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CAA-NRC, अयोध्या और जम्मू-कश्मीर पर नेशन का मूड क्या है?

आज लोकसभा चुनाव हुए तो क्या होगा मोदी सरकार का हाल?

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23 जनवरी 2020 (अपडेटेड: 24 जनवरी 2020, 08:32 AM IST)
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मोदी सरकार के द्वारा लाए गए CAA के ख़िलाफ़ देशभर में प्रोटेस्ट चल रहा है.
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मई, 2019 में मोदी सरकार की सत्ता में वापसी हुई. दूसरी बार मोदी सरकार. इसके आठ महीने बाद इंडिया टुडे-कार्वी का मूड ऑफ द नेशन (MOTN) सर्वे आ चुका है. आर्टिकल 370 में बदलाव और नागरिकता संशोधन क़ानून के बाद ये पहला सर्वे है, जिसने देश के मिज़ाज को भांपने की कोशिश की है. सर्वे से जो ख़ास बातें सामने आई वो आपको बता देते हैं. सबसे पहले बात मोदी जी की. क्योंकि तंज़ में कहें या गंभीर होकर, देश चला तो मोदी जी ही रहे हैं. वो प्रधानमंत्री हैं. और ऐसे वैसे नहीं. इंदिरा गांधी के बाद नरेंद्र मोदी पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने लगातार दो बार बहुमत जीता है. अगस्त 2019 में जब इंडिया टुडे समूह का मूड ऑफ द नेशन सर्वे आया था, तब मोदी सरकार का दूसरा कार्यकाल शुरू ही हुआ था. मोदी लोकप्रिय बने हुए थे. देश उम्मीद लगाए हुए था कि मोदी अब बड़े सुधार करेंगे. सरकार ने बड़े कदम उठाए भी. और चुस्ती से उठाए. लेकिन उनका संबंध सुस्त पड़ती अर्थव्यवस्था से नहीं था. कौन से कदमों की बात कर रहे हैं हम-
# जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी करना # नागरिकता संशोधन कानून लाना
अनुच्छेद 370 वाले कदम का कमोबेश पूरे देश ने खुले हाथों से स्वागत किया. अयोध्या भूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया जिसमें सरकार का दखल नहीं था. लेकिन जिस तरह का फैसला आया है, उसने भाजपा के एक कोर पोल प्रॉमिस के पूरे होने के लिए राह खोल दी. इसके बाद मोदी के भरोसेमंद और देश के गृहमंत्री अमित शाह एक बार फिर आगे हुए और नागरिकता संशोधन कानून (CAA) लेकर आए. लेकिन इसे 370 जैसा स्वागत नहीं मिला. राय बंटी हुई है. पूर्वोत्तर से लेकर दिल्ली तक इस कानून का विरोध हो रहा है. भाजपा अपने कदम का बचाव करने के लिए समर्थन रैलियां भी निकाल रही है. और एक के बाद एक देश और दुनिया की रेटिंग एजेंसीज़ भारतीय अर्थव्यवस्था की सुस्त पड़ती रफ्तार की ओर इशारा कर रही हैं. इन बातों के रोशनी में आप आज जानेंगे कि देश का मूड कैसा है?
पीएम मोदी सबसे लोकप्रिय बने हुए हैं. लेकिन छह महीने में उनकी लोकप्रियता में कमी आई है. फोटो- PTI पीएम मोदी सबसे लोकप्रिय बने हुए हैं. लेकिन छह महीने में उनकी लोकप्रियता में कमी आई है. फोटो- PTI

पिछले ही साल आम चुनाव हुए जिनमें भाजपा अपने दम पर 303 सांसद जिता लाई. NDA को मिलाकर आंकड़ा हुआ 353. इसके जवाब में पूरा UPA इकट्ठा होकर भी सौ का आंकड़ा नहीं छू पाया. UPA का स्कोर था 93. लेकिन अगर जनवरी, 2020 में चुनाव करवा लिए जाएं तो कौन कितने पानी में ठहरेगा?
# BJP - 271 (माने 32 सीटें घट सकती हैं) # कांग्रेस - 60 (माने 8 सीटें बढ़ सकती हैं) # NDA - 303 (माने 50 सीटों का नुकसान. वैसे इसमें से शिवसेना के सांसद हटा दिए गए हैं.) # UPA - 108 (16 सीटों की बढ़त)
ये सारा खेल वोट शेयर का है. लोकसभा चुनाव 2019 के बाद से NDA के वोट शेयर में 4 फीसदी की गिरावट नज़र आ रही है. ये 45 फीसदी से 41 फीसदी पर आ गया है. भाजपा का अपना वोट शेयर 37 फीसदी से 36 फीसदी पर आ गया है. और इसी के चलते एनडीए को 50 सीटों का नुकसान भी होने की संभावना है. यहां एक और बात है जो दिलचस्प है. एनडीए का नुकसान सीधे तौर पर UPA का फायदा बनता नहीं दिख रहा है. तो फायदा मिलेगा किसे? जवाब - अन्य. अन्य कौन? तृणमूल कांग्रेस, बीजू जनता दल, बसपा, शिवसेना, TDP, TRS और YSRCP. इनके अलावा लेफ्ट पार्टियां, INLD, AAP, PDP जैसे छोटे दल भी हैं. अकेले ये चाहें छोटी पार्टियां कहलाएं. लेकिन इनका कुल आंकड़ा देखने लायक होता है. 2019 के चुनाव में अन्य दलों को 97 सीटें मिली थीं. जनवरी, 2019 (MOTN) में अन्य दलों को 132 सीटें मिलने का अनुमान है. अन्य का कुल वोट शेयर 28 फीसदी से 30 फीसदी हो गया है. और जैसा कि आप देख ही रहे हैं, इस दो फीसदी से 35 सीटों की बढ़त मिल सकती है.
देश के अगले पीएम के तौर पर सबसे ज्यादा लोगों की पसंद मोदी हैं. उनके बाद राहुल गांधी का नंबर है. देश के अगले पीएम के तौर पर सबसे ज्यादा लोगों की पसंद मोदी हैं. उनके बाद राहुल गांधी का नंबर है.

