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  • Indian Ministry of External Affairs has given an update on Mangal Singh, imprisoned by Pakistan in the 1971 war

49 साल से पाकिस्तान में कैद काट रहे मंगल सिंह को लेकर एक चिट्ठी से उम्मीद जगी है

1971 की जंग में पाकिस्तान ने करीब 80 भारतीय सैनिकों को युद्धबंदी बना लिया था.

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पंजाब में मंगल सिंह की पत्नी ने अब भी आस नहीं छोड़ी है. 1971 की एक तस्वीर में मंगल सिंह के साथ अपनी फोटो देखकर खुद को दिलासा देती रहती हैं. (तस्वीर: इंडिया टुडे)
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आदित्य
16 दिसंबर 2020 (अपडेटेड: 18 दिसंबर 2020, 07:20 AM IST)
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16 दिसंबर 1971. इस दिन पाकिस्तान ने युद्ध में आधिकारिक तौर पर अपनी हार मान ली थी. इस युद्ध को बांग्लादेश लिबरेशन वॉर भी कहा जाता है, क्योंकि इसी युद्ध के बाद ईस्ट पाकिस्तान, पाकिस्तान से अलग होकर नया देश बांग्लादेश बना. इस युद्ध में करीब 80 भारतीय सैनिक पाकिस्तान द्वारा युद्धबंदी बना लिए गए, जिससे पाकिस्तान आज भी इनकार करता है.
इन्हीं लापता सैनिकों में से एक हैं मंगल सिंह. मंगल 1971 की जंग में गुम हो गए थे. बाद में पाकिस्तानी सेना ने उन्हें गिरफ़्तार कर लिया. 1971 में मंगल सिर्फ 27 साल के थे. मंगल की पत्नी सत्या जालंधर में रहती हैं. वह पिछले 49 साल से मंगल की तलाश कर रही हैं. इसी कड़ी में भारतीय विदेश मंत्रालय की एक चिट्ठी ने उनकी उम्मीदों को फिर से जिंदा कर दिया है.
जब रावलपिंडी से आया फोन
इंडिया टुडे से बात करते हुए 75 साल की सत्या देवी बताती हैं कि उनके पति 1962 के करीब भारतीय सेना में भर्ती हुए थे. 1971 में रांची में लांस नायक के पद पर पोस्टेड थे. इसी साल उन्हें कोलकाता ट्रांसफर कर दिया गया. बांग्लादेश मोर्चे पर उनकी ड्यूटी लगी. कुछ दिन बाद भारतीय सेना की ओर से सत्या को एक टेलीग्राम मिला. इसमें बताया गया कि बांग्लादेश में सैनिकों को ले जा रही एक नाव डूब गई है. उसमें सवार मंगल सिंह सहित सभी सैनिकों की मौत हो गई है. इसके बाद 1972 में रावलपिंडी, पाकिस्तान के एक रेडियो से मंगल सिंह ने संदेश दिया कि वह ठीक हैं. तभी से सत्या, मंगल की रिहाई की कोशिश कर रही हैं. अब करीब 49 साल बाद सत्या को भारतीय विदेश मंत्रालय से चिट्ठी मिली है.
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2 दिसंबर 2020 को विदेश मंत्रालय ने सत्या की चिट्ठी का जवाब दिया है. (तस्वीर: इंडिया टुडे)

क्या है चिट्ठी में?
यह चिट्ठी सत्या की एक चिट्ठी का जवाब है, जो उन्होंने 17 सितंबर 2020 को मंगल सिंह की रिहाई के बारे में भारतीय विदेश मंत्रालय को लिखी थी.
भारतीय विदेश मंत्रालय के पाकिस्तान डिवीजन से सत्या को भेजी गई इस चिट्ठी में बताया गया है कि भारत सरकार डिप्लोमैटिक चैनल्स के जरिए पाकिस्तान के सामने लगातार इस बात को उठा रही है कि 83 युद्धबंदियों को जल्द से जल्द रिहा किया जाए. इन 83 सैनिकों को लेकर माना जाता है कि ये सभी पाकिस्तान की कस्टडी में हैं. इन 83 लोगों की लिस्ट में एक नाम लांस नायक मंगल सिंह का भी है. पाकिस्तान अपने यहां किसी भी भारतीय सैनिक के होने की बात से ही इनकार करता रहा है, लेकिन भारत इस मामले को लगातार उठा रहा है.

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