ब्रिटिश CEO ने बातचीत का समय मांगा, भारतीय मूल का शख्स बोला- "मैं महिलाओं के साथ काम नहीं करता"
लुइसा ने एक टीम कॉल के लिए निर्मल से बात की थी. और एक तारीख व समय के लिए पूछा था. इस पर निर्मल की तरफ से जो जवाब आया, वो किसी को भी एक पल के लिए सोचने पर मजबूर करने वाला था.
.webp?width=210)
महिलाएं हर फील्ड में कामयाबी हासिल कर रही हैं. लेकिन आज भी उन्हें अक्सर ये साबित करने की जरूरत पड़ जाती है कि छोरियां, छोरो से कम नहीं हैं. दरअसल, ब्रिटेन में भारतीय मूल के एक शख्स ने वहां की एक CEO को कहा कि वो महिलाओं के साथ काम नहीं करता. इसके पीछे की मानसिकता जो भी हो, लेकिन इसने इंटरनेट पर एक बहस छेड़ दी है.
CEO का नाम है लुइसा क्लाउडा. इनकी कंपनी है फेंचर्च लीगल. ये कंपनी यूके में कानून से जुड़ी छोटी फर्मों को वित्तीय सॉल्यूशन में मदद करती है. क्लाउडा ने हाल में लिंक्डइन पर एक पोस्ट साझा किया. पोस्ट में उन्होंने भारतीय मूल के निर्मल पटेल के साथ हुई बातचीत का स्क्रीनशॉट डाला. लुइसा ने एक टीम कॉल के लिए निर्मल से बात की थी. और एक तारीख और समय के लिए पूछा था. इस पर निर्मल की तरफ से जो जवाब आया, वो कई लोगों को सकते में डाल गया.
कन्वर्सेशन स्क्रीनशॉट के मुताबिक, लुइसा लिखती हैं,
“हेलो निर्मल, मैं उम्मीद करती हूं कि आप ठीक हैं. नया साल मुबारक हो. क्या आप अगले हफ्ते एक टीम कॉल के लिए फ्री हैं? अगर हां, तो प्लीज आपके लिए सुविधाजनक समय और दिन बता दीजिए.”
इसके जवाब में निर्मल लिखते हैं, ''धन्यवाद. आपका बिजनेस दिलचस्प और सफल हो, मैं महिलाओं के साथ आमतौर पर काम नहीं करता. खुश रहो स्वीटहार्ट."
ये जवाब सुनकर लुइसा को झटका लगना लाजमी था. निर्मल के रिस्पॉन्स के बाद उन्होंने लिंक्डइन पर गुस्सा जताते हुए एक पोस्ट लिखा, “मैं आज उठी और कुछ नया सीखा. कुछ लोग अभी भी सोचते हैं कि महिलाओं को बिजनेस में नहीं आना चाहिए. ये हैरान करने वाला है. ये 2025 है, हमारे पास एआई है, जो नोवल लिख रहा है. लोग अंतरिक्ष में छुट्टियां मना रहे हैं, और फिर भी, हम यहां हैं."
लुइसा क्लाउडा ने आगे लिखा, "बिजनेस में मेरी साथी महिलाएं (और पुरुष) हमेशा ब्रिलियंट बनती रहो. लोगों को लीड करती रहो. और जो लोग 'महिलाओं के साथ काम नहीं करते' उन्हें दुनिया के आधे टैलेंट के बिना सफलता पाने की शुभकामनाएं."
लुइसा की पोस्ट के बाद, लोगों ने भी निर्मल के रवैये पर अपनी नाराजगी जताई.
शेल्डन नाम के एक यूजर ने लिखा,
“निर्मल पटेल कह दीजिए कि ये सिर्फ एक मजाक था.”

दीपेश बालमुरी नाम के एक यूजर ने लिखा,
“बिजनेस में महिलाएं खेल बदल रही हैं. और पुराने विचार इसे रोक नहीं सकते हैं. ऐसा कोई भी व्यक्ति जो ये सोचता है वो खुद को सीमित कर रहा है. हम सभी इसमें साथ हैं. लीड करते रहें और दिखाते रहें कि बिजनेस का भविष्य महिला है.”

लुइसा के साथ निर्मल की बातचीत देखकर कई यूजर्स ने उन्हें स्त्री विरोधी भी बताया. आपकी इसपर क्या राय है, कॉमेंट्स में बताएं.
वीडियो: कनाडा में भारतीय मूल के लोगों पर एक और हमले की घटना

.webp?width=60)

