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हॉकी में जारी है बहार, महिला टीम एशियन चैंपियन बनीं पहली बार

आखिरी 17 सेकंड में गोल करके धड़क-धड़क फाइनल में मिली जीत.

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खेल लल्लनटाप
5 नवंबर 2016 (अपडेटेड: 5 नवंबर 2016, 02:02 PM IST)
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आखिरी 17 सेकंड में भारत ने चीन को 2-1 से हराकर पहली बार महिला एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीत लिया है. 8वींं रैंक चीन ने 12वीं रैंक भारत को कल ही लीग मैच में हराया था लेकिन फाइनल मैच में भारत की टीम ने आखिरी क्षणों में रोमांचक हो चुके मैच में सब्र बनाए रखा और मैच निकाल लिया. साइन आउट क्षणों में लगभग निश्चित लग रहा था कि मैच पेनल्टी शूट आउट में जाएगा. मैच की आखिरी सीटी बजने से ठीक 32 सेकंड पहले भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला. भारत ने डायरेक्ट शॉट लेने की बजाए, इनडायरेक्ट शॉट लिया और 'प्लेयर ऑफ द मैच' दीपिका ने गेंद को गोलमुख में डाल दिया. आखिरी क्षणों का रोमांच सिर्फ यही तक खत्म नहीं हुआ बल्कि चीनी टीम ने इस गोल को देने का विरोध किया और पिच से वॉक-आउट कर दिया. चीनी कोचिंग स्टाफ ने समझा-बुझाकर टीम को वापस खेलने पर राज़ी किया. इससे पहले मैच की शुरूआत बेहद धीमी रही और 13वें मिनट में भारत की डिफेंडर दीप ग्रेस एक्का के पेनल्टी कॉर्नर कनवर्जन से 1-0 की बढ़त बनाई जो हाफ टाइम तक बनी रही.  दूसरे हाफ में 44वें मिनट में चीन की जोंग मेंगलिंग ने गोल करके मैच 1-1 पर ला खड़ा किया. इसके बाद अगले कुछ मिनट तक  चीन का पलड़ा भारी रहा.  कल के मैच में भी कुछ ऐसा ही हुआ था बस आज बारी भारत की थी. कल भारत चीन से 0-2 से पिछड़ रहा था. पूनम रानी के पेनल्टी कॉर्नर और वंदना कटारिया के फील्ड गोल की मदद से 2-2 से वापसी कर ली थी. और फिर मैच से ठीक 2 मिनट पहले समय काटने के चक्कर में भारत ने एक पेनल्टी कॉर्नर देकर मैच गंवा दिया. पर आज भारतीय टीम ने वो गलती नहीं दोहराई और डिफेंस में बिना कोई बड़ी चूक के भारतीय गोल पर चीनी-चढाई के ये मिनट्स निकाल दिए और ठीक उसी अंदाज़ में चीन को हरा दिया. भारत की टीम अंटार्कटिका में खेले तो भी 'भारत माता की जय' और 'जीतेगा भई जीतेगा हिंदुस्तान जीतेगा' के नारे लगाने वालों की कमी नहीं रहेगी. सिंगापुर के सेंगकांग हॉकी स्टेडियम में भी सिर्फ और सिर्फ भारत के समर्थक नज़र आ रहे थे. लेकिन खास बात ये थी कि इन नारों के साथ दर्शक 'हैप्पी बर्थडे मोनिका' भी गा रहे थे. भारतीय हाफ-बैक मोनिका का आज 23वां जन्मदिन था. भारत ने अपेक्षाकृत युवा टीम उतारी थी. सबसे अनुभवी खिलाड़ी विजयी गोल दागने वाली दीपिका 28 साल की हैं. अगले महीने होने वाले जूनियर वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए चीन ने  भी अपनी अंडर-21 टीम उतारी थी. अपना पहला मैच जापान से 2-2 से ड्रॉ खेलने के बाद भारत ने कोरिया के खिलाफ 1-0 से पिछड़ कर वापसी करते हुए भारत ने 2-1 से मैच जीता और फिर मलेशिया को 2-0 से हराकर लगभग फाइनल में जगह बनाई. भारत की महिला टीम ने इससे पहले 2013 में एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल खेला था और जापान से 0-1 से हार गई थी और 2010 में सिर्फ ब्रॉन्ज मिला था. ऑस्ट्रेलियन नील हॉगुड की कोचिंग में पिछले 4 सालों में ये टीम सुधार पर है. 36 साल बाद इस साल भारत को ओलंपिक में खेलने का मौका मिला. 2014 में एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीता और अब एशियन चैंपियंस ट्रॉफी. सिर्फ यही जीत नहींं बल्कि पिछले एक हफ्ते से भारत की पूरी हॉकी में बहार है. पुरूषों के एशियन चैंपियंस ट्रॉफी जीती, जूनियर टीम ने स्पेन में जर्मनी को हराकर 4 देशों का टूर्नामेंट जीता था. जीतना जितनी ज़ल्दी आदत हो जाए उतना अच्छा है.

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