जब केन विलियमसन ने ट्रेंट बोल्ट और टिम साउदी को टीम से बाहर रखने का डिसीज़नसुनाया तो लगा था कि ये क्या कर रहा है. वो क्या है न, टीम से अभी तक मैकुलम केमुंह से ही ऐसी दांव भरी बातें सुनने को मिला करती थीं. आज विलियमसन का ये दांवकाफी अजीब मालूम दे रहा था. लेकिन विलियमसन ने अपने अन्दर एक बहुत ही बेहतरीन तरीकेसे पिच पढ़ लेने वाले को कहीं छुपाया हुआ था. सूखी नागपुरी पिच देखी और झट से तीनस्पिनर भर लिए. टॉस जीता और बैटिंग मांग ली. यकीनन उन्हें मालूम ही होगा कि कैसेक्वालीफायर मैच में गेंदें टर्न कर रही थीं. नाथन मैकुलम, मिशेल सेंटनर, और ईश सोढ़ीको ड्यूटी थमा दी. नाथन अपने कैरियर को कभी भी ख़त्म करने वाले हैं और बाकी के दोसिर्फ पांच मैच खेले हुए हैं. इन तीनों के सवालों के लिए इंडिया के पास कोई भी जवाबनहीं था.सबसे पहली बात, मैच हारने की सोची नहीं थी. और अगर सोची भी थी तो थोड़ी फाइट तोमांगता है न बॉस? यहां तो सब गद्दा बिछा के सो गए. सात मैच लगातार जीत के आ रही थीटीम. और ऐसे हारी जैसे लग रहा था सात महीने से गेंद और बल्ले की भेंट ही न हुई हो.न्यूज़ीलैंड ने इंडियन सबकॉन्टिनेंट की पिचों पर दो सालों से कोई मैच नहीं खेला था.खेला भी तो क्या गजब खेल दिया. अचानक ही हर किसी को इस बात पे ही शक होने लगा है किहम अगली स्टेज पे भी पहुचेंगे या नहीं?न्यूज़ीलैंड को जीतने के लिए एक शुरूआती विकेट चाहिए ही था. एक मैकुलम गया तो दूसरेने धवन को एलबीडब्लू निपटा दिया.Source: EspnCricinfoमिनटों के अन्दर रोहित शर्मा भी निकल पड़े. सेंटनर की बेहतरीन गेंद थी. पिच पे आगेनिकल आये रोहित और बल्ले का फ़ेस बंद कर दिया. गेंद पिच करके अच्छी-खासी घूम पड़ी.कीपर ने बमुश्किल कलेक्ट करके स्टम्प कर दिया.Source: EspnCricinfoये वो मौका था जहां इंडिया ने नर्वस होना और न्यूज़ीलैंड ने ये विश्वास करना शुरू करदिया था कि वो जीत सकते हैं.विराट कोहली एकमात्र आशा बने हुए थे. अपनी 27 गेंदों में पूरे कंट्रोल में दिखे.गेंद इतनी टर्न हो रही थी कि बॉडी के क्लोज़ खेलना ज़रूरी लग रहा था. ऐसे में कोहली26 गेंदों तक तो बखूबी खेलते रहे पर ईश सोढ़ी की गेंद पर डिसिप्लिन गच्चा खा गया.ड्राइव के लिए फेंकी गयी लेगस्पिन, कोहली की ड्राइव और उसपर लगा खोंचा जो सीधे कीपरके ग्लव्स में पहुंच गया. इंडिया को यहीं से हार दिखाई देने लगी थी. 39-5 का स्कोर.धोनी ने मैच के बाद कहा भी कि प्लेयर्स में एडाप्ट करने की ताकत की कमी दिखी. अगरबॉल स्पिन कर रही थी तो उसके हिसाब से बैटिंग करनी चाहिए थी.इसके पहले न्यूज़ीलैंड भी कुछ खास अच्छा नहीं कर पाई थी. गेंद बैट पे नहीं आ रही थीऔर इस वजह से उनके शॉट्स हवा में ही उठे जा रहे थे. मार्टिन गुप्टिल ने पहली गेंदपे तो छक्का रख दिया था पर अगली ही गेंद पर आउट हो गए. कॉलिन मुनरो भी छक्के सेशुरुआत करने वालों में से थे लेकिन बहुत जल्दी ही निबट गए. पॉवरप्ले में 24 डॉट बॉलके साथ मात्र 33 रन थे.Source: EspnCricinfoकोरी एंडरसन ने सबसे ज़्यादा 34 रन बनाये. हालांकि गेंदें खेलीं 42. लेकिन टीम केऐंकर बने.