पांच राज्यों में चुनावों की घोषणा हो चुकी है. यूपी और मणिपुर के अलावा गोवा,पंजाब और उत्तराखंड में एक ही चरण में चुनाव हो जाएंगे. कहां किसकी सरकार बनने कीसंभावना है इसको लेकर सर्वे आने भी शुरू हो गए हैं. इंडिया टुडे और एक्सिस ने मिलकरसर्वे किया है, जिसे अब तक का सबसे बड़ा चुनावी सर्वे बताया जा रहा है. और इस सर्वेमें एक बार फिर बीजेपी को गोवा में सरकार बनाते देखा जा रहा है. यानी नोटबंदी काफैसला बीजेपी के लिए सही साबित होने जा रहा है, क्योंकि सर्वे में शामिल 63 परसेंटलोगों ने उसे सही बताया है. दूसरे नंबर पर कांग्रेस और तीसरे नंबर पर पहली बार गोवाके विधानसभा चुनाव में उतर रही आम आदमी पार्टी है. यहां सीएम के लिए पहली पसंदलक्ष्मीकांत पार्सेकर हैं. जो फ़िलहाल भी सीएम हैं.साल 2012 में गोवा में कांग्रेस को महज 9 सीटें मिलीं थीं और बीजेपी ने 21 सीटों परकब्जा कर लिया था. महाराष्ट्र गोमांतक पार्टी को 3 और निर्दलीय उम्मीदवारों ने 5सीटें जीती थीं. इस बार भी बीजेपी मज़बूत नजर आ रही है. 4 फ़रवरी को वोटिंग होनी है.उत्तर प्रदेश के दो और पंजाब का एक सर्वे जारी हो चुके हैं, जिनमें जनता के अलग-अलगरुझान देखने को मिले हैं. गोवा के सर्वे में क्या खास है वो देख लो.कौन सी पार्टी जीतेगी कितनी सीटें:गोवा में 40 सीटों पर चुनाव होना है, जिनमें बीजेपी को सबसे ज्यादा, 20 से 24 सीटेंमिलती दिख रही हैं. अगर चुनाव तक यही लहर बनी रहती है और बीजेपी इतनी सीटें हासिलकर लेती है, तो गठबंधन को लेकर शुबहा ही नहीं रहेगा. वैसे साल 2012 के मुकाबले इसबार कांग्रेस की स्थिति मज़बूत नजर आ रही है. 'आप' के होने से महाराष्ट्र गोमांतकपार्टी कहीं टिकती नजर नहीं आ रही है. बीजेपी: 20-24 कांग्रेस: 13-15 आप: 2-4 अन्य:1-4किस पार्टी के कितने वोट हाथ आएंगे:वोट प्रतिशत की बात करें, तो यहां भी बीजेपी सबसे आगे दिख रही है. 'आप' को तोनिर्दलीय उम्मीदवारों से भी कम वोट मिलते दिख रहे हैं. जबकि दूसरे नंबर पर कांग्रेसही है.बीजेपी: 41% कांग्रेस: 33% आप: 8% अन्य: 18%प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर लोगों की पहली पसंद:मौजूदा सीएम ही लोगों की पहली पसंद हैं यानी बीजेपी के लक्ष्मीकांत पार्सेकर. जोमनोहर पर्रिकर के डिफेन्स मिनिस्टर बनने के बाद सीएम बने थे. दूसरे नंबर पर हैंदिगंबर कामत, जो कांग्रेस नेता हैं. और 2007 से 2012 तक गोवा के सीएम रहे. इस बारवहां की जनता ने मनोहर पर्रिकर को तीसरे नंबर पर रखा है. लक्ष्मीकांत पार्सेकर :35% दिगंबर कामत : 20% मनोहर पर्रिकर: 17% अन्य : 28%विधानसभा चुनाव के लिए बड़े मुद्देकहीं जाति आधार बन जाती है. कहीं महंगाई तो कहीं सिर्फ चुनावी जुमले. यहां जोचुनावी मुद्दे हैं, उनमें सबसे बड़ा मुद्दा इन्फ्लेशन (मुद्रास्फीति) है. दूसराकरप्शन है. इन्फ्लेशन : 60% करप्शन : 34% ड्रग्स: 1% अन्य : 5%मौजूदा सीएम का रिपोर्ट क्या है:गोवा के लोगों ने सीएम का रिपोर्ट कार्ड भी बता दिया है. अब तक उनका का काम काजकैसा रहा है. तो जान लो लक्ष्मीकांत के काम को. वैरी गुड : 4% गुड : 38% एवरेज :34% वैरी बैड : 24%क्या बीजेपी ने पर्रिकर को दिल्ली भेजकर लोगों का समर्थन खोया है:हां : 41% नो : 33% नहीं जानते : 26%पर्रिकर वापस गोवा आते हैं तो क्या बीजेपी जीत जाएगी:इस सवाल में लोगों की रजामंदी है. लोगों का मानना है कि अगर मनोहर पर्रिकर आते हैंतो इसका फायदा बीजेपी को मिलेगा. हां : 47% नहीं : 18% नहीं जानते : 35%क्या 'आप' बेहतर सरकार दे पाएगी:आप पार्टी ने जिस तरह से दिल्ली में जीत हासिल की उसी तरह के दावे गोवा के लिए भीहैं. क्योंकि आप पहले छोटे छोटे राज्यों में अपनी पकड़ मज़बूत करने में लगी है. वहांसत्ता में आना चाहती है. लेकिन वहां के लोगों का मूड बता रहा है कि आप एक अच्छामॉडल नहीं दे पाएगी. हां : 12% नहीं : 38% पता नहीं : 10%नोटबंदी पर क्या राय है:नोटबंदी को लेकर खूब हल्ला है, विपक्षी पार्टिययां बीजेपी को घेरने की कोशिश मेंलगी हैं. और इस फैसले ने लोगों को भी खूब प्रभावित किया. तो ये फैसला गोवा के लोगकी नजर में कितना सही है. गुड : 63% बैड : 27% नहीं पता : 10%नोटबंदी से परेशानियां झेलनी पड़ीं:हां : 68 % नहीं: 32 %नोटबंदी का क्या असर हुआ:नोटबंदी से फायदा हुआ या नुकसान. इस पर भी खूब बहस हुई है और हो रही है. मगर गोवाके मतदाता क्या सोच रहे हैं. चुनाव के लिए ये जानना तो बनता ही है. ब्लैक मनी औरजाली नोट सिस्टम से बाहर : 51% आम आदमी को हुई परेशानी : 30% गरीब लोगों को फायदाहुआ : 12% सिर्फ एक सांकेतिक फैसला : 4% कोई असर नहीं पड़ा : 3%-------------------------------------------------------------------------------- सर्वे: यूपी में अबकी बार स्पष्ट बहुमत से भाजपा सरकारआपके इलाके में कब है पोलिंग, यहां जानें पांच राज्यों में वोटिंग: ये चुनाव आयोगके अहम फैसलों की लिस्ट है अखिलेश, तुम्हारा एक पन्ने का विज्ञापन लिखने वालातुम्हारा सबसे बड़ा दुश्मन है कांग्रेस के पास कैप्टन, तो अकाली दल ला रहा है जनरल