अब आपको बताते हैं कि जनता बेस्ट प्राइम मिनिस्टर किसे मानती है. पहले नंबर पर यहां भी मोदी जी हैं. बताते चलें कि नरेंद्र मोदी सबसे लोकप्रिय भले हों. लेकिन उनकी लोकप्रियता घटी है. अगस्त, 2019 माने जब पिछला मूड ऑफ द नेशन सर्वे आया था, तब उन्हें 37 फीसदी लोग बेस्ट प्राइम मिनिस्टर मानते थे. - नरेंद्र मोदी - 34 फीसदी लोगों की पसंद - इंदिरा गांधी - 16 फीसदी - अटल बिहारी वाजपेयी - 13 फीसदी
अभी के बेस्ट प्राइम मिनिस्टर तो मोदी हैं. अगला पीएम किसे बनना चाहिए? - नरेंद्र मोदी - 53 फीसदी लोगों की पसंद - राहुल गांधी - 13 फीसदी - सोनिया गांधी - 7 फीसदी - अमित शाह - 4 फीसदी (आश्चर्यजनक)
अब आते हैं परफॉरमेंस पर. पीएम मोदी के टॉप परफॉरमर मंत्री कौनसे हैं - - अमित शाह - 43 फीसदी लोगों की पसंद - राजनाथ सिंह - 39 - नितिन गडकरी - 34 - निर्मला सीतारमण - 26
आंकड़े बहुत कुछ कहते हैं. निर्मला सीतारमण आज देश के सबसे अहम मंत्रालय को संभाल रही हैं. सबसे ज़्यादा सवाल भी उन्हीं के मंत्रालय से पूछे जाते हैं. लेकिन उनके काम को जनता ने चौथे नंबर पर रखा है.
नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ डेढ़ महीने से अधिक वक्त से प्रदर्शन जारी है. देश के अलग-अलग हिस्सों में. फोटो- PTI नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ डेढ़ महीने से अधिक वक्त से प्रदर्शन जारी है. देश के अलग-अलग हिस्सों में. फोटो- PTI

CAA और कश्मीर पर क्या बोले लोग?
- सवाल था कि "क्या जम्मू-कश्मीर को केंद्र शाषित प्रदेश बनाने का फैसला संविधान के संघीय ढांचे पर आघात है" 50% लोगों ने हां कहा. जबकि 34% लोगों का जवाब 'नहीं' था. लेकिन 58% लोगों ने माना कि इससे कश्मीर मुद्दे को स्थाई समाधान मिलेगा.
- CAA और NRC पर सवाल पूछे गए. 52% लोगों ने माना कि अल्पसंख्यक CAA और NRC से डरे हुए हैं. 53% लोगों ने ये भी माना कि ये डर जायज है. 43% लोगों ने माना कि CAA और NRC का मुद्दा महंगाई और बेरोजगारी से ध्यान भटकाने की कोशिश है.
भारतीयों ने भारत की विदेश नीति पर क्या कहा?
24% लोगों का मानना था कि भारत के लिए सबसे बड़ा खतरा सीमा पार का आतंकवाद है. जातीय हिंसा को 19% लोगों ने खतरा माना, 19% लोगों ने ये माना कि सबसे बड़ी चिंता धार्मिक उन्माद है, 11% लोग मानते हैं कि बढ़ती असहिष्णुता खतरा है. फेक न्यूज़ का डर भी लोगों में है, 7% लोग उसे बड़ा खतरा मानते हैं.
पाकिस्तान चुनावी मुद्दा बन जाता है. पर उसका इलाज कैसे हो? 59% लोगों ने कहा, जब तक सीमा पार आतंक न रुक जाए, पाकिस्तान से बातचीत बंद कर दी जाए. 27% लोगों ने कहा, नहीं! हल तो बात से ही निकलेगा. ट्रंप के रहते भारत और अमेरिका के रिश्ते बेहतर हुए हैं, ऐसा मानने वाले लोग घटे हैं. पहले 53% लोग ऐसा मानते थे अब घटकर 45% रह गए हैं.
सर्वे में ज्यादातर लोगों ने माना कि गांधी परिवार का कोई सदस्य ही कांग्रेस को पुनर्जीवित कर सकता है. फोटो- FILE सर्वे में ज्यादातर लोगों ने माना कि गांधी परिवार का कोई सदस्य ही कांग्रेस को पुनर्जीवित कर सकता है. फोटो- FILE

