UAE में मिसाइल के मलबे की चपेट में आए भारत और पाकिस्तान के नागरिक, मौत हो गई
Abu Dhabi intercepted ballistic missile debris death: UAE के मिसाइल का मलबे गिरने से एक भारतीय और एक पाकिस्तान नागरिक की मौत हो गई. बताया गया कि ईरान की तरफ से दागी गई बैलिस्टिक मिसाइल को इंटरसेप्ट किया जा रहा था. घटना में तीन लोग घायल हो गए हैं.

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में मिसाइल का मलबे गिरने से एक भारतीय और एक पाकिस्तान नागरिक की मौत हो गई. UAE स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय की मौत की पुष्टि की है. इससे पहले UAE के एक मीडिया संस्थान ने बताया कि ईरान की तरफ से दागी गई बैलिस्टिक मिसाइल को इंटरसेप्ट किया जा रहा था. इसी बीच मिसाइल का मलबा स्वाहान स्ट्रीट पर हवा से नीचे आकर गिर गया. इनकी चपेट में आने से दो लोगों की जान चली गई और तीन लोग घायल हो गए.
अबू धाबी मीडिया ऑफिस ने एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया,
“एयर डिफेंस ने सफलतापूर्वक एक बैलिस्टिक मिसाइल को इंटरसेप्ट किया. लेकिन उसके बाद गिरे मलबे की वजह से पाकिस्तानी और भारतीय नागरिकता वाले दो लोगों की मौत हो गई. और तीन नागरिक मध्य से गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. ये अमीराती, जॉर्डेनियन और भारतीय हैं.”
पोस्ट में लोगों से ये भी अपील की गई कि वे सिर्फ आधिकारिक सोर्स से ही जानकारी लें और अफवाह या बिना वेरिफिकेशन वाली जानकारी फैलाने से बचें.

गल्फ न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, 26 मार्च को UAE के एयर डिफेंस ने ईरान से आए 15 बैलिस्टिक मिसाइलों और 11 ड्रोनों को नष्ट कर दिया. फरवरी में शुरू हुई जंग के बाद से अब तक ईरान की तरफ से दागी गई 372 बैलिस्टिक मिसाइलों, 15 क्रूज मिसाइलों और 1,826 अनमेन्ड यानी मानवरहित व्हीकल (UAVs) को UAE का एयर डिफेंस रोक चुका है.
रिपोर्ट में ये भी बताया गया कि हालिया घटना के साथ ही मिसाइल और UAV के मलबे से UAE में मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 11 हो गई है. इसमें अबू धाबी के दो आर्म्ड फोर्स ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए. सशस्त्र बलों के साथ काम करने वाला एक मोरक्को का नागरिक भी मारा गया. हमले में पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश, फिलिस्तीन और भारत के आठ नागरिकों की भी मौत हो गई.
इस बीच दुनिया की सुपरपावर कहे जाने वाले अमेरिका के सुर बदलते रहते हैं. कभी ट्रंप कहते हैं कि ईरान के साथ जल्दी ही सब ठीक होने वाला है, अच्छी बातचीत चल रही है, युद्ध करने लायक अब कुछ ज्यादा बचा नहीं. फिर दूसरी तरफ वो अटैक की चेतावनी दे देते हैं.
जैसे कि 25 मार्च को वाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कह दिया कि अगर ईरान मौजूदा हालात की हकीकत को स्वीकार नहीं करता, ये नहीं समझता कि उन्हें सैन्य रूप से हरा दिया गया है, तो राष्ट्रपति ये सुनिश्चित करेंगे कि उन पर अब तक का सबसे जोरदार हमला किया जाए.
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