The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • india mea response on reuters report diversion of ammunition defence exports to ukraine

काल्पनिक और भ्रामक! यूक्रेन को गोला-बारूद भेजने वाली विवादित रिपोर्ट पर भारत सरकार का जवाब

India Russia Ukraine: विदेश मंत्रालय ने कहा- रिपोर्ट में भारत द्वारा उल्लंघन की बात कही गई और ऐसा कुछ नहीं हुआ है. रिपोर्ट गलत और शरारतपूर्ण है.

Advertisement
pic
20 सितंबर 2024 (अपडेटेड: 20 सितंबर 2024, 07:55 AM IST)
india mea response on reuters report diversion of ammunition defence exports to ukraine
रॉयटर्स की रिपोर्ट पर विदेश मंत्रालय का जवाब (फाइल फोटो- आजतक)
Quick AI Highlights
Click here to view more

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने 19 सितंबर को एक विवादित रिपोर्ट जारी की. दावा किया गया कि रूस के विरोध के बावजूद भारत में बना गोला-बारूद यूक्रेन भेजा जा रहा है. अब मामले पर भारत के विदेश मंत्रालय का बयान सामने आया है (India On Reuters Report). मंत्रालय ने इस रिपोर्ट को काल्पनिक और भ्रामक करार दिया है. सफाई में कहा गया कि भारत के पास सैन्य आइटम्स के एक्सपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के अनुपालन का शानदार ट्रैक रिकॉर्ड है.

19 सितंबर को विदेश मंत्रालय ने रिपोर्ट को लेकर बयान में लिखा,

हमने रॉयटर्स की रिपोर्ट देखी है. ये काल्पनिक और भ्रामक है. उसमें भारत द्वारा उल्लंघन की बात कही गई और ऐसा कुछ नहीं हुआ है. रिपोर्ट गलत और शरारतपूर्ण है. भारत के पास सैन्य और दोहरे उपयोग की वस्तुओं के निर्यात पर अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के अनुपालन का एक त्रुटिहीन ट्रैक रिकॉर्ड है. भारत अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों को ध्यान में रखते हुए और अपने खुद के मजबूत कानूनी और नियामक ढांचे के आधार पर डिफेंस एक्सपोर्ट कर रहा है. इसमें यूजर सर्टिफिकेशन समेत संबंधित मानदंडों का मूल्यांकन भी शामिल है. 

विवादित रिपोर्ट में क्या कहा गया?

रॉयटर्स ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि भारत, रूस के खिलाफ यूक्रेन की मदद के लिए करीब एक साल से यूरोप के जरिए वहां गोला-बारूद ट्रांसफर कर रहा है. इसमें ये भी आरोप लगाया गया कि रूस के विरोध के बाद भी भारत ने व्यापार रोकने के लिए हस्तक्षेप नहीं किया है. रिपोर्ट में भारत सरकार के दो रक्षा सूत्रों के हवाले से बताया गया कि भारत ने यूक्रेन में इस्तेमाल किए जा रहे गोला-बारूद की बहुत कम मात्रा का ही उत्पादन किया है. एक अधिकारी का अनुमान है कि ये युद्ध शुरू होने के बाद से यूक्रेन के इंपोर्ट किए गए कुल हथियारों का 1 परसेंट से भी कम था.

रिपोर्ट में दावा किया गया भारत को इस कदम से फायदा मिला. छह भारतीय सूत्रों के मुताबिक, भारत हथियार इंपोर्ट करने के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा देश है और वो यूरोप में चल रहे इस वॉर को अपने हथियार एक्सपोर्ट सेक्टर को बढ़ाने के अवसर के तौर पर देखता है.

ये भी पढ़ें- रूस की आपत्ति के बावजूद भारत में बना गोला-बारूद पहुंच रहा यूक्रेन, रिपोर्ट में बड़ा दावा

किंग्स कॉलेज लंदन के दक्षिण एशिया सुरक्षा विशेषज्ञ वाल्टर लाडविग ने कहा कि कम मात्रा में गोला-बारूद को डायवर्ट करना जियो पॉलिटिक्स के तौर पर भारत के लिए फायदेमंद साबित हुआ. उनके मुताबिक, इससे भारत को पश्चिम में अपने साझेदारों को ये दिखाने का मौका मिला कि वो रूस-यूक्रेन वॉर में रूस के पक्ष में नहीं है.

वीडियो: दुनियादारी: यूक्रेन को छूट देने की तैयारी, पुतिन की किस बात से मचा हड़कंप?

Advertisement

Advertisement

()