टी-ट्वेंटी वर्ल्ड कप कुण्डी खड़का रहा है और हम कह रहे हैं कि कुण्डी मत खड़काओराजा, सीधे अन्दर आओ राजा! टूर्नामेंट के दौरान एक साथ दो गेम चलते हैं. एक मैदानके अन्दर, एक मैदान के बाहर. मैदान के अन्दर तो गेंद-बल्ले का मैच होता है और बाहरहोता है पईसे का. पईसा वही जो सट्टेबाजी में आता है. सट्टेबाजों को सोफिस्टिकेटेडभाषा में बुकीज़ कहा जाता है. बाहर देशों में सट्टेबाजी लीगल है. सबमें नहीं लेकिनहाँ, कई देशों में तो है. इंडिया में नाजायज है. आईपीएल के दौरान तो सट्टेबाज ऐसेनजर आते हैं जैसे बसंत पंचमी के तुरंत बाद आम के पेड़ पे बौर. इस बार इंडिया एकनम्बर टीम बनके सीरीज़ खेलने जा रही है. सबसे बड़ी सीरीज़. वर्ल्ड कप. ये टीम एक नम्बरदोनों ही मैदानों में है. टी-ट्वेंटी रैकिंग में भी, और सट्टेबाजी की टेबल में भी.बुकीज़ की फेवरिट टीम है टीम इंडिया. सट्टेबाजी के गणित के हिसाब से जो टीम ज़्यादासक्सेसफ़ुल होने वाली होती है, उसके कम दाम लगते हैं. ऐसा इसलिए क्यूंकि उसका जीतनातो तय ही होता है, इसलिए उसमें रिस्क कम होता है. इसलिए उसमें पईसा भी कम मिलता है.जितना ज्यादा रिस्क, उतना ज्यादा पईसा. इस हिसाब से जैसे इंडिया और ओमान का मैच पड़े(जो कि पड़ेगा नहीं) तो ओमान के जीतने पर आपको अपने रुपिये के बदले ज्यादा रिटर्नमिलेगा और इंडिया के जीतने पर उतने ही रुपिये पर कम रिटर्न मिलेगा. सट्टेबाजी जगतमें टीम की रैंकिंग और साथ ही भाव इस तरह हैं: इसका मतलब ये हुआ कि इंडिया के जीतनेपर अगर आपने 1 रुपिया लगाया है तो उसके बदले 3.3 रुपिये मिलेंगे. ऑस्ट्रेलिया पेलगे 1 रुपिये के बदले 6.4. यानी इंडिया का दुगना. यानी ऑस्ट्रेलिया के जीतने केचान्सेज़, इंडिया के जीतने से आधे हैं. इसी तरह से बैट्समैन में भी सट्टे वालीरैंकिंग बनी हुई है. बाजार पर राज कर रही है इंडिया. राजा हैं विराट कोहली और रोहितशर्मा. इसमें भी वही लॉजिक लगेगा. कोहली पर लगाये 1 रुपिये पर 9 रुपिये मिलेंगे.बॉलिंग में फिर से इंडिया के आश्विन और जडेजा ने बाजी मारी हुई है. सबसे ज्यादाविकेट लेने का पर्चा इन्हीं के नाम का फटा है. जो इस खेल के विशेषग्य हैं, कह रहेहैं कि इस बार कुल 1,000 करोड़ का सट्टा लगेगा पूरे टूर्नामेंट में. सिर्फ इंडियावर्सेज़ पाकिस्तान के मैच में 300 करोड़ दांव पे लगेंगे. पुलिस एकदम चाक-चौबस्त है.जहाँ सट्टेबाजी होते दिखी, धर लेगी. वैसे एक बात ये बता दी जाए कि सट्टेबाजी केबारे में सबसे अच्छी बात ये है कि ये सबसे ईमानदार रैंकिंग होती हैं. क्यूंकि इसमेंइमोशन्स की कोई जगह नहीं होती. इसमें लगता है पईसा. और जहाँ पईसा लगता है वहांइमोशन को एक पिटारे में बंद कर दिया जाता है. इन रैंकिंग के पीछे सिर्फ़ और सिर्फ़टीमों की पिछली परफॉरमेंस और उनका मोमेंटम होता है. जो जैसा होता है वैसा ही दिखायाजाता है. और इसलिए सट्टेबाजी में इंडियन टीम का सबसे ऊपर होना इंडिया के फैन्स केलिए काफी अच्छी खबर है.