The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • india condemns attack on salman rushdie after two weeks wished him speedy recovery

'भयावह हमले की निंदा करते हैं, वो जल्द ठीक हों', रुश्दी पर हमले के दो हफ्ते बाद बोला भारत

हादी मतार नाम के युवक ने अमेरिका में लेखक सलमान रुश्दी पर चाकू से हमला किया था. वो गंभीर रूप से घायल हो गए थे.

Advertisement
pic
25 अगस्त 2022 (अपडेटेड: 25 अगस्त 2022, 12:00 AM IST)
Salman Rushdie Attack India
सलमान रुश्दी और उनके ऊपर हुआ हमला. (फोटो: एपी/सोशल मीडिया)
Quick AI Highlights
Click here to view more

विश्व प्रसिद्ध लेखक सलमान रुश्दी पर हमले के दो हफ्ते बाद अब भारत ने गुरुवार 25 अगस्त को घटना की निंदा की. बीते 12 अगस्त को अमेरिका के न्यूयॉर्क के एक संस्थान में एक कार्यक्रम के दौरान एक 24 वर्षीय व्यक्ति ने उन्हें चाकू मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था. बाद में हमलावर को गिरफ्तार कर लिया गया था.

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने एक सवाल के जवाब में कहा,

'भारत हमेशा हिंसा और अतिवाद के खिलाफ खड़ा रहा है. हम सलमान रुश्दी पर हुए भयावह हमले की निंदा करते हैं और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं.'

इससे पहले सलमान रुश्दी पर हमला होने के बाद दुनियाभर के तमाम देशों ने नाराजगी जाहिर की थी, वहीं भारत की तरफ से तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं आई थी. रुश्दी के चर्चित उपन्यास 'द सैटेनिक वर्सेस' को बैन करने में भारत पहले देशों में शामिल था. साल 1989 में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला रूहोल्लाह खोमैनी ने रुश्दी की हत्या करने को लेकर धार्मिक आदेश जारी किया था.

Salman Rushdie को आईं गंभीर चोटें

अमेरिका में हुए हमले के चलते 75 वर्षीय रुश्दी के लीवर में गंभीर चोटें आई हैं. आंख और बांह में भी गंभीर चोट आई हैं. ऐसी आशंका जताई जा रही है कि रुश्दी की एक आंख हमेशा के लिए खराब हो जाएगी.

इस मामले में गिरफ्तार किए गए हमलावर का नाम हादी मतार है और उसने कहा है कि इस हमले के लिए वो खुद को दोषी नहीं मानता है. वहीं ईरान की तरफ से कहा गया है कि उसका इस हमले से कोई लेना देना नहीं है. ईरान ने कहा है कि इस हमले के लिए रुश्दी खुद जिम्मेदार हैं.

इससे पहले 'द सैटेनिक वर्सेस' का जापानी अनुवाद करने वाले शख्स को 1991 में चाकू मारा गया था और इसके दो साल बाद नॉर्वे के अनुवादक को गोली मारी गई थी.

रुश्दी पर हमले के तीन दिन बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सिर्फ ये बयान दिया था कि बुकर पुरस्कार विजेता पर हमला किया गया है. घटना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा था,

'मैंने भी इसके बारे में पढ़ा है. इस पर पूरी दुनिया का ध्यान गया है और ऐसे हमले पर दुनियाभर ने प्रतिक्रिया जाहिर की है.'

इस घटना की इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो, जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी एल्बनीज ने तत्काल निंदा की थी.

दुनियादारी: थाईलैंड में ऐसा क्या हुआ कि सुप्रीम कोर्ट ने प्रधानमंत्री को ही निलंबित कर दिया?

Advertisement

Advertisement

()