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प्रैक्टिस सेशन के दौरान हुई कोलकाता के क्रिकेटर की मौत

जनवरी में भी एक रणजी प्लेयर की मौत भी मैदान में हो गई थी

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20 मार्च 2019 (अपडेटेड: 20 मार्च 2019, 11:26 AM IST)
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सोनू यादव
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फ़िलिप ह्यूज़ याद हैं न. आस्ट्रेलिया के डोमेस्टिक मैच में खेलने के दौरान इनके सिर में बाउंसर लगी थी. उस गेंद ने इस ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर की जान ले ली थी. ये साल 2014 की बात है. दो दिन तक हॉस्पिटल में इलाज हुआ था. मगर उन्हें नहीं बचाया जा सका था. कितना खतरनाक है सिर पर गेंद का लग जाना. भारतीय क्रिकेट में रमन लाम्बा और नारी कांट्रेक्टर के नाम हमें याद ही हैं. ये सभी किस्से ज़हन में एक दफ़ा फिर से ताज़ा हो गए हैं.
कोलकाता से बुरी खबर आई है. कोलकाता के बालीगंज स्पोर्टिंग क्लब के लिए खेलने वाले सोनू यादव की मौत हो गई है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 22 साल के सेकेंड डिविजन क्रिकेटर सोनू प्रैक्टिस मैच खेलते वक्त एकाएक गिर गए. इसके बाद उन्हें SSKM हॉस्पिटल ले जाया गया जहां डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. यानी उनकी मौत मैदान में या रास्ते में हुई. सोनू एक विकेटकीपर-बैट्समैन थे.
हॉस्पिटल की ओर से बताया गया है कि शायद सन स्ट्रोक की वजह से यह हादसा हुआ है. उत्तर भारत में भले ही सर्दी जाते-जाते जा रही है लेकिन कोलकाता में गर्मी चरम पर पहुंच रही है. डॉक्टर्स स्ट्रोक को मुख्य कारण बता रहे हैं. हालांकि ये फाइनल और ऑफिशियल रिपोर्ट नहीं है. सोनू की मौत पर साथी खिलाड़ियों ने कहा है कि मेडिकल फ़ेसिलिटी की कमी के कारण ऐसा हुआ है. ऐसा कहा जा रहा है कि मैदान में फर्स्ट एड बॉक्स तक नहीं मौजूद हैं.
घोडके ने अपने करियर में दो रणजी और आठ क्लास ए के मैच खेलें.
घोडगे ने अपने करियर में दो रणजी और आठ क्लास-ए के मैच खेले.

हाल ही में एक पूर्व रणजी प्लेयर राजेश घोडगे की भी मौत हुई थी.  13 जनवरी को गोवा में बैटिंग करते हुए नॉन स्ट्राइकिंग एंड पर खड़े हुए थे. वहीं पर वो अचानक गिर गए. गिरते ही घोडगे को तुरंत नज़दीकी हॉस्पिटल ले जाया गया और डॉक्टरों ने उन्हें दूसरे हॉस्पिटल में रेफ़र कर दिया. इसके बाद उन्हें करीब तीस किलोमीटर दूर प्राइवेट हॉस्पिटल पहुंचाया गया. यहां डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. डॉक्टर ने मौत की वजह हार्ट अटैक बताई.
ऐसे ही भारतीय बैट्समैन और चुस्त फील्डर रमन लांबा, जो खुद को मज़ाकिया लहजे में ढाका का डॉन कहते थे
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 ढाका में शॉर्ट लेग पर बिना हेलमेट फील्डिंग कर रहे थे. बैट्समैन मेहराब ने जोर का शॉट मारा और लांबा के सर पर गेंद लगी. इतनी जोर से कि सर पर लगने के बाद गेंद विकेटकीपर के ग्लव्स में पहुंची. 38 साल के लांबा को भी बचाया नहीं जा सका था.
1975-76 में ऑस्ट्रेलिया की टीम वेस्ट इंडीज़ पहुंची थी. सीरीज शुरू होने से पहले जेफ़ थॉमसन ने वेस्ट इंडीज़ के बिजनेसमैन से 500 डॉलर की शर्त लगाई थी कि एंडी रॉबर्ट्स और उनमें सबसे ज्यादा विकेट कौन लेगा. दो मैच होने के बाद थॉमसन ने सिर्फ 4 विकेट लिए थे. तीसरा मैच पर्थ में खेला जा रहा था और थॉमसन को पता चला कि उनके रूममेट मार्टिन बेडकोबर की मौत ह्रदय पर बॉल लगने से हो गई. इसी दिन थॉमसन ने पांच विकेट चटकाए. सीरीज खत्म होने पर रॉबर्ट्स के 22 और थॉमसन के 29 विकेट थे. ऐसे कई किस्से हैं…


वीडियो- रमन लाम्बा: वो इंडियन क्रिकेटर जिसने हेल्मेट न पहनने की कीमत जान देकर चुकाई

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