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पुराने चार दोस्त परिवार के साथ केरल से नेपाल घूमने गए थे, होटल में एक भूल बहुत भारी पड़ गई

15 लोग ग्रुप में नेपाल घूमने गए थे.

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22 जनवरी 2020 (अपडेटेड: 22 जनवरी 2020, 06:25 AM IST)
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बाएं से दाएं: शव को अस्पताल ले जाते लोग. वो होटल जहां ये घटना हुई.
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नेपाल की राजधानी काठमांडू. यहां से करीब 70 किलोमीटर दूर एक शहर है दमन. दमन से एक बुरी खबर आई है. वहां के एक होटल में 8 भारतीयों की मौत हो गई. पुलिस के मुताबिक, कमरे में हीटर से निकली गैस की वजह से सबकी मौत हुई है.

21 जनवरी की सुबह दमन के होटल के एक कमरे में 8 भारतीय बेहोशी की हालत में मिले. उन्हें काठमांडू के HAMS अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इन 8 लोगों में से 4 छोटे बच्चे थे. सभी के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. मौत का कारण अभी साफ नहीं हुआ है. लेकिन कहा जा रहा है कि दम घुटने की वजह से आठों की मौत हुई है, क्योंकि उनके कमरे में रात भर केरोसीन हीटर चल रहा था. कमरे की खिड़कियां बंद थीं. पुलिस का कहना है कि इसी हीटर से निकलने वाली गैस की वजह से वो बेहोश हुए और उनकी मौत हुई.

पुराने दोस्त थे, फैमिली के साथ घूमने गए थे

जिन 8 लोगों की मौत हुई है, वो केरल के रहने वाले थे. 15 भारतीय ग्रुप में नेपाल घूमने गए थे. नेपाल के पोखरा से 20 जनवरी की रात दमन पहुंचे थे. एक होटल में दो कमरे बुक कराए. 8 लोग एक कमरे में सोए और 7 लोग दूसरे कमरे में. जिस कमरे में 8 लोग सो रहे थे, वहां केरोसीन हीटर था, दूसरे में नहीं था. 21 जनवरी की सुबह 9 बजे तक जब वो लोग कमरे से बाहर नहीं आए, तो साथ में आए लोगों को चिंता हुई. होटल के स्टाफ और पुलिस को जानकारी दी गई. कमरे का दरवाजा तोड़कर देखा, तो आठों बेहोशी की हालत में मिले.


Hospital
HAMS अस्पताल. यहीं पर आठ लोगों को 21 जनवरी की सुबह लाया गया था.

मरने वालों में 38 साल के प्रवीण कृष्ण नायर, उनकी 35 साल की पत्नी सरण्या, तीन बच्चे- श्रीभद्र (9 साल), आर्चा (8 साल), अभिनव (7 साल) और 39 साल के रंजीत कुमार, उनकी पत्नी इंदु लक्ष्मी (34 साल) और एक बेटा वैष्णव (2 साल) शामिल हैं.

'द हिंदू' की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रवीण के कज़िन कन्नन ने जानकारी दी कि इन 15 लोगों में चार परिवार शामिल थे. एक परिवार प्रवीण का था. उनकी फैमिली के पांच लोग थे. घटना में पांचों की मौत हो गई. दूसरा परिवार रंजीत का था, उनके परिवार के चार थे. तीन की मौत हो गई. उनका बड़ा बेटा मानव (7 साल) बच गया, क्योंकि वो दूसरे कमरे में सोया था. तीसरा परिवार रामकुमार का और चौथा परिवार जयकृष्णन का था. प्रवीण, रंजीत, रामकुमार और जयकृष्णन पुराने दोस्त थे. चारों ने श्री चित्रा थिरूनल कॉलेज तिरुवनंतपुरम से साथ में इंजीनियिंर की थी. साल 2004 के पासआउट थे. चारों ने परिवार के साथ गेट-टुगेदर का प्लान बनाया था. 21 जनवरी को काठमांडू से दिल्ली की फ्लाइट लेकर वापस आने वाले थे.

प्रवीण तिरुवनंतपुरम के और रंजीत कोझिकोड के रहने वाले थे. इस वक्त दोनों के परिवार में मातम पसर गया है. प्रवीण के परिवारवालों ने केबल का कनेक्शन तक कट कर दिया है, ताकि उनके पिता ये खबर न देख पाए, क्योंकि कुछ दिन पहले ही उन्हें हार्ट अटैक आया था.

भारतीय दूतावास को जानकारी दी गई

काठमांडू में भारतीय दूतावास को इस घटना की जानकारी दे दी गई है. दूतावास के अधिकारी प्रवीण और रंजीत के परिवारवालों के लगातार संपर्क में हैं. पोस्टमार्टम के बाद शव को परिवार के हवाले किया जाएगा.



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