चीन के साथ सीमा विवाद बढ़ने के पीछे अब विदेश मंत्री जयशंकर ने क्या वजह बताई है?
दोनों देशों के रिश्ते वापस ट्रैक पर आने को लेकर क्या कहा, ये भी जान लीजिए
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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने चीन विवाद पर खुलकर एक इंटरव्यू में चर्चा की है. (फोटो: पीटीआई)
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि चीन के साथ भारत के रिश्ते इस वक्त अपने सबसे मुश्किल दौर में हैं. चीन की एकतरफा कार्रवाई ने लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल यानी LAC पर स्थिति को खराब किया है. उन्होंने बताया कि पुराने समझौतों को तोड़ने के लिए चीन ने 5 अलग-अलग स्पष्टीकरण दिए हैं.
विदेश मंत्री ने ऑस्ट्रेलिया के ऑस्ट्रेलिया के थिंक टैंक कहे जाने वाले लौवी इंस्टीट्यूट (The Lowy Institute) के साथ चर्चा के दौरान लद्दाख में चीन के साथ गतिरोध पर खुलकर बात की. जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों के बीच सीमा को लेकर विवाद है, लेकिन जब तक ये नहीं सुलझता, सीमा पर दोनों ही देशों को शांति रखनी होगी. सीमा चीन ने जो हरकतें की हैं, उनके कारण भारत-चीन रिश्तों में दरार आई है. जयशंकर ने कहा कि चीन की ओर से लद्दाख बॉर्डर पर दसों हजार सैनिक तैनात कर दिए गए.
चीन के साथ सीमा विवाद को आठ महीने हो रहे हैं. भारतीय विदेश मंत्री ने इसके पीछे का कारण भी बताया. उन्होंने साफ कहा कि समस्या दोनों ओर से संवाद की नहीं है, समस्या समझौतों को न मानने की है. चीन की ओर से समझौतों का पालन नहीं किया जा रहा है.
1975 के बाद पहली बार गलवान वैली (galwan valley) में फौजियों की जानें गईं. 20 भारतीय सैनिक मारे गए. इस पर उन्होंने कहा कि इस चीज ने पूरे देश की भावना को ही बदल दिया. हम आज चीन के साथ अपने संबंधों के सबसे कठिन दौर में हैं. पिछले 30-40 सालों में सबसे कठिन. उन्होंने कहा,
"लद्दाख में LAC पर चीन ने दसों हजार सैनिक और वो भी पूरी मिलिट्री तैयारी के साथ उतार दिए हैं. इससे दोनों देशों के रिश्तों में खटास आनी ही थी."जयशंकर ने कहा कि पिछले 30 सालों में जो भी अच्छी चीजें हुई थीं, जैसे चीन भारत का दूसरा सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर बन गया था, टूरिज्म और ट्रैवल के इंगेजमेंट बढ़ रहे थे, ये इसलिए था क्योंकि दोनों ओर से शांति थी. इससे पहले भी दोनों देशों के बीच फेसऑफ की स्थिति बनी है, लेकिन इस तरह अंडरस्टैंडिंग कभी नहीं टूटी. अब दोनों देशों के रिश्ते वापस ट्रैक पर कैसे आएंगे? इस पर जयशंकर ने कहा कि फिलहाल ये एक बड़ा मुद्दा है. मैंने चीन के विदेश मंत्री वांग यी (wang yi) से फोन पर बात की थी. मास्को में हुई SCO समिट में मुलाकात भी की थी. दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों, मिलिट्री अधिकारियों और राजनयिकों के बीच भी वार्ता हुई, लेकिन चीन ने फिर भी समझौतों का पालन नहीं किया. इस बातचीत का पूरा वीडियो देखें- https://www.youtube.com/watch?v=BA52q7LWQSA&feature=emb_title

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