The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Indian air force tests sudarshan S-400 defence system

इंडियन एयरफोर्स ने चलाया 'सुदर्शन चक्र', मार गिराए गए 'दुश्मन' के 80 फीसदी फाइटर जेट, बाकी भाग खड़े हुए!

हाल के सालों में भारत हवाई सुरक्षा की तरफ नए कदम उठाता नजर आ रहा है. एक तरफ जहां China लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) के पास Air Defence System की तैनाती कर रहा है. वहीं भारत भी अपनी सुरक्षा बेहतर करने में लगा है. Indian Air Force का सुदर्शन चक्र इसी कवायद का हिस्सा है.

Advertisement
sudarshan s-400 indian air force
दो और सुदर्शन एस-400 2026 तक मुहैया कराए जाने की उम्मीद है. (Image: India Today)
pic
राजविक्रम
30 जुलाई 2024 (पब्लिश्ड: 09:18 AM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

भारतीय वायु सेना (Indian Air Force) ने हाल में एक परीक्षण किया. जिसमें सुदर्शन एस-400 (Sudarshan S-400) ने नया मुकाम पाया. जब एक अभ्यास परीक्षण के दौरान इसने सफलतापूर्वक ‘दुश्मन’ के 80 फीसदी फाइटर एयर क्राफ्ट को ‘मार गिराया’. और बाकी भगा खड़े हुए.

न्यूज एजेंसी ANI की रिपोर्ट के मुताबिक सूत्रों के हवाले से ये जानकारी मिली है. ये भी बताया जा रहा है कि अभ्यास लंबी दूरी के हवाई सुरक्षा मिसाइल सिस्टम (Long-range air defence missile system) के एक दस्ते (Squadrons) के द्वारा किया गया था. 

वायु सेना का यह अभ्यास हवाई सुरक्षा मिसाइल सिस्टम की अखंडता का परीक्षण करने के लिए किया गया था, ऐसा भी बताया गया.

अभ्यास के दौर असली फाइटर हवाई जहाज उड़ाए गए. ताकि S-400 की क्षमता का परीक्षण किया जा सके. जिसका नाम बदलकर वायु सेना ने सुदर्शन रखा है. 

Embed

ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, सुदर्शन में ‘लाकिंग ऑन एंड टारगेटिंग’ सिस्टम है. जो 80% तक ‘दुश्मन जहाजों को मार गिरा’ सकता है. अभ्यास के बाकी हवाई जहाज, जो दुश्मन की भूमिका में थे. जिनका टारगेट भारतीय सीमा के भीतर था. वो भी सिस्टम के द्वारा इंटरसेप्ट (पहचान) कर लिए गए. और वो मिशन छोड़कर चले गए. 

ये भी पढ़ें: झारखंड में हावड़ा-मुंबई एक्सप्रेस के 18 डिब्बे पटरी से उतरे, 12 से ज्यादा लोग घायल

भारतीय वायु सेना के पास अब पूरा अखंड सिस्टम है. जिसके तीन दस्ते आ गए हैं. और बाकी दो 2026 तक मुहैया कराए जाने की उम्मीद है. 

बताया जा रहा है कि भारत और रूस के बीच 35 हजार करोड़ से ज्यादा की पांच S-400 दस्तों की डील हुई थी. हाल ही में सुरक्षा की कैबिनेट कमेटी ने एक प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है. जिसके बाद रक्षा अधिग्रहण परिषद (Indian defence acquisition council) ने प्रोजेक्ट कुश के अंतर्गत लम्बी दूरी की सर्फेस एयर मिसाइल की खरीद को मंजूरी भी दी गई है. 

बताया जा रहा है कि हाल के सालों में भारतीय वायु सेना ने हवाई सुरक्षा की दिशा में बड़े कदम उठाए हैं.

वीडियो: तारीख: इंडियन एयर फोर्स के निशाने पर थे मुशर्रफ और नवाज, कारगिल में IAF ने कैसे पासा पलटा?

Advertisement

Advertisement

()