काली कमाई नहीं, डकैती का माल है, दहेज में मिला था!
नंबर दो का माल था. कहां से आया, पूछने पर वजह बताए जो निगला ही नहीं जा रहा.
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फोटो - thelallantop
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2002 की बात है. वर्मा जी धरे गए. वर्मा जी कौन? राम अवतार वर्मा, अभी इंदौर में हैं. आयकर विभाग में जॉइंट कमिश्नर. 2002 में जब जयपुर में इनकम टैक्स अफसर थे. तब उन पर छापा पड़ा. उनके पास जो प्रॉपर्टी निकली वो उनकी कमाई से 383 गुना ज्यादा थी.

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सीबीआई से पूछताछ में बताए. हमारी मैडम के दादा डकैत थे. दहेज़ में 80 तोला सोना दे दिए थे. वही आय से अधिक निकल गया है. सबूत मांगने पर कहे 40 साल पहले डकैत होते थे. अब कहां से ले आएं सबूत?
अब सीबीआई वालों और जांच एजेंसियों को ये पच नहीं रहा. कहते हैं, 24 लाख का सोना रहा होगा, तब भी आज के हिसाब से इनकी नंबर दो की कमाई बहुत ज्यादा है. और जो वजह ये बता रहे हैं वो पहली तो हजम नहीं होती. दूसरे गैरकानूनी भी है.

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सीबीआई से पूछताछ में बताए. हमारी मैडम के दादा डकैत थे. दहेज़ में 80 तोला सोना दे दिए थे. वही आय से अधिक निकल गया है. सबूत मांगने पर कहे 40 साल पहले डकैत होते थे. अब कहां से ले आएं सबूत?
अब सीबीआई वालों और जांच एजेंसियों को ये पच नहीं रहा. कहते हैं, 24 लाख का सोना रहा होगा, तब भी आज के हिसाब से इनकी नंबर दो की कमाई बहुत ज्यादा है. और जो वजह ये बता रहे हैं वो पहली तो हजम नहीं होती. दूसरे गैरकानूनी भी है.