बात सत्ता की ही क्यों ही, विपक्ष पर लोगों की बात सुनिए कांग्रेस को आगे ले जाने के लिए 24% लोगों की पहली पसंद राहुल गांधी है. 14% लोग प्रियंका को बेहतर मानते हैं, वहीं 11% लोग सोनिया गांधी पर भरोसा जताते हैं. 34% लोगों ने माना कि सोनिया गांधी ने अध्यक्ष बनने के बाद अच्छा काम किया है. पर 58% लोग ये भी मानते हैं कि नेहरू-गांधी परिवार के बीच ही नेतृत्व का बदलना, कांग्रेस का अब तक का सबसे बड़ा संकट है.
अर्थव्यवस्था पर क्या बोले लोग सर्वे में लोगों से अर्थव्यवस्था पर सवाल पूछे गए. जीडीपी के लिए नित बुरी खबरें आ रही हैं. अर्थशास्त्री चिंता जताते हैं आर जनता क्या सोचती है? जब पूछा गया कि क्या देश 2024 तक देश 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनमी बन जाएगा तो 42% लोगों ने हां में जवाब दिया. 34% लोगों का जवाब नहीं था. बेरोजगारी सरकार के लिए चिंता होनी चाहिए, क्योंकि 32% लोगों ने माना कि बेरोजगारी से उन्हें सबसे ज्यादा असर पड़ता है. इसके बाद किसानों के मुद्दे और महंगाई थी. 39% लोगों ने माना वित्तमंत्री ने आर्थिक सुस्ती के बीचअच्छा काम किया है. जबकि 30% लोगों ने उन्हें असफल बताया.
 
उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ सर्वे में टॉप पर हैं.
उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ सर्वे में टॉप पर हैं.

सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
योगी आदित्यनाथ ने लगातार दूसरी बार बेस्ट परफॉर्मिंग चीफ मिनिस्टर वाली लिस्ट में टॉप किया है. 18% लोगों ने उन्हें अपनी पसंद बताया है. पुलिस सुधार पर किये गए उनके काम, उद्योग और पर्यटन बढ़ाने की कोशिशें, प्रधानमंत्री आवास योजना में किये गए उनके काम इस लोकप्रियता का कारण बताए गए. आंकड़े देखकर योगी आदित्यनाथ खुश भी हो सकते हैं और दुखी भी. खुश इसलिए हो सकते हैं क्योंकि टॉप 7 में वो इकलौते भाजपाई मुख्यमंत्री हैं. दुखी इसलिए हो सकते हैं क्योंकि पिछली बार यानी अगस्त 2019 में वो 20% लोगों की पहली पसंद थे. लिस्ट में दूसरे नंबर पर अरविंद केजरीवाल और ममता बनर्जी हैं. तीसरे नंबर पर नीतीश कुमार का नाम है.
अक्षय-सलमान में टाई है, लेकिन दीपिका बेस्ट मानी गईं
दीपिका पादुकोण, जेएनयू गईं. हंगामा हुआ. लेकिन सर्वे के हिसाब से लोकप्रियता में दीपिका सबसे आगे हैं. 7% लोगों ने उन्हें नंबर 1 माना, उनके बाद अनुष्का शर्मा और प्रियंका चोपड़ा का नंबर आता है. 7% लोग अक्षय कुमार को नंबर वन एक्टर मानते हैं, इतने ही लोग सलमान खान को नंबर 1 मानते हैं. अमिताभ अब भी प्रासंगिक हैं, 6% वोट के साथ नंबर दो पर हैं. आयुष्मान खुराना, शाहरुख खान की बराबरी पर जा पहुंचे हैं. दोनों 4% के साथ नंबर तीन पर हैं.
 
महिला प्लेयर्स की लिस्ट में पीवी सिंधु और पुरुष खिलाड़ियों की लिस्ट में कोहली टॉप पर हैं.
महिला प्लेयर्स की लिस्ट में पीवी सिंधु और पुरुष खिलाड़ियों की लिस्ट में कोहली टॉप पर हैं.

स्पोर्ट्स में कोहली, सिंधु और हिमा दास नंबर एक
पुरुष खिलाड़ियों में क्रिकेटर्स का दबदबा रहा. टॉप पर रहे विराट कोहली. उनके बाद रोहित शर्मा और धोनी का नाम है. महिला खिलाड़ियों में पीवी सिंधु और हिमा दास पहले नंबर पर रहीं. उनके बाद सानिया मिर्ज़ा, साइना नेहवाल और फिर मिताली राज को लोगों ने पसंद किया.


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