिन इसके बावजूद किरपाल सिंह को रिहा नहीं किया गया. किरपाल की फैमिली केमुताबिक, फाइनेंशियल कंडीशन बहुत अच्छी न होने की वजह से हम आवाज नहीं उठा सके. औरकिसी नेता ने भी हमारी आकर कोई मदद नहीं की.