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अमेरिका के टॉरपीडो हमले में ईरान का IRIS Dena डूबा तो भारत ने क्या किया? अब पता चला

भारतीय नौसेना की ओर से बताया गया कि 4 मार्च को तड़के कोलंबो स्थित MRCC में आईआरआईएस डेना से एक Distress Call प्राप्त हुई थी. इसमें बताया गया कि जहाज श्रीलंका के नियंत्रण वाले समुद्री क्षेत्र में गाले से 20 समुद्री मील (Nautical Mile) पश्चिम में मौजूद था.

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5 मार्च 2026 (पब्लिश्ड: 11:40 PM IST)
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ईरानी युद्धपोत के रेस्क्यू के लिए भारतीय नौसेना ने चलाया अभियान (इंडिया टुडे)
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अमेरिका ने विशाखापत्तनम में मिलान अभ्यास और अंतरराष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू में भाग लेने के बाद वापस समय टॉरपीडो से अटैक करके ईरानी युद्धपोत आईआरआईएस डेना को हिंद महासागर में डुबो दिया. अब भारतीय नौसेना की ओर से बताया गया है कि उन्होंने इस युद्धपोत की खोज और राहत बचाव के लिए अपने विमान और जहाज भेजे हैं.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय नौसेना ने अपने बचाव अभियान के बारे में एक बयान जारी कर बताया,

“नौसेना ने श्रीलंका के नेतृत्व में युद्धपोत की तलाशी के प्रयासों में मदद के लिए 4 मार्च की सुबह 10 बजे एक लंबी दूरी के समुद्री गश्ती विमान P8I भेज कर अपने खोजी अभियान की शुरुआत की.”

नौसेना ने आगे बताया कि हवा से गिराए जा सकने वाले जीवनरक्षक राफ्ट से लैस एक और विमान को तत्काल तैनाती के लिए तैयार रखा गया था. इसके अलावा घटनास्थल के आसपास तैनात आईएनएस तरंगिनी को रेस्क्यू के प्रयास में मदद के लिए भेजा गया. ये जहाज 4 मार्च की शाम तक घटनास्थल पर पहुंच गया. लेकिन तब तक श्रीलंकाई नौसेना और दूसरी एजेंसियां युद्धपोत की खोज और राहत बचाव का काम शुरू कर चुकी थीं. 

बयान में भारतीय नौसेना ने आगे बताया,

“ईरानी युद्धपोत को खोजने के लिए आईएनएस इक्षक भी कोच्चि से रवाना कर दिया गया है. यह जहाज दुर्घटना में फंसे और लापता लोगों की तलाश के लिए हिंद महासागर क्षेत्र में मौजूद है.”

भारतीय नौसेना के मुताबिक, 4 मार्च को तड़के कोलंबो स्थित MRCC में आईआरआईएस डेना से एक इमरजेंसी कॉल प्राप्त हुई थी. इसमें बताया गया कि जहाज श्रीलंका के नियंत्रण वाले समुद्री क्षेत्र में गाले से 20 समुद्री मील (Nautical Mile) पश्चिम में मौजूद था.

भारत की ओर से उन खबरों को सिरे से खारिज किया गया है, जिनमें दावा किया गया था कि अमेरिकी नौसेना ईरान पर हमला करने के लिए भारतीय बंदरगाहों का इस्तेमाल कर रही है. विदेश मंत्रालय ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने फैक्ट चेकिंग अकाउंट से पोस्ट किया, “अमेरिका स्थित चैनल OAN पर किए जा रहे दावे कि अमेरिकी नौसेना भारतीय बंदरगाहों का इस्तेमाल कर रहा है, फर्जी और झूठे हैं. हम आपको ऐसी बेबुनियाद और मनगढ़ंत टिप्पणियों से सावधान करते हैं.” 

वीडियो: हिंद महासागर तक पहुंची ईरान-अमेरिका की लड़ाई, भारत से निकलते ही US सबमरीन ने किया हमला

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