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जयशंकर ने 'पाकिस्तान यात्रा' पर उलाहना दी, तो पोलैंड के विदेश मंत्री बोले- 'भारत भी तो रूस के...'

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पोलैंड के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की की ‘पाकिस्तान यात्रा’ पर आपत्ति जताई. इस पर सिकोरस्की ने भी जवाब दिया.

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India and Poland Diplomatic spat over Pakistan and Russia jaishankar
एस जयशंकर (बायें) ने सिकोरस्की (दायें) से नई दिल्ली में मुलाकात की (X)
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अर्पित कटियार
20 जनवरी 2026 (Published: 08:58 AM IST)
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पोलैंड के विदेश मंत्री और उपप्रधानमंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की (Radoslaw Sikorski) तीन दिन के भारत दौरे पर आए. इस दौरान जयशंकर ने उनकी ‘पाकिस्तान यात्रा’ पर आपत्ति जताई और सलाह दी कि आतंकवाद को बढ़ावा देने में पोलैंड को किसी भी तरह की मदद नहीं करनी चाहिए. इस पर सिकोरस्की ने भी दो टूक जवाब दिया और कहा, “भारत ने भी तो रूस में ‘जापद एक्सरसाइज’ में हिस्सा लिया, जिसे हम खतरा मानते हैं.”

बता दें कि पिछले साल अक्टूबर में सिकोरस्की दो दिन के लिए पाकिस्तान गए थे. उन्होंने पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार से मुलाकात की थी. दोनों नेताओं ने कश्मीर को लेकर बयान भी जारी किए थे. इन बातों को लेकर एस जयशंकर ने रादोस्लाव सिकोरस्की से कहा कि पोलैंड को आतंकवाद के खिलाफ अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति को जारी रखना चाहिए.  

भारतीय विदेश मंत्री ने कहा,

आपको हमारे क्षेत्र के बारे में पूरी जानकारी है. आप हमारे देश में सीमा पार आतंकवाद की चुनौतियों को जानते हैं. मुझे उम्मीद है कि हमारी मीटिंग में हम पाकिस्तान की आपकी हालिया यात्रा पर भी बात करेंगे. पोलैंड को आतंकवाद को लेकर जीरो टॉलरेंस का रवैया अपनाना चाहिए और भारत के पड़ोस में आतंकवादी ढांचे (Terrorist Infrastructure) को बढ़ावा देने में मदद नहीं करनी चाहिए.

इस पर सिकोरस्की का भी जवाब आया. द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, सिकोरस्की ने कहा कि आतंकवाद के मुद्दे पर भारत और पोलैंड एकमत हैं, लेकिन रूस और बेलारूस में 'जापद-2025' (Zapad Exercise) मिलिट्री एक्सरसाइज में भारत की भागीदारी को ‘खतरनाक’ माना गया. उन्होंने आगे कहा,

हम सभी की क्षेत्रीय चिंताएं हैं और हम सभी के पड़ोसी हैं. पड़ोसियों के साथ अवसर और चुनौतियां दोनों होती हैं. हमारी चिंताएं भी हैं. भारत ने रूस में जापद एक्सरसाइज में भाग लिया, जिसे हम खतरा मानते हैं.

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भारत और पोलैंड के बीच मतभेदों की खबर असामान्य मानी जा रही है. बीते कुछ सालों में नई दिल्ली और वारसॉ के रिश्ते बेहतर हुए हैं. साथ ही भारत और यूरोपीय संघ अगले हफ्ते एक अहम व्यापार समझौते के करीब हैं. पोलिश मंत्री की यह यात्रा अगस्त 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वारसॉ यात्रा के बाद पहली है, जब मोदी वहां से यूक्रेन भी गए थे.

वीडियो: दुनियादारी: पोलैंड में 34 सालों का सबसे बड़ा प्रोटेस्ट, रूस-यूक्रेन युद्ध में क्या बदल जाएगा?

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