इंडिया ने POK में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक की. आतंकी मारे गए. सेना की वाहवाही हुई.होनी भी चाहिए. लेकिन फिर राजनीति शुरू हो गई है. कहा जाने लगा कि बीजेपी सर्जिकलस्ट्राइक का ढिंढोरा इसलिए पीट रही है, ताकि वो पंजाब और यूपी चुनाव में इसका फायदाले सके. जबकि कांग्रेस के टाइम में भी सर्जिकल स्ट्राइक हुईं लेकिन उन्हें छिपाकरही रखा गया. उनका इस तरह ढिंढोरा नहीं पीटा. सियासत इत्ती हो रही है कि कल अरविंदकेजरीवाल ने सर्जिकल स्ट्राइक का सबूत मांगा तो कांग्रेस ने भी सर्जिकल स्ट्राइक कीहिस्ट्री खोलकर रख दी. कांग्रेसी नेता संदीप दीक्षित ने तो बाकायदा खुला ख़त लिखदिया, वो भी फॉर्मर प्राइम मिनिस्टर मनमोहन सिंह को. इसमें सवाल उठाए. फॉर्मर होममिनिस्टर सुशील कुमार शिंदे ने कहा है कि जब उन्होंने पद संभाला था तब POK में 62टेरर कैंप थे. और UPA के दूसरे कार्यकाल के आखिरी दो साल में ये सिर्फ 40 कैंप हीबचे थे. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक कांग्रेस नेता आनंद शर्मा के मुताबिक 2008,2009, 2011 और 2013 में सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक की. लेकिन सरकार ने इसे सेना परछोड़ रखा था और उसे सबके सामने आकर नहीं बताया. कांग्रेस लीडर और फॉर्मर होममिनिस्टर पी. चिदंबरम ने मेल टुडे को दिए इंटरव्यू में कहा, इंडिया ने 2013 में एकबहुत बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की थी, लेकिन रणनीतिक गतिरोध के चलते उन्हें पब्लिकलीनहीं किया गया.कांग्रेस ने कभी क्यों सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में नहीं बतायाजब आनंद शर्मा से पूछा गया कि यूपीए सरकार ने सर्जिकल स्ट्राइक को क्यों पब्लिकनहीं किया तो उन्होंने कहा, 'क्योंकि हमारी सरकार डिफरेंट थी और पार्टी भी. मौजूदासरकार सोचती है कि इसका राजनीतिक फायदा लेना जरूरी है, तो हम उनके डिसीजन पर सवालनहीं उठा रहे.' संदीप दीक्षित ने कहा, 'डॉक्टर मनमोहन सिंह और बाकी लोगों की ये सोचथी कि ये आर्मी का मामला है जो अपने हिसाब से निपट सकती है. ये कोई ऐसी चीज नहींहै, जिसको लोगों के सामने लाया जाए. ये कोई राष्ट्रवाद नहीं है, क्योंकि वो आर्मीका काम है. दो या तीन दर्जन लोगों को मारकर लोगों के उबाल को खामोश किया जा सकताहै, जो ऐसा सोचते हैं, उन पर मुझे तरस आता है.'--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ेंये कांग्रेसी बोला है कि सर्जिकल स्ट्राइक करो, बकैती नहींभारत ने माना, पाकिस्तान के पास है हमारा सैनिक चंदू बाबूलाल चौहान