चाइनीज़ ऐप TikTok को भारत में राहत मिलती हुई नहीं दिख रही है. अभी कंपनी सुप्रीमकोर्ट के फैसले से कंपनी उबरी भी नहीं थी कि एक और बड़ी खबर आ गई. खबर ये है किभारत सरकार ने गूगल और एप्पल से इस मामले में एक्शन लेने के लिए कहा है. सरकार नेदोनों कंपनियों को साफ कहा है कि अपने प्लैटफॉर्म से इस एप्लिकेशन को हटा लें.सोमवार को ही कंपनी मद्रास हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गई थी. जिसमेंTikTok पर बैन लगाने की बात थी. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने फैसले पर स्टे लगाने से साफमना कर दिया. इस फैसले के अगले दिन ही मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशनटेक्नॉलोजी ने TikTok ऐप के खिलाफ ये कदम उठा लिया. मद्रास हाईकोर्ट की मदुरई बेंचने 3 अप्रैल को सरकार को TikTok पर रोक लगाने का आदेश दिया था. जिसके बाद मामलासुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा. सुप्रीम कोर्ट ने ये कहते हुए अपील खारिज कर दी कि अभी येमामला कोर्ट में है, इसलिए वो इस पर फैसला नहीं दे सकते. मामले की अगली सुनवाई 22अप्रैल को होगी. दूसरी तरफ TikTok का कहना है कि उनका इस बात पर कोई कंट्रोल नहींहै उनके प्लैटफॉर्म पर सामने वाला क्या कंटेंट डालता है. TikTok की ओरसे ऑफिशियल बयान में कहा गया: उन्हें भारतीय न्याय व्यवस्था और इंफॉर्मेशनटेक्नोलॉजी के इंटरमीडियरीज गाइडलाइंस रूल्स, 2011 पर भरोसा है और कंपनी अपनेयूजर्स को लेकर प्रतिबद्ध है. कंपनी ने कहा कि वो ऐसे कंटेंट रिव्यू करके डिलीट कररही है, जिन्होंने उसके टर्म्स ऑफ यूज और कम्यूनिटी गाइडलाइंस का उल्लंघन किया हैअब इस मामले में एपल और गूगल प्ले स्टोर की तरफ से कोई बयान नहीं आया है. फिलहालमार्केट एनालिसिसिस और डेटा फर्म सेंसर के मुताबिक पहली तिमाही में ऐप स्टोर औरगूगल प्ले स्टोर में TikTok दुनिया भर में तीसरा सबसे ज्यादा इंस्टॉल किया जानेवाला ऐप था. पिछली तिमाही में भी इसकी रैंकिंग इतनी ही थी. TikTok ने मार्च तिमाहीमें 18.8 करोड़ नए यूजर जोड़े, जिसमें भारत की हिस्सेदारी 8.86 करोड़ यूजर्स की थी.पिछले साल के डेटा के मुताबिक, ऐप के 50 करोड़ यूजर बेस में भारत की हिस्सेदारी 39फीसदी से ज्यादा है. ऐसे में TikTok ऐप पर खतरों के बादल मंडरा रहे हैं.--------------------------------------------------------------------------------